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रेस्टोरेंट संचालक नहीं दे रहे पक्की रसीद
Updated Thu, 13 Jul 2017 12:51 AM IST
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बड़ौत (बागपत)।
जीएसटी मेें सर्विस टैक्स देने से बचने के लिए क्षेत्र के अधिकांश रेस्टोरेंट संचालक लोगों को पक्की रसीद नहीं दे रहे हैं। इससे लोगों में आक्रोश पनप रहा है। उन्होंने व्यापार कर विभाग के अधिकारियों से मामले की जांच कर कार्रवाई करने की मांग उठाई।
जीएसटी लागू हुए 12 दिन बीत चुके हैं, लेकिन अभी तक तमाम कारोबारी अपने व्यवसाय में इसे लागू नहीं कर रहे हैं। रेस्टोरेंट भी इनमें मेें एक है। इनमें छोटे बिलों के तो सर्विस टैक्स के साथ पर्चे काटे जा रहे हैं, लेकिन बड़े बिल में सर्विस टैक्स नहीं लिया जा रहा है और हाथ से सादे कागज पर लिखकर बिल दिया जा रहा है। इसमें बबलू मलिक, गौरव मलिक, सचिन चौहान, रवि चौहान, अमित तोमर, सुमित तोमर, मन्नू, चिंटू आदि रहे। फिलहाल इनकी कोई चेकिंग भी नहीं की जा रही है। इसे लोगों में आक्रोश पनप रहा है। दूसरी तरफ रेस्टोरेंट संचालक सचिन सक्सेना, प्रवीण, देवेंद्र आदि ने कहा यदि बड़े कस्टमर अगर भारी सर्विस टैक्स की वजह से टूटकर दूसरे रेस्टारेंट में जाने लगे तो उन्हें बड़ा नुकसान हो जाएगा।
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जीएसटी मेें सर्विस टैक्स देने से बचने के लिए क्षेत्र के अधिकांश रेस्टोरेंट संचालक लोगों को पक्की रसीद नहीं दे रहे हैं। इससे लोगों में आक्रोश पनप रहा है। उन्होंने व्यापार कर विभाग के अधिकारियों से मामले की जांच कर कार्रवाई करने की मांग उठाई।
जीएसटी लागू हुए 12 दिन बीत चुके हैं, लेकिन अभी तक तमाम कारोबारी अपने व्यवसाय में इसे लागू नहीं कर रहे हैं। रेस्टोरेंट भी इनमें मेें एक है। इनमें छोटे बिलों के तो सर्विस टैक्स के साथ पर्चे काटे जा रहे हैं, लेकिन बड़े बिल में सर्विस टैक्स नहीं लिया जा रहा है और हाथ से सादे कागज पर लिखकर बिल दिया जा रहा है। इसमें बबलू मलिक, गौरव मलिक, सचिन चौहान, रवि चौहान, अमित तोमर, सुमित तोमर, मन्नू, चिंटू आदि रहे। फिलहाल इनकी कोई चेकिंग भी नहीं की जा रही है। इसे लोगों में आक्रोश पनप रहा है। दूसरी तरफ रेस्टोरेंट संचालक सचिन सक्सेना, प्रवीण, देवेंद्र आदि ने कहा यदि बड़े कस्टमर अगर भारी सर्विस टैक्स की वजह से टूटकर दूसरे रेस्टारेंट में जाने लगे तो उन्हें बड़ा नुकसान हो जाएगा।
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