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जहां लोकतंत्र नहीं वहां मैं भी नहीं: नीरज शेखर
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जहानागंज। भाजपा में शामिल होने के बाद रामपुर स्थित अपने पिता ने नाम पर बने ट्रस्ट पर पहुंच कर नीरज शेखर ने कहा कि चंद्रशेखर ट्रस्ट मेरे लिए सर्वाधिक पवित्र और पूज्यनीय स्थल है। देश में राष्ट्रपुरुष चंद्रशेखर के करोड़ों समर्थक हैं, लेकिन एनएलसी यशवंत सिंह ने सबसे पहले यहां उनकी प्रतिमा स्थापित की। इसके लिए मैं उनका जीवनभर ऋणी रहूंगा। श्री चन्द्रशेखर ट्रस्ट स्थित प्रतिमा पर श्रद्धासुमन अर्पित करने के बाद नीरज शेखर ने कहा कि तानाशाही का विरोध हमारे ख़ून में है। इसलिए जहां लोकतंत्र नहीं, वहां मैं भी नहीं।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह के नेतृत्व में हिंदुस्तान समृद्ध और सशक्त हिंदुस्तान होने की ओर अग्रसर है। इसलिए मैंने उनका आमंत्रण स्वीकार कर भाजपा की सदस्यता ग्रहण की। नीरज शेखर ने कहा कि अन्याय के विरुद्ध और तानाशाही के खिलाफ चट्टान की तरह अडिग होकर संघर्ष करने की प्रेरणा मुझे अपने पिता से मिली है। मैं उनके रास्ते पर हूं। इससे पहले प्रबंधक बृजेश कांदू, कोषाध्यक्ष लाल बहादुर सिंह लालू, उदय शंकर चौरसिया, अशोक पांडे, विक्रांत सिंह रिशू, रमेश कनौजिया, रामअवतार जयसवाल, शमशेर सिंह, सुनील सिंह बल्लू आदि ने नीरज शेखर का गर्मजोशी से स्वागत किया। पूरा ट्रस्ट परिसर चंद्रशेखर अमर रहे, जब तक सूरज चांद रहेगा चंदशेखर का नाम रहेगा...के नारों से गूंजता रहा। बृजेश कांदू ने कहा नीरज शेखर के ट्रस्ट आगमन से कार्यकर्ताओं का उत्साह काफी बढ़ा है। अध्यक्षता यशवंत सिंह के प्रतिनिधि उदयशंकर चौरसिया और संचालन शिक्षक नेता कमलेश राय ने किया। रामविजय सिंह, विजय कुमार सिंह भक्कू, सुभाष सिंह, पराग यादव, विजय बहादुर सिंह, रणधीर सिंह, बबलू राम, श्रीकांत सिंह, अशोक पांडे, छोटू पांडे, राम विजय सिंह, ज्ञानेंद्र सिंह, झब्बू सिंह, हनी सिंह आदि ने भी श्रद्धासुमन अर्पित किए।
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उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह के नेतृत्व में हिंदुस्तान समृद्ध और सशक्त हिंदुस्तान होने की ओर अग्रसर है। इसलिए मैंने उनका आमंत्रण स्वीकार कर भाजपा की सदस्यता ग्रहण की। नीरज शेखर ने कहा कि अन्याय के विरुद्ध और तानाशाही के खिलाफ चट्टान की तरह अडिग होकर संघर्ष करने की प्रेरणा मुझे अपने पिता से मिली है। मैं उनके रास्ते पर हूं। इससे पहले प्रबंधक बृजेश कांदू, कोषाध्यक्ष लाल बहादुर सिंह लालू, उदय शंकर चौरसिया, अशोक पांडे, विक्रांत सिंह रिशू, रमेश कनौजिया, रामअवतार जयसवाल, शमशेर सिंह, सुनील सिंह बल्लू आदि ने नीरज शेखर का गर्मजोशी से स्वागत किया। पूरा ट्रस्ट परिसर चंद्रशेखर अमर रहे, जब तक सूरज चांद रहेगा चंदशेखर का नाम रहेगा...के नारों से गूंजता रहा। बृजेश कांदू ने कहा नीरज शेखर के ट्रस्ट आगमन से कार्यकर्ताओं का उत्साह काफी बढ़ा है। अध्यक्षता यशवंत सिंह के प्रतिनिधि उदयशंकर चौरसिया और संचालन शिक्षक नेता कमलेश राय ने किया। रामविजय सिंह, विजय कुमार सिंह भक्कू, सुभाष सिंह, पराग यादव, विजय बहादुर सिंह, रणधीर सिंह, बबलू राम, श्रीकांत सिंह, अशोक पांडे, छोटू पांडे, राम विजय सिंह, ज्ञानेंद्र सिंह, झब्बू सिंह, हनी सिंह आदि ने भी श्रद्धासुमन अर्पित किए।
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