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किसानों ने प्रशासन को दिया पांच मार्च तक का समय
Updated Sun, 18 Feb 2018 01:16 AM IST
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दोघट (बागपत)।
चौगामा प्याऊ पर किसान अधिकार आंदोलन के तहत शनिवार को किसानों की पंचायत हुई, जिसमें पहुंचे एसडीएम बड़ौत अरविंद कुमार ने समस्या के समाधान के लिए आठ दिन का समय मांगा। किसानों ने उन्हें पांच मार्च तक का समय दिया और पांच दिन से चल रहा धरना स्थगित कर दिया।
पंचायत में किसानों ने कहा कि बढ़ी बिजली दर वापस ली जाए, नलकूपों के बिल हरियाणा के बराबर 35 रुपये और घरेलू बिल 100 रुपये प्रतिमाह किए जाए, बकाया बिजली बिलों पर एफआईआर न कराई जाए और जो हो एफआईआर चुकी है उन्हें समाप्त किया जाए। ऋण मोचन योजना में विसंगति दूर करके सभी पात्रों का ऋण मुक्त किया जाए। आरसी वापस ली जाए और जो वंचित लोग है, उनसे पौने 13 प्रतिशत का जो ब्याज वसूल किया जा रहा है, उसके बजाय बिना ब्याज पेनल्टी के ऋण लिया जाए।
चौगामा नहर परियोजना में हुए घोटालों की जांच की जाए और इसका निर्माण कार्य पूरा कराकर समतलीकरण कराया जाए। बकाया गन्ना भुगतान अविलंब कराया जाए। जब तक इन समस्याओं का समाधान नहीं होता, तब तक उनका आंदोलन जारी रहे। पंचायत में किसान के बीच एसडीएम बड़ौत पहुंचे और पहली पांच मांगों के समाधान के लिए आठ दिन का समय मांगा। एसडीएम को पांच मार्च तक का समय देते हुए पांच दिनों से चल रहा धरना स्थगित कर दिया और कहा कि यदि समय अवधि में समस्याओं का निस्तारण नहीं हुआ तो वे फिर से धरना शुरू कर देंगे। किसानों ने कहा कि उनका आंदोलन जारी रहेगा।
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पांच मार्च से पहले यदि बिजली विभाग ने किसानों पर एफआईआर दर्ज की या उनके कनेक्शन काटे तो इसे बर्दास्त नहीं किया जाएगा। पंचायत की अध्यक्षता लियाकत अली ने की व संचालन राजवीर सिंह पलड़ी ने किया। पंचायत में यशवीर सिंह राणा, अनंगपाल, अय्यूब खान, रामवीर सिंह, कृष्णपाल राणा, चश्मवीर राणा, इकबाल राणा, सत्यवीर छिल्लर, धर्मवीर सिंह पंवार, पदम सिंह पंवार, कालू राम पंवार, ईश्वर सिंह दरोगा, शशिकांत राणा, महबूब खान, भाग्यमल कश्यप, अशोक आदि उपस्थित रहे।
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चौगामा प्याऊ पर किसान अधिकार आंदोलन के तहत शनिवार को किसानों की पंचायत हुई, जिसमें पहुंचे एसडीएम बड़ौत अरविंद कुमार ने समस्या के समाधान के लिए आठ दिन का समय मांगा। किसानों ने उन्हें पांच मार्च तक का समय दिया और पांच दिन से चल रहा धरना स्थगित कर दिया।
पंचायत में किसानों ने कहा कि बढ़ी बिजली दर वापस ली जाए, नलकूपों के बिल हरियाणा के बराबर 35 रुपये और घरेलू बिल 100 रुपये प्रतिमाह किए जाए, बकाया बिजली बिलों पर एफआईआर न कराई जाए और जो हो एफआईआर चुकी है उन्हें समाप्त किया जाए। ऋण मोचन योजना में विसंगति दूर करके सभी पात्रों का ऋण मुक्त किया जाए। आरसी वापस ली जाए और जो वंचित लोग है, उनसे पौने 13 प्रतिशत का जो ब्याज वसूल किया जा रहा है, उसके बजाय बिना ब्याज पेनल्टी के ऋण लिया जाए।
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चौगामा नहर परियोजना में हुए घोटालों की जांच की जाए और इसका निर्माण कार्य पूरा कराकर समतलीकरण कराया जाए। बकाया गन्ना भुगतान अविलंब कराया जाए। जब तक इन समस्याओं का समाधान नहीं होता, तब तक उनका आंदोलन जारी रहे। पंचायत में किसान के बीच एसडीएम बड़ौत पहुंचे और पहली पांच मांगों के समाधान के लिए आठ दिन का समय मांगा। एसडीएम को पांच मार्च तक का समय देते हुए पांच दिनों से चल रहा धरना स्थगित कर दिया और कहा कि यदि समय अवधि में समस्याओं का निस्तारण नहीं हुआ तो वे फिर से धरना शुरू कर देंगे। किसानों ने कहा कि उनका आंदोलन जारी रहेगा।
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पांच मार्च से पहले यदि बिजली विभाग ने किसानों पर एफआईआर दर्ज की या उनके कनेक्शन काटे तो इसे बर्दास्त नहीं किया जाएगा। पंचायत की अध्यक्षता लियाकत अली ने की व संचालन राजवीर सिंह पलड़ी ने किया। पंचायत में यशवीर सिंह राणा, अनंगपाल, अय्यूब खान, रामवीर सिंह, कृष्णपाल राणा, चश्मवीर राणा, इकबाल राणा, सत्यवीर छिल्लर, धर्मवीर सिंह पंवार, पदम सिंह पंवार, कालू राम पंवार, ईश्वर सिंह दरोगा, शशिकांत राणा, महबूब खान, भाग्यमल कश्यप, अशोक आदि उपस्थित रहे।