{"_id":"59a324714f1c1b5b508b47b0","slug":"121503863921-baghpat-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"हिंसा करने वालें गुरु के सच्चें अनुयायी नहीं हो सकते","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
हिंसा करने वालें गुरु के सच्चें अनुयायी नहीं हो सकते
Updated Mon, 28 Aug 2017 01:28 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बड़ौत (बागपत)। डेरा प्रमुख संत गुरमीत राम रहीम को 25 अगस्त को पंचकुला कोर्ट में यौन शोषण का दोषी करार देने के बाद हुई हिंसा के अनुयायियों ने कहा उन्हें कोर्ट का निर्णय मान्य है, लेकिन जो आरोप लगाया है, इससे वे संतुष्ट नहीं हैं।
कोताना रोड निवासी धर्मवीर सिंह संत गुरमीत राम रहीम के अनुयायी हैं और काफी समय से उन्होंने उनसे गुरू मंत्र लिया है। 25 अगस्त को पंचकूला हाईकोर्ट में जब यौन शोषण के मामले में निर्णय आना था तो वे 24 अगस्त को आठ लोगों के साथ कार से पंचकुला गए, लेकिन उन्हें 50 किलोमीटर दूर ही रोक लिया । जब निर्णय आया और उन्हें जानकारी मिली क्षेत्र में हिंसा फैल गई तो वे वहां से वापस लौट आए। उन्होंने कहा हिंसा करने वाले संत गुरमीत के सच्चे अनुयायी नहीं हो सकते। उन्हें न्यायालय का निर्णय मान्य है। जो उन पर आरोप हैं, उस पर उन्हें यकीन नहीं आ रहा है।
दूसरी तरफ आवास विकास कॉलोनी के बिजेंद्र सिंह ने बताया धनौरा सिल्वर नगर के कुछ लोगों के साथ 24 अगस्त को पंचकूला के लिए रवाना हुए, लेकिन उन्हें पुलिस ने आगे नहीं जाने दिया और उन्हें वहां से खदेड़ दिया। जब वे वापस लौट रहे थे तो उन्हें जानकारी मिली, उन्हें दोषी करार दे दिया है तो वे वापस लौट आए।
विज्ञापन
विज्ञापन
कोताना रोड निवासी धर्मवीर सिंह संत गुरमीत राम रहीम के अनुयायी हैं और काफी समय से उन्होंने उनसे गुरू मंत्र लिया है। 25 अगस्त को पंचकूला हाईकोर्ट में जब यौन शोषण के मामले में निर्णय आना था तो वे 24 अगस्त को आठ लोगों के साथ कार से पंचकुला गए, लेकिन उन्हें 50 किलोमीटर दूर ही रोक लिया । जब निर्णय आया और उन्हें जानकारी मिली क्षेत्र में हिंसा फैल गई तो वे वहां से वापस लौट आए। उन्होंने कहा हिंसा करने वाले संत गुरमीत के सच्चे अनुयायी नहीं हो सकते। उन्हें न्यायालय का निर्णय मान्य है। जो उन पर आरोप हैं, उस पर उन्हें यकीन नहीं आ रहा है।
विज्ञापन
दूसरी तरफ आवास विकास कॉलोनी के बिजेंद्र सिंह ने बताया धनौरा सिल्वर नगर के कुछ लोगों के साथ 24 अगस्त को पंचकूला के लिए रवाना हुए, लेकिन उन्हें पुलिस ने आगे नहीं जाने दिया और उन्हें वहां से खदेड़ दिया। जब वे वापस लौट रहे थे तो उन्हें जानकारी मिली, उन्हें दोषी करार दे दिया है तो वे वापस लौट आए।
विज्ञापन