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Azamgarh News: 15 वर्षों तक परिजनों ने युवक को जंजीरों से बांधकर रखा
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आजमगढ़। 15 सालों से बेड़ियों में जकड़े बंधे एक मानसिक रूप से बीमार व्यक्ति को एसडीएम ने मुक्त कराया। साथ ही उसके इलाज और पेंशन जारी करने का भी निर्देश दिया। मामला मिर्जापुर विकास खंड के मुड़ियार गांव का है। एक व्यक्ति को उसके ही परिजनों ने 15 वर्षों से जंजीरों में बांधकर घर में रखा था। जानकारी मिलते ही एसडीएम निजामाबाद मौके पर पहुंचे। उसे मुक्त कराया। शनिवार को एसडीएम निजामाबाद संत रंजन क्षेत्र भ्रमण पर निकले थे। तभी सूचना मिली कि मुड़ियार गांव में व्यक्ति को 15 वर्षों से जंजीरों में बांधकर रखा गया है। एसडीएम उसके घर धमक पड़े। जहां उन्होंने आलम को जंजीरों में जकड़ा पाया। पिता बदरुद्दीन ने बताया कि वह मानसिक रूप से बीमार है जिसके कारण उसे बांधकर रखना पड़ता है। एसडीएम ने तुरंत बेड़ियों को खुलवाया। बेड़ियों के खुलने के बाद आलम की खुशी का ठिकाना नहीं रहा। एसडीएम ने जिला विकलांग कल्याण अधिकारी को फोन कर कहा कि आलम को पेंशन दिलाएं और उसके इलाज पर आने वाले खर्च की व्यवस्था करें।
एसडीएम संत रंजन ने कहा कि मुड़ियार गांव में मतदाता जागरूकता कार्यक्रम में थाा। तभी एक व्यक्ति को जंजीरों में जकड़कर रखने की बात पता चली। हम मौके पर पहुंचे तो पाया कि पहले पैर में जंजीर बांधी गई थी। जब वहां पर घाव होने लगा तो उस जंजीर को हाथ में बांधा गया था। परिजनों ने उसे मानसिक रूप से बीमार बताया। कहा जंजीर खुलने के बाद वह अजीब हरकतें करता है। उसके परिवार को वाराणसी के मानसिक अस्पताल में दिखाने का निर्देश दिया है। पेंशन और उसके इलाज में जो भी खर्च होगा उसके लिए हर संभव प्रयास किया जाएगा।
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एसडीएम संत रंजन ने कहा कि मुड़ियार गांव में मतदाता जागरूकता कार्यक्रम में थाा। तभी एक व्यक्ति को जंजीरों में जकड़कर रखने की बात पता चली। हम मौके पर पहुंचे तो पाया कि पहले पैर में जंजीर बांधी गई थी। जब वहां पर घाव होने लगा तो उस जंजीर को हाथ में बांधा गया था। परिजनों ने उसे मानसिक रूप से बीमार बताया। कहा जंजीर खुलने के बाद वह अजीब हरकतें करता है। उसके परिवार को वाराणसी के मानसिक अस्पताल में दिखाने का निर्देश दिया है। पेंशन और उसके इलाज में जो भी खर्च होगा उसके लिए हर संभव प्रयास किया जाएगा।
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