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Azamgarh News: बिजली तारों के मकड़जाल में उलझा हर घर का कनेक्शन
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आजमगढ़। बिजली आपूर्ति की व्यवस्था बदइंतजामी की शिकार है। बिजली के पोल पर तारों का मकड़जाल वर्षों से हैं। बिजली विभाग इसकी कोई सुध नहीं ले रहा है। नगर के कई कॉलोनियों और दुकानदारों ने बिजली के पोल पर डायरेक्टर लाइन डाल रखी है। इससे तारों का जाल बन गया है। इससे हादसे की आशंका बनी रहती है। तारों के फैले मकड़जाल तथा घरों के सामने लटकते तारों से लोग बुरी तरह परेशान हैं। लेकिन, बिजली विभाग के अधिकारियों की तरफ से इस ओर ध्यान नहीं दिया जा रहा है।
जनपद में लगभग सवा छह लाख से अधिक विद्युत उपभोक्ता हैं। इन उपभोक्ताओं से विद्युत विभाग हर महीने करोड़ों रुपये का बिल वसूलता है, लेकिन उपभोक्ताओं की सुविधा पर विभाग का ध्यान ही नहीं है। नगर क्षेत्र में विद्युत तार उस समय के हैं जब विद्युतीकरण किया गया था। इसके बाद तारों को बदला नहीं गया। काफी समय बाद सरकार ने इसे संज्ञान लिया और शहर में बेहतर विद्युत आपूर्ति और बिजली चोरी को रोकने के लिए एबीसी केबिल लगाने का फैसला लिया। विभाग द्वारा शहर के आराजीबाग समेत अन्य क्षेत्र में एबीसी केबिल तो लगाए गए लेकिन जर्जर तारों और तारों के जाल से शहर को छुटकारा नहीं दिलाया जा सका। जिसके कारण अभी भी जनपद में अभी भी जर्जर तार लटक रहे हैं।
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बयान लेना है...
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जनपद में लगभग सवा छह लाख से अधिक विद्युत उपभोक्ता हैं। इन उपभोक्ताओं से विद्युत विभाग हर महीने करोड़ों रुपये का बिल वसूलता है, लेकिन उपभोक्ताओं की सुविधा पर विभाग का ध्यान ही नहीं है। नगर क्षेत्र में विद्युत तार उस समय के हैं जब विद्युतीकरण किया गया था। इसके बाद तारों को बदला नहीं गया। काफी समय बाद सरकार ने इसे संज्ञान लिया और शहर में बेहतर विद्युत आपूर्ति और बिजली चोरी को रोकने के लिए एबीसी केबिल लगाने का फैसला लिया। विभाग द्वारा शहर के आराजीबाग समेत अन्य क्षेत्र में एबीसी केबिल तो लगाए गए लेकिन जर्जर तारों और तारों के जाल से शहर को छुटकारा नहीं दिलाया जा सका। जिसके कारण अभी भी जनपद में अभी भी जर्जर तार लटक रहे हैं।
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