{"_id":"5a357e184f1c1baf678c2010","slug":"161513455128-baghpat-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"जेल में पांच बंदियों की हालत बिगड़ी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जेल में पांच बंदियों की हालत बिगड़ी
Updated Sun, 17 Dec 2017 01:46 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बागपत। नमक हराम, शराबी समेत कई फिल्मों के प्रोडक्शन मैनेजर समेत पांच बंदियों की जिला कारागार में हालत बिगड़ गई। उनको इलाज के लिए जिला अस्पताल लाया गया।
रमाला क्षेत्र के बूढ़पुर गांव के सुरेश पाल सिंह ट्रिपल मर्डर केस में आजीवन कारावास की सजा जिला कारागार में काट रहे है। वह दर्जनों फिल्मों के प्रोडेक्शन मैनेजर रह चुके हैं। इनमें नमक हराम, शराबी, मुकंदर का सिकंदर, लावारिस, लक्ष्मण रेखा, जुल्मी फिल्म शामिल है। उनकी आंख में परेशानी हो गई। उनका जेल अस्पताल में इलाज कराया गया, लेकिन आंखें ठीक नहीं हुई। शनिवार को पुलिस उनको इलाज के लिए जिला अस्पताल लेकर पहुंची, वहां पर उनका उपचार हुआ। इसके अलावा जेल में बंद ढ़िकाना गांव के सुभाष, बड़ावद गांव के लख्मीरा, हेवा गांव के रविंद्र के अलावा फिरोज की भी हालत बिगड़ गई। उनको भी इलाज के लिए जिला अस्पताल लाया गया। उधर, जेलर बीएन मिश्रा का कहना है कि बंदी कोर्ट में पेशी के लिए गए थे, हो सकता है कि पुलिसवाले उनको जिला अस्पताल में इलाज के लिए लेकर चले गए हो। जेल से कोई बंदी इलाज के लिए अस्पताल नहीं गया है।
इलाज न होने का लगाया आरोप
बागपत। इलाज कराने आए बंदी फिरोज ने चिकित्सकों पर इलाज न करने का आरोप लगाया। उसका कहना है कि उसके पेट में दर्द है। उधर चिकित्सकों का कहना है कि अस्पताल में आए सभी बंदियों का इलाज किया गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन
रमाला क्षेत्र के बूढ़पुर गांव के सुरेश पाल सिंह ट्रिपल मर्डर केस में आजीवन कारावास की सजा जिला कारागार में काट रहे है। वह दर्जनों फिल्मों के प्रोडेक्शन मैनेजर रह चुके हैं। इनमें नमक हराम, शराबी, मुकंदर का सिकंदर, लावारिस, लक्ष्मण रेखा, जुल्मी फिल्म शामिल है। उनकी आंख में परेशानी हो गई। उनका जेल अस्पताल में इलाज कराया गया, लेकिन आंखें ठीक नहीं हुई। शनिवार को पुलिस उनको इलाज के लिए जिला अस्पताल लेकर पहुंची, वहां पर उनका उपचार हुआ। इसके अलावा जेल में बंद ढ़िकाना गांव के सुभाष, बड़ावद गांव के लख्मीरा, हेवा गांव के रविंद्र के अलावा फिरोज की भी हालत बिगड़ गई। उनको भी इलाज के लिए जिला अस्पताल लाया गया। उधर, जेलर बीएन मिश्रा का कहना है कि बंदी कोर्ट में पेशी के लिए गए थे, हो सकता है कि पुलिसवाले उनको जिला अस्पताल में इलाज के लिए लेकर चले गए हो। जेल से कोई बंदी इलाज के लिए अस्पताल नहीं गया है।
विज्ञापन
इलाज न होने का लगाया आरोप
बागपत। इलाज कराने आए बंदी फिरोज ने चिकित्सकों पर इलाज न करने का आरोप लगाया। उसका कहना है कि उसके पेट में दर्द है। उधर चिकित्सकों का कहना है कि अस्पताल में आए सभी बंदियों का इलाज किया गया है।
विज्ञापन