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मनुष्य जीवन को सार्थक करने के लिए पुरुषार्थ करना चाहिए
Updated Thu, 22 Feb 2018 01:48 AM IST
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बिनौली (बागपत)। बरनावा के लाक्षागृह स्थित श्री महानंद संस्कृत गुरुकुल विद्यालय में गांधी धाम समिति के तत्वावधान में 59 वें विश्व कल्याण चतुर्वेद परायण महायज्ञ के चतुर्थ दिवस वैदिक विद्वान आचार्य गुरुवचन शास्त्री ने कहा मनुष्य जीवन को सार्थक करने के लिए पुरुषार्थ करना चाहिए।
उन्होंने कहा कि हम वेद मार्ग पर चलते हुए ज्ञान प्राप्ति, उपासना व समाजोत्थान के जितने कार्य करेंगे, उससे हमारा वर्तमान और भावी जीवन यशस्वी व सुखमय होगा। हमारा जीवन प्रारब्ध की नींव पर बना है और जीवन सार्थक करने के लिए हमें पुरुषार्थ करना है। पुरुषार्थ प्रारब्ध से बड़ा इसलिए है कि पुरुषार्थ से संचित प्रारब्ध बनते हैं, पुरुषार्थ के सुधरने से सब सुधरते हैं और पुरुषार्थ के बिगड़ने से सब बिगड़ते हैं।
उन्होंने कहा कि वैदिक धर्म मानव मात्र का धर्म है। जो परस्पर प्रेम भाव सिखाता है। आचार्य ऋषि ब्रहमचारी ने यज्ञ को आत्मसात करने का संकल्प कराया। प्रात: योगाचार्य अरविंद शास्त्री ने साधकों को यौगिक क्रियाएं सिखाईं। इस अवसर पर डा. सोमदत्त भारद्वाज, ब्रजपाल सिंह शास्त्री, निमेष शास्त्री, सुनील शास्त्री, सुमित पटेल, पूजा बेन पटेल, मनीष पुष्कर्ण, हरमनप्रीत, नीरज कुमार त्यागी, साधना सोलंकी, अजय त्यागी, विष्णु प्रधान, संजीव आर्य, मूलचंद अर्द्धवयु, नरेंद्र त्यागी आदि ने भाग लिया।
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उन्होंने कहा कि हम वेद मार्ग पर चलते हुए ज्ञान प्राप्ति, उपासना व समाजोत्थान के जितने कार्य करेंगे, उससे हमारा वर्तमान और भावी जीवन यशस्वी व सुखमय होगा। हमारा जीवन प्रारब्ध की नींव पर बना है और जीवन सार्थक करने के लिए हमें पुरुषार्थ करना है। पुरुषार्थ प्रारब्ध से बड़ा इसलिए है कि पुरुषार्थ से संचित प्रारब्ध बनते हैं, पुरुषार्थ के सुधरने से सब सुधरते हैं और पुरुषार्थ के बिगड़ने से सब बिगड़ते हैं।
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उन्होंने कहा कि वैदिक धर्म मानव मात्र का धर्म है। जो परस्पर प्रेम भाव सिखाता है। आचार्य ऋषि ब्रहमचारी ने यज्ञ को आत्मसात करने का संकल्प कराया। प्रात: योगाचार्य अरविंद शास्त्री ने साधकों को यौगिक क्रियाएं सिखाईं। इस अवसर पर डा. सोमदत्त भारद्वाज, ब्रजपाल सिंह शास्त्री, निमेष शास्त्री, सुनील शास्त्री, सुमित पटेल, पूजा बेन पटेल, मनीष पुष्कर्ण, हरमनप्रीत, नीरज कुमार त्यागी, साधना सोलंकी, अजय त्यागी, विष्णु प्रधान, संजीव आर्य, मूलचंद अर्द्धवयु, नरेंद्र त्यागी आदि ने भाग लिया।
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