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Azamgarh News: 1810 ग्राम पंचायतों में महज दो क्विंटल ही एकत्र हो रहा कूड़ा, खर्च हुए 75 करोड़ रुपये

Sun, 20 Sep 2026 12:41 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Sun, 20 Sep 2026 12:41 AM IST
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Only two quintals of waste being collected across 1,810 Gram Panchayats; 75 crore spent.
छतवारा में सड़क के किनारे फैला कूड़ा-कचरा। संवाद
जिले की 40 से 45 लाख ग्रामीण आबादी से प्रतिदिन महज दो क्विंटल कूड़ा निकलने का दावा पंचायती राज विभाग के आंकड़ों में किया गया है। इस कूड़े के निस्तारण के लिए जिले की 1810 ग्राम पंचायतों में से 1103 में स्वच्छ भारत मिशन के तहत करीब 50 करोड़ रुपये की लागत से आरआरसी (रिसोर्स रिकवरी सेंटर) बनाए गए हैं।
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वहीं, कूड़ा उठाकर इन केंद्रों तक पहुंचाने के लिए करीब 25 करोड़ रुपये की लागत से ई-रिक्शा खरीदे गए हैं। यानी कूड़ा निस्तारण व्यवस्था पर करीब 75 करोड़ रुपये खर्च होने के बावजूद गांवों में जगह-जगह कूड़े के ढेर लगे नजर आ रहे हैं।
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विभागीय आंकड़ों के अनुसार, ग्रामीण क्षेत्र की इतनी बड़ी आबादी से प्रतिदिन निकलने वाले कूड़े की मात्रा महज दो क्विंटल बताई गई है। ऐसे में कूड़ा निस्तारण के लिए करोड़ों रुपये खर्च कर बनाए गए आरआरसी और खरीदे गए ई-रिक्शा की उपयोगिता पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
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कई ग्राम पंचायतों में सफाई व्यवस्था के लिए संसाधन उपलब्ध होने के बावजूद नियमित रूप से कूड़ा उठान नहीं हो पा रहा है। गांवों की गलियों, सड़क किनारे और खाली स्थानों पर कूड़े का ढेर लगा होने से ग्रामीणों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
बारिश के बाद कूड़े से दुर्गंध फैलने के साथ ही संक्रामक बीमारियों का खतरा भी बढ़ जाता है। वहीं, दूसरी ओर विभाग स्वच्छ भारत मिशन के तहत गांवों को साफ रखने और कूड़े के वैज्ञानिक तरीके से निस्तारण की व्यवस्था का दावा कर रहा है।
सरायमीर : ब्लॉक मिर्जापुर के ग्राम मंजीरपट्टी में नाला जाम होने से गंदा पानी इधर-उधर फैल रहा है। इससे लोगों को काफी परेशानी होती है। यहां चारों तरफ गंदगी का अंबार लगा हुआ है। इस सीजन अभी तक न तो सफाईकर्मी पहुंचे हैं और न ही छिड़काव ही हुआ।
बरदह : ठेकमा ब्लॉक क्षेत्र के छतरपुर, अहिरौली, घाटमपुर, असवनिया, कुड़िहर, हदीसा, गोडहरा, उदीयावा, पुरुसुणी, चौकी, खराट, सकरामऊ, बड़गहन, भीरा, गिड़ौर, सरावा, अवदह, राजेपुर, भूलंडीह, ठेकमा और सरायमोहन समेत कई गांवों में सफाई व्यवस्था बदहाल है। चौकी गांव में गंदी नाली का पानी मुख्य पोखरे में गिर रहा है, जिससे पोखरे का पानी दूषित हो रहा है। बरदह बाजार स्थित गांधी स्मारक डिग्री एवं इंटर कॉलेज के मैदान में लंबे समय से जलभराव की समस्या बनी हुई है।
पवई : विकासखंड पवई के सुम्हाडीह गांव में जगह-जगह कचरा फैला है। गंदगी के कारण मच्छरों का प्रकोप बढ़ गया है, जिससे ग्रामीणों को संक्रामक बीमारियों का डर सता रहा है। प्रतापपुर, जल्दीपुर, बस्ती, कछरा, अलीनगर, जमुहट, बेलवाई ग्राम पंचायतों में भी यही हाल है।
