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सीएम से मिलने से रोका हो होगा आंदोलन- नरेंद्र राणा
Updated Wed, 20 Dec 2017 01:14 AM IST
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बड़ौत (बागपत)।
किसान अधिकार आंदोलन के संयोजक चौधरी नरेंद्र राणा ने कहा जिला प्रशासन रमाला में किसान संगठनों के प्रतिनिधियों को सीएम से मिलने की इजाजत नहीं दे रहा है। इससे उनमें आक्रोश व्याप्त है।
उन्होंने पत्रकारों से बातचीत में बताया कि किसान अधिकार आंदोलन शांति प्रिय संगठन है और किसी भी अव्यवस्था के पक्ष में नहीं रहता है। इस लिए दो दिन पहले चौगामा प्याऊ पर हुई बैठक में मुख्यमंत्री से एक प्रतिनिधि मंडल के द्वारा शांति पूर्वक मिलकर समस्याओं का समाधान कराने का निर्णय लिया , लेकिन प्रशासन भाजपा के लोगों के अलावा किसी भी किसान संगठन या प्रतिनिधि मंडल के पास बनाने की व्यवस्था नहीं कर रहा है। यदि मुख्यमंत्री के कार्यक्रम में कोई भी अव्यवस्था जनता के द्वारा की जाती है तो उसके लिए प्रशासन और शासन स्वयं जिम्मेदार होंगे। किसान अधिकार आंदोलन प्रदेश में बढ़ी विद्युत दर, चौगामा नहर का निर्माण कार्य, समतलीकरण, गन्ना भुगतान, आवारा गौवंश की बढ़ती जनसंख्या पर नियंत्रण, पशु पॉली क्लीनिक बिजरौल को चालू कराने आदि समस्याओं को लेकर प्रतिनिधि मंडल शांति पूर्वक मुख्यमंत्री से समाधान की अपेक्षा रखता है। अगर समाधान नहीं होता है तो 31 दिसंबर में होने वाली चौगामा प्याऊ की पंचायत में आंदोलन का बिगुल फूंका जाएगा।
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किसान अधिकार आंदोलन के संयोजक चौधरी नरेंद्र राणा ने कहा जिला प्रशासन रमाला में किसान संगठनों के प्रतिनिधियों को सीएम से मिलने की इजाजत नहीं दे रहा है। इससे उनमें आक्रोश व्याप्त है।
उन्होंने पत्रकारों से बातचीत में बताया कि किसान अधिकार आंदोलन शांति प्रिय संगठन है और किसी भी अव्यवस्था के पक्ष में नहीं रहता है। इस लिए दो दिन पहले चौगामा प्याऊ पर हुई बैठक में मुख्यमंत्री से एक प्रतिनिधि मंडल के द्वारा शांति पूर्वक मिलकर समस्याओं का समाधान कराने का निर्णय लिया , लेकिन प्रशासन भाजपा के लोगों के अलावा किसी भी किसान संगठन या प्रतिनिधि मंडल के पास बनाने की व्यवस्था नहीं कर रहा है। यदि मुख्यमंत्री के कार्यक्रम में कोई भी अव्यवस्था जनता के द्वारा की जाती है तो उसके लिए प्रशासन और शासन स्वयं जिम्मेदार होंगे। किसान अधिकार आंदोलन प्रदेश में बढ़ी विद्युत दर, चौगामा नहर का निर्माण कार्य, समतलीकरण, गन्ना भुगतान, आवारा गौवंश की बढ़ती जनसंख्या पर नियंत्रण, पशु पॉली क्लीनिक बिजरौल को चालू कराने आदि समस्याओं को लेकर प्रतिनिधि मंडल शांति पूर्वक मुख्यमंत्री से समाधान की अपेक्षा रखता है। अगर समाधान नहीं होता है तो 31 दिसंबर में होने वाली चौगामा प्याऊ की पंचायत में आंदोलन का बिगुल फूंका जाएगा।
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