आजमगढ़। शैदा साहित्य मंडल के तत्वावधान में व्यंग विधा के दिवंगत कवि सुरेश प्रसाद श्रीवास्तव की प्रथम काव्य कृति ‘कागज बहुत महंगा है’ का लोकार्पण रविवार को प्रतिभा निकेतन इंटर कालेज अतलस पोखरा के सभागार में हुआ। शुभारंभ हरिहर पाठक, रामजी सिंह, जगदीश बरनवाल कुंद, डा. भक्तवत्सल, डा. शशिभूषण प्रशांत, उमेश चंद्र श्रीवास्तव, कन्हैया लाल अष्ठाना, जगदंबा प्रसाद दुबे ने दीप प्रज्जवलित कर किया। डा. शशिभूषण प्रशांत ने कहा कि सुरेश प्रसाद श्रीवास्तव सामयिक सरोकारों से जुड़े रहकर समाज की विसंगतियों पर करारी चोट करते थे। जगदीश प्रसाद बरनवाल ने कहा कि सुरेश प्रसाद धारदार सोच के धनी थे। कन्हैया लाल अष्ठाना ने कहा कि जिस पीढ़ी का प्रतिनिधत्व हो रहा है उसके लिए यह अद्वितीय अनुकरणीय उदाहरण है। अधिवक्ता श्रीकृष्ण तिवारी, डा. जगदंबा दुबे आदि ने विचार व्यक्त किए। इस मौके पर उमेश चंद्र श्रीवास्तव, बालेदीन, रवि आजमी, राकेश पांडेय, शैलेंद्र मोहन राय, डा.रविंद्र अष्ठाना, राजनाथ, राजकुमार सहित अनेक लोग उपस्थित रहे। अध्यक्षता हरिहर पाठक ने की।