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जुड़वां बेटियों के जन्म पर मनाई खुशियां, पौधरोपण
Updated Mon, 19 Mar 2018 12:51 AM IST
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बागपत। बेटी को लेकर नजरिया बदल रहा है। निरपुड़ा गांव के संजीव के घर पर जुड़वां बेटियों के जन्म होने पर उत्सव बनाया गया। हर्षोल्लास के बीच भव्य भोज किया। यज्ञ का भी आयोजन हुआ।
निरपुड़ा गांव निवासी और नोएडा में एक प्राइवेट कंपनी में नौकरी वाले संजीव के घर पर दो जुड़वां बेटियों ने जन्म लिया। बेटियों के जन्म की खुशियां मनाई गई। रविवार को संजीव ने घर में क्षेत्रवासियों को दावत पर बुलाया। प्रात: हवन का आयोजन किया गया। हवन में सैकड़ों लोगों ने आहुतियां दी और नन्हीं बेटियों को आशीर्वाद दिया। महिलाओं ने मंगल गीत गाए। पंडित बिल्लू शर्मा, पूर्व प्रधान कृष्णपाल राणा, इंद्रपाल सिंह, सूबेदार प्रताप सिंह, हरबीर सिंह, यशपाल, तेजपाल सिंह, विकास, मेघराज आदि शामिल रहे।
दस साल बाद घर में आई खुशी
बागपत। संजीव के पिता वीरेंद्र सिंह किसान है और खेतीबाड़ी करते है। पिता ने बताया कि संजीव की शादी को दस बीत गए हैं। 10 साल बाद उनके घर में खुशी आई है। इस अवसर पर दो पौधों का रोपण भी किया। इन दोनों पेड़ों का नाम बेटियों के नाम पर रखा जाएगा और बेटियों की तरह ही इनकी देख भाल की जाएगी।
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बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ
बागपत। जुड़वा बेटियों के पिता संजीव और मां शालिनी ने कहा कि समाज को रूढ़िवादी परंपरा तोड़कर आगे बढ़ना होगा। यदि बेटियों के साथ अन्याय होता रहा है तो समाज की बर्बादी तय है। इसलिए बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ। उन्होंने कहा बेटी पढ़ेगी तो दो घर में शिक्षा का अलख जलेगा।
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निरपुड़ा गांव निवासी और नोएडा में एक प्राइवेट कंपनी में नौकरी वाले संजीव के घर पर दो जुड़वां बेटियों ने जन्म लिया। बेटियों के जन्म की खुशियां मनाई गई। रविवार को संजीव ने घर में क्षेत्रवासियों को दावत पर बुलाया। प्रात: हवन का आयोजन किया गया। हवन में सैकड़ों लोगों ने आहुतियां दी और नन्हीं बेटियों को आशीर्वाद दिया। महिलाओं ने मंगल गीत गाए। पंडित बिल्लू शर्मा, पूर्व प्रधान कृष्णपाल राणा, इंद्रपाल सिंह, सूबेदार प्रताप सिंह, हरबीर सिंह, यशपाल, तेजपाल सिंह, विकास, मेघराज आदि शामिल रहे।
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दस साल बाद घर में आई खुशी
बागपत। संजीव के पिता वीरेंद्र सिंह किसान है और खेतीबाड़ी करते है। पिता ने बताया कि संजीव की शादी को दस बीत गए हैं। 10 साल बाद उनके घर में खुशी आई है। इस अवसर पर दो पौधों का रोपण भी किया। इन दोनों पेड़ों का नाम बेटियों के नाम पर रखा जाएगा और बेटियों की तरह ही इनकी देख भाल की जाएगी।
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बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ
बागपत। जुड़वा बेटियों के पिता संजीव और मां शालिनी ने कहा कि समाज को रूढ़िवादी परंपरा तोड़कर आगे बढ़ना होगा। यदि बेटियों के साथ अन्याय होता रहा है तो समाज की बर्बादी तय है। इसलिए बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ। उन्होंने कहा बेटी पढ़ेगी तो दो घर में शिक्षा का अलख जलेगा।