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पर्चियों पर मुहर न लगने से गुस्साए किसानों ने जाम लगाया
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बड़ौत (बागपत)। गन्ना विकास परिषद बड़ौली रोड पर पर्चियों की तिथि बदलवाने की मुहर न लगाने को लेकर क्षेत्र के किसानों ने जमकर हंगामा किया। पहले उन्होंने बड़ौली रोड पर जाम लगाया। जब कोई अधिकारी नहीं पहुंचा तो किसानों ने पीएन शर्मा पार्क के पास हाईवे पर जाम लगा दिया। पुलिस के समझाने पर करीब दो घंटे बाद जाम खोला गया। किसानों ने चेतावनी दी है कि यदि स्थिति में सुधार नहीं हुआ तो इसको लेकर उग्र आंदोलन किया जाएगा।
बृहस्पतिवार को मलकपुर मिल से जुड़े किसान गन्ना विकास परिषद समिति मलकपुर पर पहुंचे और घंटों वहां किसान लाइन में लगे रहे। किसानों का कहना है कि पांच दिन पूर्व की पर्चियों पर मिल ने शर्त लगाई है कि वे परिषद की मुहर लाएं तभी गन्ना लिया जाएगा, लेकिन परिषद के कर्मचारियों ने इन पर्चियों की तिथि बदलकर मुहर लगाने से मना कर दिया। इस स्थिति पर किसानों ने हंगामा शुरू कर दिया। पहले उन्होंने बडौली रोड पर जाम लगा दिया। काफी समय तक जाम के बीच पहुंचे पुलिस अधिकारियों ने उन्हें समझाने का प्रयास किया। किसी अधिकारी के न पहुंचने पर उन्होंने दिल्ली-सहारनपुर हाईवे पर पीएन शर्मा पार्क के पास पहुंचकर जाम कर दिया।
किसानों ने कहा कि गन्ने की पर्चियों पर मुहर नहीं लगाई जा रही है और समय पर पर्चियां नहीं दी जा रही हैं। वहीं गन्ने का बकाया भुगतान भी नहीं हो पा रहा है। उनकी मांग है कि उन्हें सीधे मिल गेट से जोड़ा जाए। दो घंटे तक जाम लगने पर पुलिस ने किसी तरह उन्हें समझाकर मनाया। तब जाकर उन्होंने जाम खोला और जाम में फंसे लोगों ने राहत की सांस ली। इसमें राहुल बिजवाड़ा, पिंटू, सतपाल, विरेंद्र, राज कुमार, गोपाल, ओम सिंह, बिल्लू, योगेंद्र, इकबाल, ब्रहम पाल, रोहताश, इंद्रपाल, मुकेश, ओम सिंह आदि रहे।
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हाईवे पर लगी वाहनों की लंबी कतारें
बड़ौत (बागपत)। जाम के दौरान हाईवे पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और उनमें सवार यात्रियों को परेशानी का सामना उठाना पड़ा। कुछ यात्रियों को कई किलोमीटर तक पैदल चलकर अपने गतंव्य स्थानों पर पहुंचना पड़ा। जाम खुलने के काफी देर बाद तक भी वाहनों के आवागमन में परेशानी बनी रही।
पांच दिन में जमा कराएं पर्चियां
बड़ौत। अपर गन्ना आयुक्त वाईएस मलिक ने परिषद के अधिकारियों को पत्र लिखा है कि वे गन्ने के सट्टा एवं आपूर्ति नीति 2018-19 के तहत गन्ने की तौल के लिए निर्गत पर्ची पर अंकित तिथि पर किसान द्वारा तौल न करवा पाने की स्थिति में निर्धारित तिथि के 48 घंटे अर्थात दो दिन में सचिव से तिथि परिवर्तन कराकर गन्ना तौल कराने की व्यवस्था की। वहीं पांच दिन में भी पर्ची पर गन्ने न तुलवाने की दशा में किसान आगामी पांच दिन में समिति कार्यालय में पर्ची जमा कर सकते हैं। ऐसे में जमा की गई पर्चियों का निर्गमन दोबारा कलेंडर से जारी करने की व्यवस्था की। उधर, परिषद के कर्मचारियों ने कोतवाली में लिखित रूप में सुरक्षा व्यवस्था कराने की मांग की।
डीएम को पत्र लिखा
