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ट्रेनी लेखपाल दीपा की मौत का रहस्य बरकरार
Updated Tue, 25 Jul 2017 11:58 PM IST
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निजामाबाद। तहसील परिसर के सरकारी आवास में सोमवार की शाम फोन पर किसी से बात करते-करते फंदे पर झूलने वाली ट्रेनी लेखपाल दीपा कुमारी के मौत का रहस्य दूसरे दिन मंगलवार को भी बरकरार रहा। दीपा की मौत के बाद थाने पहुंचे उसके मां, भाई और देवर से भी कोई महत्वपूर्ण जानकारी नहीं हो सकी। ऐसे में गुत्थी सुलझाने के लिए पुलिस उस व्यक्ति के विषय में जानकारी और तलाश सरगर्मी से कर रही है। जो घटना के समय दीपा से फोन पर बात कर रहा था। इतना ही नहीं दीपा के कमरे से एक्सरे और काफी मात्रा में दवाइयां मिली हैं।
बिहार के नालंदा जिले के यतहपुर गांव की रहने वाली दीपा कुमारी की शादी झारखंड के बोकारो जिले के चास थाना क्षेत्र के यदुवंश नगर गांव निवासी आनंद के साथ हुई थी। वह दो बच्चों की मां थी। दीपा की बेटी झारखंड के एक हॉस्टल में रहकर पढ़ती है। जबकि बेटा उसके मां के साथ रह रहा था। दीपा का पति अहमदाबाद में रहकर नौकरी करता है। जबकि वह निजामाबाद तहसील में लेखपाल की ट्रेनिंग ले रही थी। यहीं सरकारी आवास में रहती थी। सोमवार की शाम दीपा तहसील में थी। तभी उसके मित्र रवि प्रताप यादव का फोन आया। वह रवि से फोन पर बात करते-करते अपने कमरे में गई और दरवाजा भीतर से बंद कर फांसी लगाकर जान दे दी। दीपा की मौत के बाद भी उसका फोन चालू रहा। करीब 57 मिनट तक उसका फोन चालू था। उधर दीपा से बात न हो पाने पर रवि ने उसकी सहेली दूसरी लेखपाल को फोन किया।
वह कमरे में झांकर देखी तो दीपा की लाश लटक रही थी। दीपा की मौत के सूचना पर मंगलवार को उसका देवर साकेत, ससुर रामादीन प्रसाद और उसकी मां और भाई निजामाबाद तहसील पहुंचे और एसडीएम और थानाध्यक्ष से मिले। जबकि उसका पति अभी नहीं आ सका है। पुलिस को दीपा से फोन पर बात करने वालों के विषय में कोई खास जानकारी नहीं हो सकी। ऐसे में पुलिस गुत्थी सुलझाने के लिए यह जानने के प्रयास में जुटी है कि रवि प्रताप यादव कौन है। दीपा से ऐसी उसक ी क्या बात हुई कि उसने जान दे दी। वहीं, कुछ विभागीय लोगों में चर्चा है कि दीपा प्रेमी की प्रताड़ना से तंग थी। सीओ सदर मो. अकमल खां ने बताया कि दीपा की मौत का कारण अभी नहीं पता चल सका है। रवि प्रताप यादव के विषय में जानकारी जुटाई जा रही। उसका कॉल डिटेल भी खंगाला जा रहा।
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बिहार के नालंदा जिले के यतहपुर गांव की रहने वाली दीपा कुमारी की शादी झारखंड के बोकारो जिले के चास थाना क्षेत्र के यदुवंश नगर गांव निवासी आनंद के साथ हुई थी। वह दो बच्चों की मां थी। दीपा की बेटी झारखंड के एक हॉस्टल में रहकर पढ़ती है। जबकि बेटा उसके मां के साथ रह रहा था। दीपा का पति अहमदाबाद में रहकर नौकरी करता है। जबकि वह निजामाबाद तहसील में लेखपाल की ट्रेनिंग ले रही थी। यहीं सरकारी आवास में रहती थी। सोमवार की शाम दीपा तहसील में थी। तभी उसके मित्र रवि प्रताप यादव का फोन आया। वह रवि से फोन पर बात करते-करते अपने कमरे में गई और दरवाजा भीतर से बंद कर फांसी लगाकर जान दे दी। दीपा की मौत के बाद भी उसका फोन चालू रहा। करीब 57 मिनट तक उसका फोन चालू था। उधर दीपा से बात न हो पाने पर रवि ने उसकी सहेली दूसरी लेखपाल को फोन किया।
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वह कमरे में झांकर देखी तो दीपा की लाश लटक रही थी। दीपा की मौत के सूचना पर मंगलवार को उसका देवर साकेत, ससुर रामादीन प्रसाद और उसकी मां और भाई निजामाबाद तहसील पहुंचे और एसडीएम और थानाध्यक्ष से मिले। जबकि उसका पति अभी नहीं आ सका है। पुलिस को दीपा से फोन पर बात करने वालों के विषय में कोई खास जानकारी नहीं हो सकी। ऐसे में पुलिस गुत्थी सुलझाने के लिए यह जानने के प्रयास में जुटी है कि रवि प्रताप यादव कौन है। दीपा से ऐसी उसक ी क्या बात हुई कि उसने जान दे दी। वहीं, कुछ विभागीय लोगों में चर्चा है कि दीपा प्रेमी की प्रताड़ना से तंग थी। सीओ सदर मो. अकमल खां ने बताया कि दीपा की मौत का कारण अभी नहीं पता चल सका है। रवि प्रताप यादव के विषय में जानकारी जुटाई जा रही। उसका कॉल डिटेल भी खंगाला जा रहा।
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