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Azamgarh News: घर-घर पहुंचेगा जनगणना का सवालनामा, पूछे जाएंगे 40 सवाल
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जनगणना-2027 के द्वितीय चरण में जिले के परिवारों से करीब 40 अहम सवाल पूछे जाएंगे। इनमें परिवार के सदस्यों की संख्या, शिक्षा, वैवाहिक स्थिति, रोजगार, आजीविका और मातृभाषा समेत सामाजिक-आर्थिक एवं जनसांख्यिकीय जानकारी शामिल होगी।
जिलाधिकारी रविंद्र कुमार ने बताया कि 16 नवंबर से 30 नवंबर तक स्व-गणना की सुविधा रहेगी। इसके बाद 1 दिसंबर से 4 जनवरी तक प्रगणक घर-घर पहुंचकर निर्धारित प्रश्नावली के आधार पर जानकारी दर्ज करेंगे।
5 से 9 जनवरी तक रिवीजनल राउंड चलेगा, जिसमें छूटे परिवारों और दोहराव की जांच की जाएगी। जिले में करीब 11,500 एन्यूमरेशन ब्लॉक बनाए गए हैं। गणना के लिए लगभग 9,000 प्रगणक और 2,000 सुपरवाइजर लगाए जाएंगे।
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निगरानी के लिए 24 चार्ज निर्धारित किए गए हैं, जिनमें 16 नगरीय निकाय और आठ तहसील क्षेत्र शामिल हैं। प्रशिक्षण के लिए चार मास्टर ट्रेनर और 164 फील्ड ट्रेनर लगाए गए हैं। द्वितीय चरण में 5 जनवरी की रात 12 बजे को संदर्भ समय माना जाएगा।
जनगणना संबंधी विवरण इसी समय की वास्तविक स्थिति के आधार पर दर्ज किया जाएगा। घरों के साथ बेघर व्यक्तियों की भी निर्धारित प्रक्रिया के तहत गणना होगी। भाषा से जुड़े सवालों में परिवार अपनी मातृभाषा की जानकारी देंगे।
जिले में मातृभाषा के रूप में हिंदी या भोजपुरी दर्ज कराई जा सकेगी। इसके अलावा बोली या समझी जाने वाली अन्य भाषाओं की जानकारी भी ली जाएगी। उन्होंने नागरिकों से अपील की है कि घर पहुंचने वाले अधिकृत जनगणना कर्मियों को सही और स्पष्ट जानकारी उपलब्ध कराएं।
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जिलाधिकारी रविंद्र कुमार ने बताया कि 16 नवंबर से 30 नवंबर तक स्व-गणना की सुविधा रहेगी। इसके बाद 1 दिसंबर से 4 जनवरी तक प्रगणक घर-घर पहुंचकर निर्धारित प्रश्नावली के आधार पर जानकारी दर्ज करेंगे।
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5 से 9 जनवरी तक रिवीजनल राउंड चलेगा, जिसमें छूटे परिवारों और दोहराव की जांच की जाएगी। जिले में करीब 11,500 एन्यूमरेशन ब्लॉक बनाए गए हैं। गणना के लिए लगभग 9,000 प्रगणक और 2,000 सुपरवाइजर लगाए जाएंगे।
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निगरानी के लिए 24 चार्ज निर्धारित किए गए हैं, जिनमें 16 नगरीय निकाय और आठ तहसील क्षेत्र शामिल हैं। प्रशिक्षण के लिए चार मास्टर ट्रेनर और 164 फील्ड ट्रेनर लगाए गए हैं। द्वितीय चरण में 5 जनवरी की रात 12 बजे को संदर्भ समय माना जाएगा।
जनगणना संबंधी विवरण इसी समय की वास्तविक स्थिति के आधार पर दर्ज किया जाएगा। घरों के साथ बेघर व्यक्तियों की भी निर्धारित प्रक्रिया के तहत गणना होगी। भाषा से जुड़े सवालों में परिवार अपनी मातृभाषा की जानकारी देंगे।
जिले में मातृभाषा के रूप में हिंदी या भोजपुरी दर्ज कराई जा सकेगी। इसके अलावा बोली या समझी जाने वाली अन्य भाषाओं की जानकारी भी ली जाएगी। उन्होंने नागरिकों से अपील की है कि घर पहुंचने वाले अधिकृत जनगणना कर्मियों को सही और स्पष्ट जानकारी उपलब्ध कराएं।