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ओडीएफ घोषित हो चुके जिले में फिर बनेंगे 3826 शौचालय
Updated Mon, 17 Dec 2018 01:07 AM IST
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बागपत। जिले को भले ही एक साल पहले ओडीएफ घोषित किया जा चुका हो, लेकिन यहां फिर से शौचालयों का निर्माण होगा। पुरानी सूची में में छूट गए परिवारों को लाभार्थी सूची में शामिल किया है। ऐसे लोगों की संख्या एक या दो नहीं बल्कि 3826 हैं। इसके लिए बजट स्वीकृत हो गया है। जल्द निर्माण कार्य शुरू कराया जाएगा। डीपीआरओ आलोक शर्मा ने इसकी पुष्टि की है।
बागपत के 245 गांवों में प्रशासन की ओर से वर्ष 2017 में 32569 शौचालयों का निर्माण कराया। इसके तहत जिले को प्रशासन ने ओडीएफ (खुले में शौच मुक्त) घोषित कराया। इसे उपलब्धि बताते हुए तत्कालीन सीडीओ चांदनी सिंह को लखनऊ में सम्मानित किया। यही नहीं सबसे पहले जिले को ओडीएफ कराने में बागपत प्रदेश के टॉप-10 जिलों में शामिल हो गया, लेकिन शौचालय निर्माण के लिए मिल रहे आवेदनों को देखते फिर से जांच कराई । वर्ष 2012 के सर्वे के अनुसार उन परिवारों का सर्वेक्षण कराया जो शौचालय विहीन थे। जिसके अनुसार जिले में 3826 परिवार ऐसे मिले, जिनके पास शौचालय नहीं हैं। प्रशासन ने दोबारा सूची शासन को भेजी। शासन से प्रति शौचालय 12 हजार रुपये के दर से अनुदान पर शौचालय निर्माण की स्वीकृति दे दी है। जल्द ही यहां निर्माण कार्य शुरू हो जाएगा। डीपीआरओ आलोक शर्मा ने बताया कि सर्वेक्षण में 3826 परिवार शौचालय विहीन मिले थे। शासन से निर्माण के लिए बजट स्वीकृत हो गया। जल्द निर्माण कार्य शुरू कराया जाएगा।
कहां कितने बनेंगे शौचालय
ब्लॉक शौचालयों की संख्या
बागपत 390
बड़ौत 601
बिनौली 1141
छपरौली 389
खेकड़ा 305
पिलाना 1000
इस तरह किया गया चयन
बागपत। स्वच्छ भारत मिशन के जिला समन्वयक नरेंद्र उज्ज्वल ने बताया कि दिव्यांग, भूमिहीन परिवार, एससी/ एसटी, महिला मुखिया, लघु एवं सीमांत कृषक को शौचालय के लिए लाभार्थी बनाया गया है। इस तरह जिले में 3826 परिवार मिले हैं।
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बिनौली और खेकड़ा में सबसे ज्यादा लाभार्थी
बागपत। प्रशासन की ओर से कराई गई जांच में बिनौली और खेकड़ा में सबसे ज्यादा लाभार्थी मिले हैं। बिनौली ब्लॉक में 1141 परिवारों को शौचालयों का लाभ मिलेगा।
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बागपत के 245 गांवों में प्रशासन की ओर से वर्ष 2017 में 32569 शौचालयों का निर्माण कराया। इसके तहत जिले को प्रशासन ने ओडीएफ (खुले में शौच मुक्त) घोषित कराया। इसे उपलब्धि बताते हुए तत्कालीन सीडीओ चांदनी सिंह को लखनऊ में सम्मानित किया। यही नहीं सबसे पहले जिले को ओडीएफ कराने में बागपत प्रदेश के टॉप-10 जिलों में शामिल हो गया, लेकिन शौचालय निर्माण के लिए मिल रहे आवेदनों को देखते फिर से जांच कराई । वर्ष 2012 के सर्वे के अनुसार उन परिवारों का सर्वेक्षण कराया जो शौचालय विहीन थे। जिसके अनुसार जिले में 3826 परिवार ऐसे मिले, जिनके पास शौचालय नहीं हैं। प्रशासन ने दोबारा सूची शासन को भेजी। शासन से प्रति शौचालय 12 हजार रुपये के दर से अनुदान पर शौचालय निर्माण की स्वीकृति दे दी है। जल्द ही यहां निर्माण कार्य शुरू हो जाएगा। डीपीआरओ आलोक शर्मा ने बताया कि सर्वेक्षण में 3826 परिवार शौचालय विहीन मिले थे। शासन से निर्माण के लिए बजट स्वीकृत हो गया। जल्द निर्माण कार्य शुरू कराया जाएगा।
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कहां कितने बनेंगे शौचालय
ब्लॉक शौचालयों की संख्या
बागपत 390
बड़ौत 601
बिनौली 1141
छपरौली 389
खेकड़ा 305
पिलाना 1000
इस तरह किया गया चयन
बागपत। स्वच्छ भारत मिशन के जिला समन्वयक नरेंद्र उज्ज्वल ने बताया कि दिव्यांग, भूमिहीन परिवार, एससी/ एसटी, महिला मुखिया, लघु एवं सीमांत कृषक को शौचालय के लिए लाभार्थी बनाया गया है। इस तरह जिले में 3826 परिवार मिले हैं।
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बिनौली और खेकड़ा में सबसे ज्यादा लाभार्थी
बागपत। प्रशासन की ओर से कराई गई जांच में बिनौली और खेकड़ा में सबसे ज्यादा लाभार्थी मिले हैं। बिनौली ब्लॉक में 1141 परिवारों को शौचालयों का लाभ मिलेगा।