{"_id":"5ace64474f1c1bd63d8b49f7","slug":"151523475527-baghpat-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"सिस्टम की अनदेखी से लोगों का हाइवे पर चलना दुश्वारियों भरा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सिस्टम की अनदेखी से लोगों का हाइवे पर चलना दुश्वारियों भरा
Updated Thu, 12 Apr 2018 01:08 AM IST
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बागपत। गढ़-सोनीपत हाइवे का बागपत-मेरठ का हिस्सा लोगों के लिए आफत बन चुका है। गड्ढों की संख्या सैकड़ों में है। मेरठ तक जाने में ही दो से ढाई घंटे वाहन चालकों को लग जाते हैं। आए दिन हादसे हो रहे हैं। सिस्टम की अनदेखी से लोगों का हाइवे से गुजरना दुश्वारियों भरा है। लोक निर्माण विभाग ने करीब तीन माह पहले ही हाइवे को एनएच को हैंडओवर कर दिया था। निर्माण का कार्य सर्वे में उलझा है, लेकिन इस बीच इसके गड्ढे जानलेवा बन गए हैं। बालैनी पुल से अग्रवाल मंडी टटीरी तक के हिस्सो में गड्ढे ही गड्ढे हैं। मेरठ जाने का यही मुख्य मार्ग है, इस कारण दैनिक यात्री भी परेशान हैं। मेरठ और बागपत के अधिकारी भी समस्या से अंजान नहीं है, लेकिन अभी तक हाइवे का निर्माण कार्य शुरू नहीं हो सका है। इस मार्ग पर शिक्षण संस्थाओं की अधिकता है, इससे बच्चों को भी परेशानी होना लाजिमी है। एनएच गाजियाबाद के अवर अभियंता एके बंसल ने कहा गढ़-सोनीपत हाइवे की मरम्मत के लिए बजट भेजा गया है। इसके स्वीकृत होते ही गड्ढों भरवाने का कार्य किया जाएगा।
जानलेवा है हाइवे
बागपत। ढिकौली इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य राकेश मोहन की मौत हाइवे पर गड्ढों के कारण हुई। दूसरे प्रधानाचार्य राम कुमार त्यागी अभी भी जिंदगी और मौत के बीच में जूझ रहे हैं। पिलाना भट्ठे के पास ट्रैक्टर-ट्रॉली और केंटर की टक्कर भी गड्ढों की वजह से हुई, इसमें युवक की मौत हो गई थी। अनियंत्रित होकर वाहन पलटने के मामले रोजाना सामने आते हैं। पिछले वर्ष दिसंबर में एक ही परिवार के तीन लोगों की मौत हो गई थी।
क्या कहते हैं लोग
बालैनी के भट्ठा व्यवसायी विनोद जैन का कहना है कि आए दिन गड्ढों के कारण हादसे होते हैं। समस्या का समाधान होना चाहिए।
बालैनी के दुकानदार संजय कुमार का कहना है कि उनकी दुकानें भी ठप होने लगी है। खराब सड़क के चलते ग्राहक नहीं आते हैं।
सिंघावली अहीर के कंवर पाल ने कहा बच्चों को भी सड़क से स्कूल भेजते हुए डर लगता है। दुपहिया वाहन रोजाना दुर्घटनाग्रस्त होते हैं।
सिंघावली अहीर के तसव्वर का कहना है कि प्रशासन को प्राथमिकता से आम जन की समस्या का समाधान कराना चाहिए।
पिलाना निवासी दीपक यादव का कहना है कि सिस्टम की अनदेखी से 50 से अधिक गांव के लोग परेशान हैं। किसी को फिक्र नहीं।
अग्रवाल मंडी टटीरी के मुकेश रूहैला कहते हैं कि मेरठ-बागपत मार्ग पर सबसे ज्यादा हादसे हो रहे हैं। गड्ढे ही इसकी वजह है।
बड़ी संख्या में गुजरते हैं वाहन
बागपत। गढ़-सोनीपत हाइवे पर बड़ी संख्या में वाहन गुजरते हैं। हरियाणा से मेरठ जाने वाले वाहन वाया बागपत होते हुए इसी मार्ग से जाते हैं। सोनीपत के हिस्से में काम चल रहा है, लेकिन बागपत और मेरठ में काम नहीं चल रहा है। बागपत में करीब 30 किमी का टुकड़ा इस हाइवे का है।
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जानलेवा है हाइवे
बागपत। ढिकौली इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य राकेश मोहन की मौत हाइवे पर गड्ढों के कारण हुई। दूसरे प्रधानाचार्य राम कुमार त्यागी अभी भी जिंदगी और मौत के बीच में जूझ रहे हैं। पिलाना भट्ठे के पास ट्रैक्टर-ट्रॉली और केंटर की टक्कर भी गड्ढों की वजह से हुई, इसमें युवक की मौत हो गई थी। अनियंत्रित होकर वाहन पलटने के मामले रोजाना सामने आते हैं। पिछले वर्ष दिसंबर में एक ही परिवार के तीन लोगों की मौत हो गई थी।
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क्या कहते हैं लोग
बालैनी के भट्ठा व्यवसायी विनोद जैन का कहना है कि आए दिन गड्ढों के कारण हादसे होते हैं। समस्या का समाधान होना चाहिए।
बालैनी के दुकानदार संजय कुमार का कहना है कि उनकी दुकानें भी ठप होने लगी है। खराब सड़क के चलते ग्राहक नहीं आते हैं।
सिंघावली अहीर के कंवर पाल ने कहा बच्चों को भी सड़क से स्कूल भेजते हुए डर लगता है। दुपहिया वाहन रोजाना दुर्घटनाग्रस्त होते हैं।
सिंघावली अहीर के तसव्वर का कहना है कि प्रशासन को प्राथमिकता से आम जन की समस्या का समाधान कराना चाहिए।
पिलाना निवासी दीपक यादव का कहना है कि सिस्टम की अनदेखी से 50 से अधिक गांव के लोग परेशान हैं। किसी को फिक्र नहीं।
अग्रवाल मंडी टटीरी के मुकेश रूहैला कहते हैं कि मेरठ-बागपत मार्ग पर सबसे ज्यादा हादसे हो रहे हैं। गड्ढे ही इसकी वजह है।
बड़ी संख्या में गुजरते हैं वाहन
बागपत। गढ़-सोनीपत हाइवे पर बड़ी संख्या में वाहन गुजरते हैं। हरियाणा से मेरठ जाने वाले वाहन वाया बागपत होते हुए इसी मार्ग से जाते हैं। सोनीपत के हिस्से में काम चल रहा है, लेकिन बागपत और मेरठ में काम नहीं चल रहा है। बागपत में करीब 30 किमी का टुकड़ा इस हाइवे का है।
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