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सीएचसी से चिकित्सक गायब, मरीजों ने काटा हंगामा
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बड़ौत (बागपत)।
स्वास्थ्य विभाग के अफसरों की लापरवाही का खामियाजा सीएचसी से जुडे़ गांव और नगर के मरीजों को भुगतना पड़ रहा है। आए दिन चिकित्सक अपनी सीट से गायब रहते हैं, इससे सीएचसी में इलाज कराने के लिए आने वाले मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। मंगलवार को भी चिकित्सक सीएचसी से गायब रहे, इससे क्षुब्ध होकर मरीजों ने हंगामा काटा।
मौसम में अचानक परिवर्तन से अब मरीजों की संख्या बढ़ने लगी है। सुबह होते ही नगर के निजी और सीएचसी पर मरीजों की भीड़ लगने लगती है। मंगलवार को भी इलाज कराने आए मरीजों को चिकित्सकों के गायब रहने पर खामियाजा भुगतना पड़ा। मरीजों ने घंटों तक लाइन में खड़ा होकर पर्चियां तो कटवा ली, लेकिन जब वे पर्चियां कटवाकर चिकित्सक कक्ष में गए तो कुर्सी खाली पड़ी मिली। मरीजों ने कहा सरकार से मोटा वेतन लेने के बाद भी चिकित्सक ड्यूटी में लापरवाही करने से नहीं चूक रहे हैं। मरीज मरे या जिंदा रहे, चिकित्सकों को इससे कुछ मतलब नहीं।
मरीजों का आरोप लगाया कि स्वास्थ्य विभाग के अफसरों की सांठगांठ के चलते अधिकांश चिकित्सक ड्यूटी से गायब रहते हैं। हर महीने अफसरों को सुविधा शुल्क पहुंचा दिया जाता है। बताया कि तीन दिन पहले भी मरीजों ने चिकित्सकों के न मिलने पर प्रदर्शन कर शिकायत की। आरोप लगाया कि सीएचसी पर खांसी की पीने की दवा भी उपलब्ध नहीं है। सीएचसी अधीक्षक डॉ. एएसके मलिक ने कहा ड्यूटी में लापरवाही बर्दास्त नहीं होगी। फिलहाल चिकित्सक रुबेला टीकाकरण अभियान में लगे हैं। सीएचसी में चिकित्सक नहीं होने की शिकायत की जांच कर कार्रवाई होगी। इसमें जमील, इंसान, मेहरबान, शकील, आबिद, संजीव, नवीन, प्रवीण, संगीता, रेखा, पूनम, बबली, राज कुमारी, ममता शामिल रहे।
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स्वास्थ्य विभाग के अफसरों की लापरवाही का खामियाजा सीएचसी से जुडे़ गांव और नगर के मरीजों को भुगतना पड़ रहा है। आए दिन चिकित्सक अपनी सीट से गायब रहते हैं, इससे सीएचसी में इलाज कराने के लिए आने वाले मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। मंगलवार को भी चिकित्सक सीएचसी से गायब रहे, इससे क्षुब्ध होकर मरीजों ने हंगामा काटा।
मौसम में अचानक परिवर्तन से अब मरीजों की संख्या बढ़ने लगी है। सुबह होते ही नगर के निजी और सीएचसी पर मरीजों की भीड़ लगने लगती है। मंगलवार को भी इलाज कराने आए मरीजों को चिकित्सकों के गायब रहने पर खामियाजा भुगतना पड़ा। मरीजों ने घंटों तक लाइन में खड़ा होकर पर्चियां तो कटवा ली, लेकिन जब वे पर्चियां कटवाकर चिकित्सक कक्ष में गए तो कुर्सी खाली पड़ी मिली। मरीजों ने कहा सरकार से मोटा वेतन लेने के बाद भी चिकित्सक ड्यूटी में लापरवाही करने से नहीं चूक रहे हैं। मरीज मरे या जिंदा रहे, चिकित्सकों को इससे कुछ मतलब नहीं।
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मरीजों का आरोप लगाया कि स्वास्थ्य विभाग के अफसरों की सांठगांठ के चलते अधिकांश चिकित्सक ड्यूटी से गायब रहते हैं। हर महीने अफसरों को सुविधा शुल्क पहुंचा दिया जाता है। बताया कि तीन दिन पहले भी मरीजों ने चिकित्सकों के न मिलने पर प्रदर्शन कर शिकायत की। आरोप लगाया कि सीएचसी पर खांसी की पीने की दवा भी उपलब्ध नहीं है। सीएचसी अधीक्षक डॉ. एएसके मलिक ने कहा ड्यूटी में लापरवाही बर्दास्त नहीं होगी। फिलहाल चिकित्सक रुबेला टीकाकरण अभियान में लगे हैं। सीएचसी में चिकित्सक नहीं होने की शिकायत की जांच कर कार्रवाई होगी। इसमें जमील, इंसान, मेहरबान, शकील, आबिद, संजीव, नवीन, प्रवीण, संगीता, रेखा, पूनम, बबली, राज कुमारी, ममता शामिल रहे।
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