फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Azamgarh News ›   फर्जी पट्टा पत्रावली बना किया 16 बीघे जमीन पर कब्जा

फर्जी पट्टा पत्रावली बना किया 16 बीघे जमीन पर कब्जा

Sun, 10 Jun 2018 12:24 AM IST
Updated Sun, 10 Jun 2018 12:24 AM IST
विज्ञापन
फर्जी पट्टा पत्रावली बना किया 16 बीघे जमीन पर कब्जा
निजामाबाद (आजमगढ़)। तहसील क्षेत्र के गांव मनरा के ग्रामीणों ने एसडीएम से शिकायत की थी कि कुछ लोगों ने चकबंदी के दौरान फर्जी पट्टा पत्रावली बनवाकर ग्राम सभा कि नवीन परती और बंजर की 16 बीघे जमीन अपने नाम करा ली। एसडीएम बागीश कुमार शउल्क ने मामले की जांच कराई तो शिकायत सही पाई गई। एसडीएम ने चकबंदी अधिकारी को को फर्जी इंद्राज को निरस्त करने और तहसीलदार को गांव सभा की जमीन पर कब्जा करने और लाभार्थियों के किलाफ एफआईआर के निर्देश दिए। एसडीएम ने शिकायत के बाद रजिस्ट्रार कानूनगो अंबरीश सिंह से पट्टा पत्रावली की जांच कराई तो रिकार्ड में कोई पत्रावली नहीं थी। सदर तहसील से भी आख्या मांगी गई तो पता चला कि कोई पत्रावली नहीं है। फर्जी ढंग से लेखपाल, राजस्व निरीक्षक, तहसीलदार, एसडीएम के हस्ताक्षर बनाकर नामांतरण के लिए चकबंदी न्यायालय में प्रस्तुत किया गया था। 1996 में न्यालय से नामांतरण आदेश पारित हो गया, लेकिन खतौनी में नाम अंकित नहीं हुआ। 2005 में पुन: मिलीभगत कर नाम चढ़ा लिया गया। प्रधान सल्टू यादव ने आपत्ति की तो 2005 के आदेश के स्थगित कर दिया गया। 2009 में पुन: फर्जी पट्टेदारों का नाम खतौनी में अंकित हो गया। पूरे मामले की जांच एसडीए और बंदोबस्त अधिकारी श्रीप्रकाश की ओर से की गई। फर्जी इंद्राज को निरस्त कर रिपोर्ट चकबंदी विभाग को भेजी गई। जमीन सुल्तानपुर-आजमगढ़ हाईवे पर स्थित है। जमीन का अधिकतर हिस्सा प्रापर्टी डीलरों ने बेच खाया है और वर्तमान में यहां प्लाटिंग भी हो रही है। मामले में फर्जी पट्टा करने वाले प्रधान को तत्कालीन एसडीएम ने निलंबित भी कर दिया था, लेकिन जमीन कब्जामुक्त नहीं कराई जा सकी थी। 16 बीघे जमीन का फर्जी पट्टा कराने वालों में सूबेदार पुत्र सुखई, नैनी पुत्र फूलचंद, ललिता पत्नी छोटेलाल, चनरमन पुत्र सौमारू, महेंद्र व वीरेंद्र पुत्र तीर्थराज, कमलदानी पत्नी पारस, रमेश राय शामिल हैं। इसमें कई की मौत हो चुकी है। सभी पर एफआईआर के आदेश दिए गए हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed