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पिता सहित उसके दो पुत्रों को उम्रकैद
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आजमगढ़। हत्या के मामले में अदालत ने पिता और उसके दो पुत्रों को दोषी पाते हुए बुधवार को उम्रकैद की सजा सुनाई। साथ ही 20-20 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया। यह सजा विशेष न्यायाधीश एससीएसटी कोर्ट शिवचंद ने सुनाया। घटना कप्तानगंज थाना क्षेत्र की है।
मुकदमे के अनुसार तहबरपुर थाना क्षेत्र के खुटौली गांव निवासी विजयी सोनकर पुत्र दसई सोनकर के लड़के प्रमोद उर्फ बंटी की हत्याभियुक्तों ने नेवादा बजार में फल की दुकान पर 26 अगस्त 2017 की शाम लगभग चार बजे गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस मामले में मृतक के पिता ने स्थानीय थाने में कप्तानगंज थाना के गड़हन बुर्जुग गांव निवासी गोरख यादव पुत्री तेरस यादव और उसके दो लड़के जयबिंद यादव और संजय यादव के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कराई थी। मुकदमे में आरोप है कि आरोपियों ने जाति सूचक गालियां दी और गोरख के ललकारने पर जयबिंद ने प्रमोद को कट्टे से गोली मार दी। जिसके चलते घटना स्थल पर ही उसकी मौत हो गई। इस मामले में पुलिस ने आरोपियों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कर आरोप पत्र न्यायालय में प्रेषित किया। मुकदमे के परीक्षण के दौरान अभियोजन पक्ष की तरफ से पैरवी कर रहे अभियोजन अधिकारी मानिक चंद्र यादव, सहायक शासकीय अधिवक्ता इंद्रेश मणि त्रिपाठी, आलोक त्रिपाठी और प्राइवेट काउंसिल अवधनाथ सिंह ने इस मुकदमे के वादी विजय शंकर, रमाशंकर, देवराज प्रसाद, उप निरीक्षक संजय तिवारी, दीनानाथ, डा.राजकुमार, क्षेत्राधिकारी श्याम नरायन, थानाध्यक्ष विकास चंद्र पांडेय, कास्टेबल कुंज बिहारी और सूर्यबली पटेल को बतौर साक्षी अदालत में पेश किया और तर्को को रखा। अदालत ने उभय पक्षों के तर्को को सुनने के बाद आरोपी गोरख यादव, जयबिंद यादव और संजय यादव को हत्या का दोषी पाते हुए उक्त सजा का निर्धारण किया।
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मुकदमे के अनुसार तहबरपुर थाना क्षेत्र के खुटौली गांव निवासी विजयी सोनकर पुत्र दसई सोनकर के लड़के प्रमोद उर्फ बंटी की हत्याभियुक्तों ने नेवादा बजार में फल की दुकान पर 26 अगस्त 2017 की शाम लगभग चार बजे गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस मामले में मृतक के पिता ने स्थानीय थाने में कप्तानगंज थाना के गड़हन बुर्जुग गांव निवासी गोरख यादव पुत्री तेरस यादव और उसके दो लड़के जयबिंद यादव और संजय यादव के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कराई थी। मुकदमे में आरोप है कि आरोपियों ने जाति सूचक गालियां दी और गोरख के ललकारने पर जयबिंद ने प्रमोद को कट्टे से गोली मार दी। जिसके चलते घटना स्थल पर ही उसकी मौत हो गई। इस मामले में पुलिस ने आरोपियों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कर आरोप पत्र न्यायालय में प्रेषित किया। मुकदमे के परीक्षण के दौरान अभियोजन पक्ष की तरफ से पैरवी कर रहे अभियोजन अधिकारी मानिक चंद्र यादव, सहायक शासकीय अधिवक्ता इंद्रेश मणि त्रिपाठी, आलोक त्रिपाठी और प्राइवेट काउंसिल अवधनाथ सिंह ने इस मुकदमे के वादी विजय शंकर, रमाशंकर, देवराज प्रसाद, उप निरीक्षक संजय तिवारी, दीनानाथ, डा.राजकुमार, क्षेत्राधिकारी श्याम नरायन, थानाध्यक्ष विकास चंद्र पांडेय, कास्टेबल कुंज बिहारी और सूर्यबली पटेल को बतौर साक्षी अदालत में पेश किया और तर्को को रखा। अदालत ने उभय पक्षों के तर्को को सुनने के बाद आरोपी गोरख यादव, जयबिंद यादव और संजय यादव को हत्या का दोषी पाते हुए उक्त सजा का निर्धारण किया।
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