आजमगढ़। जहानागंज थाने की पुलिस ने विपक्षियों को फंसाने के उद्देश्य से ग्राम प्रधानपति द्वारा दर्ज कराए गए फर्जी मुकदमे का मंगलवार को पर्दाफाश कर दिया। पुलिस ने साजिशकर्ता चार आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया, जबकि दो अन्य आरोपित फरार हो गए। जहानागंज थाना के गंभीरपुर के प्रधानपति आशुतोष सिंह ने आठ जुलाई को मुकदमा पंजीकृत कराया था।
थाने पर दर्ज हुए मुकदमें के अनुसार आशुतोष ने बताया कि आठ जुलाई को गांव में अमृत सरोवर का कार्य कराया जा रहा था। इसी दौरान बाइक सवार दो व्यक्ति आए और पिस्टल निकाल कर फायर कर दिया। संयोग से गोली मिस जो जाने के चलते उन्हें नहीं लगी और वे पोखरे में कूद कर तैरते हुए दूसरी तरफ निकल कर किसी तरह अपनी जान बचाया। प्रधानपति आशुतोष ने गांव के ही अजय, दिवाकर, शेषनाथ, गोविंद व शैलेष को नामजद किया था। विवेचना के दौरान ज्ञात हुआ कि विपक्षियों को फंसाने के उद्देश्य से मुकदमा दर्ज कराया गया है। सोमवार को खुलासा करते हुए एसपी सिटी शैलेंद्र लाल ने बताया कि साजिश के तहत आशुतोष सिंह ने अपने भाई अजीत सिंह, रिश्तेदार विजय सिंह व अशोक सिंह को साथ लेकर भाड़े के दो शूटरों दीपचंद निषाद व सुनील निषाद के साथ घटना को करवाया था और उसके आधार पर विपक्षियों को नामजद करवाया था। पुलिस ने सोमवार को फर्जी मुकदमा दर्ज कराने वाले आशुतोष के अलावा सहयोगी अजीत, विजय सिंह व अशोक सिंह को शुंभी बाजार से गिरफ्तार कर लिया। दोनों शूटरों की तलाश में पुलिस जुटी हुई है।