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नवोदय के छात्र ने लगाई फांसी, बवाल
ब्यूरो/अमर उजाला, आजमगढ़
Updated Wed, 21 Oct 2015 12:24 AM IST
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जवाहर नवोदय विद्यालय जीयनपुर के प्रधानाचार्य की प्रताड़ना से क्षुब्ध कक्षा 11 के छात्र आशुतोष कुमार (16) ने मंगलवार की सुबह हास्टल में फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली। इससे गुस्साए छात्रों-छात्राओं ने कालेज में जमकर तोड़फोड़ करते हुए कई स्थानों पर आगजनी की। इसके बाद क्षेत्र में हड़कंप मच गया।
छात्र प्रधानाचार्य के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर धरने पर बैठ गए। करीब दो घंटे बाद पहुंचे एडीएम के आश्वासन पर छात्र शांत हुए। घटना का कारण प्रधानाचार्य द्वारा आशुतोष को सार्वजनिक रूप से डांटना और फोन पर पिता से उसकी शिकायत करना बताया जा रहा है। डीएम की रिपोर्ट पर देर शाम क्षेत्रीय कार्यालय जवाहर नवोदय विद्यालय समिति लखनऊ के उपायुक्त ने प्रधानाचार्य को हटा दिया। उनके स्थान पर ललितपुर से एक अध्यापक आ रहे हैं। जिलाधिकारी ने मामले की मजिस्ट्रेटी जांच के आदेश दिए हैं। इस मामले में छात्र के पिता की तहरीर पर प्रधानाचार्य के खिलाफ हत्या और दलित उत्पीड़न का मामला दर्ज किया गया है।
दीदारगंज थाना क्षेत्र के चितारा महमूदपुर गांव निवासी प्राइमरी शिक्षक सुरेंद्र राम का पुत्र आशुतोष (16) विद्यालय में कक्षा 11 का छात्र था। आशुतोष कुछ के सहपाठियों के अनुसार रविवार को वह हास्टल में क्रिकेट मैच देख रहा था। उसके साथ कक्षा आठ के भी कुछ छात्र थे। जिन्हें आशुतोष ने कहा था कि पहले भोजन कर लें फिर मैच देखें। इस पर एक छात्र ने मैच देखने के बाद भोजन करने की बात कही तो उसने उसे डांट दिया था। उसी समय कार्यवाहक प्रधानाचार्य प्रेम नरायण शुक्ला वहां पहुंच गए और इसके लिए आशुतोष को जमकर डांटा।
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मंगलवार की सुबह आठ बजे प्रार्थना के बाद बच्चों के सामने ही प्रधानाचार्य ने आशुतोष को एक माह के लिए कालेज से निलंबित करने की घोषणा कर दी। साथ ही उसे अपने कार्यालय में बुलाया। इसके बाद उन्होंने आशुतोष के सामने ही उसके पिता को फोन कर उसकी शिकायत की। इससे मर्माहत आशुतोष ने हास्टल में जाकर पंखे से लटककर फांसी लगा ली। करीब 11 बजे लंच होने पर जब छात्र हास्टल में पहुंचे तो आशुतोष की लटकती हुई लाश देखकर शोर मचाया। इस पर पूरे विद्यालय के छात्र-छात्राएं जमा हो गए। अध्यापक जगदीश राय ने उसे पंखे से उतरवाया और समीप के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले गए। जहां चिकित्सक ने उसे मृत घोषित कर दिया।
उधर, साथी की मौत से गुस्साए कालेज के करीब छात्र-छात्राओं ने बवाल शुरू कर दिया। प्रधानाचार्य की स्कूटी, कार्यालय, लाइब्रेरी, कमरों में लगे कूलर, पंखे, मेज, कुर्सी आदि को तोड़ कर उसमें आग लगा दी। करीब एक घंटे तक स्कूल में बवाल करने के बाद छात्र प्रधानाचार्य के विरुद्ध कार्रवाई की मांग करते हुए धरने पर बैठ गए। जानकारी होने पर एसडीएम सगड़ी, सीओ सगड़ी, कोतवाल जीयनपुर सहित कई थानों की फोर्स व पीएसी परिसर में पहुंच गई। करीब दो घंटे बाद एडीएम (प्रशासन) आशुतोष द्विवेदी भी मौके पर पहुंचे और आश्वासन देकर मामला शांत कराया।
