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किसानों की सुध लेने नहीं पहुंचा कोई अधिकारी
Updated Mon, 28 May 2018 01:08 AM IST
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दोघट (बागपत)। कस्बा टीकरी के जंगल में रास्ते की मांग को लेकर किसानों की भूख हड़ताल दूसरे दिन भी जारी रही। किसी भी अधिकारी ने अभी तक किसानों की सुध नहीं ली है।
टीकरी के जंगल में किसान शीशपाल पुत्र बारू और सत्यपाल पुत्र जयसिंह अपने ही खेत में दो दिन से भूख हड़ताल पर बैठे हैं। बदन झुलसा देने वाली गर्मी के चलते उनकी हालत बिगड़ रही है। उनका कहना है कि जब कि उनकी समस्या का समाधान नहीं हो जाता, तब तक वे भूख हड़ताल समाप्त नहीं करेंगे। उन्होंने बताया कि चकबंदी विभाग ने 2008 में उनके खेत में जाने वाली चकरोड को समाप्त कर दिया। दस साल से वे चकरोड के लिए अधिकारियों के चक्कर काट रहे हैं। उनकी कोई सुनने वाला नहीं है। उन्होंने मुख्यमंत्री तक शिकायत की। चकबंदी अधिकारियों को कई बार रिश्वत भी दी। इसके बाद भी उन्हें चकरोड नहीं मिली। किसानों की सुध लेने कोई अधिकारी नहीं पहुंचा। किसानों ने आक्रोश जताया।
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टीकरी के जंगल में किसान शीशपाल पुत्र बारू और सत्यपाल पुत्र जयसिंह अपने ही खेत में दो दिन से भूख हड़ताल पर बैठे हैं। बदन झुलसा देने वाली गर्मी के चलते उनकी हालत बिगड़ रही है। उनका कहना है कि जब कि उनकी समस्या का समाधान नहीं हो जाता, तब तक वे भूख हड़ताल समाप्त नहीं करेंगे। उन्होंने बताया कि चकबंदी विभाग ने 2008 में उनके खेत में जाने वाली चकरोड को समाप्त कर दिया। दस साल से वे चकरोड के लिए अधिकारियों के चक्कर काट रहे हैं। उनकी कोई सुनने वाला नहीं है। उन्होंने मुख्यमंत्री तक शिकायत की। चकबंदी अधिकारियों को कई बार रिश्वत भी दी। इसके बाद भी उन्हें चकरोड नहीं मिली। किसानों की सुध लेने कोई अधिकारी नहीं पहुंचा। किसानों ने आक्रोश जताया।
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