{"_id":"5bedd364bdec2269377f829e","slug":"111542312804-baghpat-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"किसानों ने गन्ना विकास समिति पर की तालाबंदी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
किसानों ने गन्ना विकास समिति पर की तालाबंदी
Updated Fri, 16 Nov 2018 01:43 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बड़ौत (बागपत)। बड़ौली रोड स्थित मलकपुर चीनी मिल की गन्ना विकास समिति पर किसानों ने जमकर हंगामा कर तालाबंदी कर दी। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि दो दिन में व्यवस्था नहीं सुधरी तो किसान आंदोलन करेंगे।
हरेंद्र प्रमुख के नेतृत्व में काफी संख्या में किसान बड़ौली रोड पर स्थित मलकपुर चीनी मिल की गन्ना विकास समिति पर पहुंचे और जमकर हंगामा कर तालाबंदी की। उनका कहना था कि किसानों को इंडेट नहीं दिया जा रहा है और जो बेसिक कोटा छह माह पूर्व घोषित होता है, वह नहीं किया। पर्ची का समय 72 घंटे में गन्ना डालने का था और वह 48 घंटे कर दिया। वहीं बेसिक कोटा जुड़वाने के लिए किसान समिति के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन उनका बेसिक कोटा नहीं जुड़ पा रहा है। उन्होंने कहा एक तो गन्ने का भुगतान नहीं हो पा रहा है, वहीं समिति पर बैठे अधिकारी किसानों का शोषण कर रहे हैं जो बर्दाश्त नहीं होगा। उन्होंने समिति पर तालाबंदी की और चेतावनी दी कि यदि दो दिन में व्यवस्थाओं में सुधार नहीं हुआ तो किसान आंदोलन करेंगे। इसमें सतपाल, मनोज, संजीव, प्रविंद्र, रविंद्र, डिंपल, अजय, जितेंद्र, मनबीर आदि रहे।
विज्ञापन
हरेंद्र प्रमुख के नेतृत्व में काफी संख्या में किसान बड़ौली रोड पर स्थित मलकपुर चीनी मिल की गन्ना विकास समिति पर पहुंचे और जमकर हंगामा कर तालाबंदी की। उनका कहना था कि किसानों को इंडेट नहीं दिया जा रहा है और जो बेसिक कोटा छह माह पूर्व घोषित होता है, वह नहीं किया। पर्ची का समय 72 घंटे में गन्ना डालने का था और वह 48 घंटे कर दिया। वहीं बेसिक कोटा जुड़वाने के लिए किसान समिति के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन उनका बेसिक कोटा नहीं जुड़ पा रहा है। उन्होंने कहा एक तो गन्ने का भुगतान नहीं हो पा रहा है, वहीं समिति पर बैठे अधिकारी किसानों का शोषण कर रहे हैं जो बर्दाश्त नहीं होगा। उन्होंने समिति पर तालाबंदी की और चेतावनी दी कि यदि दो दिन में व्यवस्थाओं में सुधार नहीं हुआ तो किसान आंदोलन करेंगे। इसमें सतपाल, मनोज, संजीव, प्रविंद्र, रविंद्र, डिंपल, अजय, जितेंद्र, मनबीर आदि रहे।
विज्ञापन