Azamgarh: खिरिया बाग से मंदुरी एयरपोर्ट तक किसानों ने निकाली परेड, बोले- जान दे देंगे लेकिन जमीन नहीं देंगे
यूपी के आजमगढ़ स्थित मंदुरी एयरपोर्ट विस्तारीकरण को लेकर विरोध लगातार जारी है। शासन- प्रशासन पर जबरन भूमि अधिग्रहण किए जाने का आरोप लगाते हुए तीन महीने से कप्तानगंज के खिरिया बाग में धरना दे रहे हैं।
विस्तार
यूपी के आजमगढ़ जिले में मंदुरी एयरपोर्ट के विस्तारीकरण के विरोध में खिरिया बाग में किसानों और मजदूरों का धरना गणतंत्र दिवस पर भी जारी रहा। प्रशासन के समझाने के बाद भी गुरुवार को किसानों ने खिरिया बाग से मंदुरी एयरपोर्ट तक परेड निकाली। पैदल मार्च करते हुए किसानों ने जान दे देंगे, लेकिन जमीन नहीं देंगे का नारा बुलंद किया। इस दौरान अधिकारियों के साथ ही फोर्स भी तैनात रही।
मंदुरी एयरपोर्ट के विस्तार का किसान शुरू से ही विरोध कर रहे हैं। शासन- प्रशासन पर जबरन भूमि अधिग्रहण किए जाने का आरोप लगाते हुए तीन महीने से कप्तानगंज के खिरिया बाग में धरना दे रहे हैं। इस धरने को कई किसान संगठन अपना समर्थन दे रहे हैं।
गणतंत्र दिवस के अवसर पर संयुक्त किसान मोर्चा व जमीन-मकान बचाओ संयुक्त मोर्चा के नेताओं व ग्रामीणों ने खिरिया बाग से कलेक्ट्रेट तक किसान परेड निकालने की बात कही थी। इसे लेकर प्रशासन पहले ही चौकन्ना हो गया था। धरना स्थल व आसपास के क्षेत्रों में फोर्स तैनात कर दी गई थी। प्रशासन के दबाव के बावजूद खिरिया बाग से किसान-मजदूर परेड निकल गया। इस दौरान किसान अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट के विस्तारीकरण की परियोजना रदद् करने के नारे लगा रहे थे।
आंदोलन में अब तक 22 किसानों-मजदूरों का निधन
मंदुरी एयरपोर्ट मुख्य मार्ग पर गणतंत्र दिवस का हवाला देते हुए प्रशासन ने आगे जाने से मना कर दिया। इसके बाद किसानों ने एयरपोर्ट के चारों तरफ से परेड कर किया। वक्ताओं ने कहा कि किसानों-मजदूरों ने परेड कर देशभर में संघर्ष का एक नया इतिहास रचा है।
इस आंदोलन में अब तक 22 किसानों-मजदूरों का निधन हो चुका है। अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट विस्तारीकरण परियोजना या किसी अन्य परियोजना के लिए जमीन-मकान नहीं देंगे। किसानों ने राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन एसओ कंधरापुर को सौंपा।