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छात्र प्रधानाचार्य के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर धरने पर बैठ गए। करीब दो घंटे बाद पहुंचे एडीएम के आश्वासन पर छात्र शांत हुए। घटना का कारण प्रधानाचार्य द्वारा आशुतोष को सार्वजनिक रूप से डांटना और फोन पर पिता से उसकी शिकायत करना बताया जा रहा है। डीएम की रिपोर्ट पर देर शाम क्षेत्रीय कार्यालय जवाहर नवोदय विद्यालय समिति लखनऊ के उपायुक्त ने प्रधानाचार्य को हटा दिया। उनके स्थान पर ललितपुर से एक अध्यापक आ रहे हैं। जिलाधिकारी ने मामले की मजिस्ट्रेटी जांच के आदेश दिए हैं। इस मामले में छात्र के पिता की तहरीर पर प्रधानाचार्य के खिलाफ हत्या और दलित उत्पीड़न का मामला दर्ज किया गया है।
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दीदारगंज थाना क्षेत्र के चितारा महमूदपुर गांव निवासी प्राइमरी शिक्षक सुरेंद्र राम का पुत्र आशुतोष (16) विद्यालय में कक्षा 11 का छात्र था। आशुतोष कुछ के सहपाठियों के अनुसार रविवार को वह हास्टल में क्रिकेट मैच देख रहा था। उसके साथ कक्षा आठ के भी कुछ छात्र थे। जिन्हें आशुतोष ने कहा था कि पहले भोजन कर लें फिर मैच देखें। इस पर एक छात्र ने मैच देखने के बाद भोजन करने की बात कही तो उसने उसे डांट दिया था। उसी समय कार्यवाहक प्रधानाचार्य प्रेम नरायण शुक्ला वहां पहुंच गए और इसके लिए आशुतोष को जमकर डांटा।
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मंगलवार की सुबह आठ बजे प्रार्थना के बाद बच्चों के सामने ही प्रधानाचार्य ने आशुतोष को एक माह के लिए कालेज से निलंबित करने की घोषणा कर दी। साथ ही उसे अपने कार्यालय में बुलाया। इसके बाद उन्होंने आशुतोष के सामने ही उसके पिता को फोन कर उसकी शिकायत की। इससे मर्माहत आशुतोष ने हास्टल में जाकर पंखे से लटककर फांसी लगा ली। करीब 11 बजे लंच होने पर जब छात्र हास्टल में पहुंचे तो आशुतोष की लटकती हुई लाश देखकर शोर मचाया। इस पर पूरे विद्यालय के छात्र-छात्राएं जमा हो गए। अध्यापक जगदीश राय ने उसे पंखे से उतरवाया और समीप के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले गए। जहां चिकित्सक ने उसे मृत घोषित कर दिया।
उधर, साथी की मौत से गुस्साए कालेज के करीब छात्र-छात्राओं ने बवाल शुरू कर दिया। प्रधानाचार्य की स्कूटी, कार्यालय, लाइब्रेरी, कमरों में लगे कूलर, पंखे, मेज, कुर्सी आदि को तोड़ कर उसमें आग लगा दी। करीब एक घंटे तक स्कूल में बवाल करने के बाद छात्र प्रधानाचार्य के विरुद्ध कार्रवाई की मांग करते हुए धरने पर बैठ गए। जानकारी होने पर एसडीएम सगड़ी, सीओ सगड़ी, कोतवाल जीयनपुर सहित कई थानों की फोर्स व पीएसी परिसर में पहुंच गई। करीब दो घंटे बाद एडीएम (प्रशासन) आशुतोष द्विवेदी भी मौके पर पहुंचे और आश्वासन देकर मामला शांत कराया।