अतरौलिया : ब्लॉक के भोराजपुर कला समेत कई गांवों में जगह-जगह गंदगी और जलभराव है। न सफाई हो रही है और न ही मच्छररोधी दवा का छिड़काव कराया गया है। भोराजपुर कला गांव में मुख्य सड़क पर बारिश का गंदा पानी जमा है। सिकंदरपुर, गदनपुर, सोमापुर, आमेपुर, दशांवखास, दशांव, चिगुर्दीपुर, कटवा, गनपतपुर आदि गांवों में भी चहुंओर गंदगी फैली हुई है।
बूढ़नपुर : कोयलसा ब्लॉक क्षेत्र के पौहारी बाबा स्थान जाने वाली सड़क के किनारे जलभराव होने से राहगीरों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। प्रत्येक सोमवार और बृहस्पतिवार को पौहारी बाबा स्थान पर भव्य मेले का आयोजन होता है, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु और ग्रामीण पहुंचते हैं। इसी तरह सरैया, नेबुआडीह, अमारी, अतरैठ, कौड़ियां, तोनारी, तमरूआ, केशवपुर, कबीरुद्दीनपुर व भैरवपुर आदि गांव में जल निकासी व गंदगी मुसीबत बनी हुई है।
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4047 सफाईकर्मी नियुक्त, गांवों में गंदगी फैली
जिले की 1810 ग्राम पंचायतों में 4047 सफाईकर्मी नियुक्त हैं। अगस्त माह में संचारी रोग अभियान चलाया गया था। स्वास्थ्य और पंचायती राज विभाग की ओर से कागजों में चलाए गए इस अभियान का धरातल पर कोई असर पड़ता नहीं दिख रहा है। गांवों में जगह-जगह गंदगी फैली हुई है तो गांव की नालियां जाम हैं। बरसात का पानी इकट्ठा है।
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छतवारा मोड़ व जाफरपुर में लगा कूड़े का अंबार
चक्रपानपुर। मच्छर जनित बीमारियों सहित संक्रामक रोगों से बचाने के लिए प्रतिवर्ष संचारी रोग अभियान चलाया जाता है, लेकिन जमीनी हकीकत यह है कि यह अभियान सिर्फ सरकारी कागजों तक ही सिमट कर रह गया है। गांवों में न तो सफाई कर्मी पहुंच रहे हैं और न ही कहीं एंटी लार्वा या कीटनाशकों का छिड़काव किया जा रहा है। पल्हनी ब्लॉक के अंतर्गत आने वाले छतवारा मोड़ पर मुख्य मार्ग के किनारे ही कूड़े का विशाल अंबार लगा हुआ है। ऐसा ही हाल जाफरपुर ग्राम पंचायत का भी है। जाफरपुर मोड़ के समीप स्थित कांशीराम आवास के ठीक पास कचरे का बड़ा ढेर लगा हुआ है। संवाद
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गांवों में लंबे समय से गंदगी और जलभराव की समस्या है। दुर्गंध के साथ मच्छरों का प्रकोप भी बढ़ गया है, लेकिन सफाई और छिड़काव नहीं कराया जा रहा। -रामपूजन तिवारी, अतरौलिया।
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गंदगी के कारण मच्छरों का प्रकोप बढ़ रहा है। संचारी रोग अभियान के दावों के बावजूद गांवों में धरातल पर व्यवस्थाएं नजर नहीं आ रही हैं। -मुस्तकीन, अतरौलिया।
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कूड़े के सड़ने से संक्रामक बीमारियों के फैलने का खतरा चौबीसों घंटे बना रहता है, लेकिन शिकायत के बाद भी कोई सुध लेने वाला नहीं है। -अरुण चतुर्वेदी, छतवारा।
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सरकार के करोड़ों रुपये खर्च करने के बावजूद गांवों में स्वच्छता को लेकर कोई कवायद नहीं दिखती। सफाईकर्मी प्रधानों के यहां बस हाजिरी लगाते हैं। -अजीत सिंह, जाफरपुर।


-- वर्जन
17 सितंबर से 17 अक्तूबर तक स्वच्छता ही सेवा अभियान चलाया जा रहा है। एक-एक ग्राम पंचायत की मॉनिटरिंग की जाएगी। साफ-सफाई से लेकर छिड़काव कराए जाएंगे। इसमें लापरवाही पर कर्मचारियों पर कार्रवाई भी की जाएगी। कुमार अमरेंद्र, डीपीआरओ।

छतवारा में सड़क के किनारे फैला कूड़ा-कचरा। संवाद

छतवारा में सड़क के किनारे फैला कूड़ा-कचरा। संवाद

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