बड़ौत। बामनौली के ग्रामीणों ने जिलाधिकारी को पत्र भेजकर मांग की कि मलकपुर शुगर मिल की गन्ना पर्ची कईं गांवो में ठीक चल रही है, लेकिन बामनौली गांव में तीन सप्ताह के बाद भी पर्ची नहीं मिल रही है। इससे किसानों को परेशानी उठानी पड़ रही है। इस पर ग्रामीणों में रोष है। इसमें ग्राम प्रधान विरेश, हरपाल, रामपाल, राजन, रामकिशोर, राम कुमार, प्रदीप, अनिल कुमार, सतेंद्र, कृष्णपाल, किरण पाल आदि रहे।
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बृहस्पतिवार को मलकपुर मिल से जुड़े किसान गन्ना विकास परिषद समिति मलकपुर पर पहुंचे और घंटों वहां किसान लाइन में लगे रहे। किसानों का कहना है कि पांच दिन पूर्व की पर्चियों पर मिल ने शर्त लगाई है कि वे परिषद की मुहर लाएं तभी गन्ना लिया जाएगा, लेकिन परिषद के कर्मचारियों ने इन पर्चियों की तिथि बदलकर मुहर लगाने से मना कर दिया। इस स्थिति पर किसानों ने हंगामा शुरू कर दिया। पहले उन्होंने बडौली रोड पर जाम लगा दिया। काफी समय तक जाम के बीच पहुंचे पुलिस अधिकारियों ने उन्हें समझाने का प्रयास किया। किसी अधिकारी के न पहुंचने पर उन्होंने दिल्ली-सहारनपुर हाईवे पर पीएन शर्मा पार्क के पास पहुंचकर जाम कर दिया।
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किसानों ने कहा कि गन्ने की पर्चियों पर मुहर नहीं लगाई जा रही है और समय पर पर्चियां नहीं दी जा रही हैं। वहीं गन्ने का बकाया भुगतान भी नहीं हो पा रहा है। उनकी मांग है कि उन्हें सीधे मिल गेट से जोड़ा जाए। दो घंटे तक जाम लगने पर पुलिस ने किसी तरह उन्हें समझाकर मनाया। तब जाकर उन्होंने जाम खोला और जाम में फंसे लोगों ने राहत की सांस ली। इसमें राहुल बिजवाड़ा, पिंटू, सतपाल, विरेंद्र, राज कुमार, गोपाल, ओम सिंह, बिल्लू, योगेंद्र, इकबाल, ब्रहम पाल, रोहताश, इंद्रपाल, मुकेश, ओम सिंह आदि रहे।
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हाईवे पर लगी वाहनों की लंबी कतारें
बड़ौत (बागपत)। जाम के दौरान हाईवे पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और उनमें सवार यात्रियों को परेशानी का सामना उठाना पड़ा। कुछ यात्रियों को कई किलोमीटर तक पैदल चलकर अपने गतंव्य स्थानों पर पहुंचना पड़ा। जाम खुलने के काफी देर बाद तक भी वाहनों के आवागमन में परेशानी बनी रही।
पांच दिन में जमा कराएं पर्चियां
बड़ौत। अपर गन्ना आयुक्त वाईएस मलिक ने परिषद के अधिकारियों को पत्र लिखा है कि वे गन्ने के सट्टा एवं आपूर्ति नीति 2018-19 के तहत गन्ने की तौल के लिए निर्गत पर्ची पर अंकित तिथि पर किसान द्वारा तौल न करवा पाने की स्थिति में निर्धारित तिथि के 48 घंटे अर्थात दो दिन में सचिव से तिथि परिवर्तन कराकर गन्ना तौल कराने की व्यवस्था की। वहीं पांच दिन में भी पर्ची पर गन्ने न तुलवाने की दशा में किसान आगामी पांच दिन में समिति कार्यालय में पर्ची जमा कर सकते हैं। ऐसे में जमा की गई पर्चियों का निर्गमन दोबारा कलेंडर से जारी करने की व्यवस्था की। उधर, परिषद के कर्मचारियों ने कोतवाली में लिखित रूप में सुरक्षा व्यवस्था कराने की मांग की।
डीएम को पत्र लिखा
बड़ौत। बामनौली के ग्रामीणों ने जिलाधिकारी को पत्र भेजकर मांग की कि मलकपुर शुगर मिल की गन्ना पर्ची कईं गांवो में ठीक चल रही है, लेकिन बामनौली गांव में तीन सप्ताह के बाद भी पर्ची नहीं मिल रही है। इससे किसानों को परेशानी उठानी पड़ रही है। इस पर ग्रामीणों में रोष है। इसमें ग्राम प्रधान विरेश, हरपाल, रामपाल, राजन, रामकिशोर, राम कुमार, प्रदीप, अनिल कुमार, सतेंद्र, कृष्णपाल, किरण पाल आदि रहे।