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नासिक से कराई जाएगी नकली नोटों की जांच
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आजमगढ़। रौनापार थाने की पुलिस द्वारा छह मार्च को निबियहवा ढाले के पास वाहन चेकिंग के दौरान नौ हजार रुपये की जाली नोट के साथ गिरफ्तार आरोपी सुभाष यादव को सजा दिलाने और बरामद नोटों की नासिक भेजकर जांच कराई जाएगी। इसके लिए पुलिस के विशेषज्ञों की मदद से रिपोर्ट तैयार करवाई जा रही। जांच से ही स्पष्ट होगा कि नोट कहां बना है। इसी रिपोर्ट के आधार पर आरोपी की सजा भी निर्धारित की जाएगी। इसके साथ ही पुलिस सुभाष के दो मोबाइलों का कॉल डिटेल खंगाल रही है। ै।
रौनापार थाना क्षेत्र के अराजी नौबरार करखिया किता प्रथम गांव निवासी सुभाष यादव पुत्र रामराज पेशेवर अपराधी है। इसके खिलाफ थाने में लूट, चोरी और हत्या के प्रयास के 14 से अधिक मुकदमे दर्ज हैं। सुभाष यादव जरायम की दुनिया के साथ-साथ जाली नोटों के कारोबार से भी जुड़ गया और नकली नोट सप्लाई करने लगा। छह अक्तूबर को रौनापार थाने की पुलिस ने सुभाष को 14800 की नकली नोट के साथ रौनापार बाजार से गिरफ्तार किया था। जेल से छूटने के बाद वह पुन: इस धंधे में सक्रिय हो गया। छह मार्च को रौनापार थाना प्रभारी दिनेश चंद्र पाठक द्वारा सुभाष यादव को निबियहवा ढाले के पास से गिरफ्तार कर उसके पास से पुन: पांच-पांच सौ रुपये की नौ हजार नकली नोट बरामद किया। इससे यह साबित हो गया कि उसका किसी न किसी बड़े रैकेट से संपर्क है। एसपी ग्रामीण नरेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि सुभाष के जरिए गिरोह के विषय में कोई जानकारी नहीं हो सकी। ऐसे में उसके मोबाइल का रिकार्ड खंगाला जा रहा।
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रौनापार थाना क्षेत्र के अराजी नौबरार करखिया किता प्रथम गांव निवासी सुभाष यादव पुत्र रामराज पेशेवर अपराधी है। इसके खिलाफ थाने में लूट, चोरी और हत्या के प्रयास के 14 से अधिक मुकदमे दर्ज हैं। सुभाष यादव जरायम की दुनिया के साथ-साथ जाली नोटों के कारोबार से भी जुड़ गया और नकली नोट सप्लाई करने लगा। छह अक्तूबर को रौनापार थाने की पुलिस ने सुभाष को 14800 की नकली नोट के साथ रौनापार बाजार से गिरफ्तार किया था। जेल से छूटने के बाद वह पुन: इस धंधे में सक्रिय हो गया। छह मार्च को रौनापार थाना प्रभारी दिनेश चंद्र पाठक द्वारा सुभाष यादव को निबियहवा ढाले के पास से गिरफ्तार कर उसके पास से पुन: पांच-पांच सौ रुपये की नौ हजार नकली नोट बरामद किया। इससे यह साबित हो गया कि उसका किसी न किसी बड़े रैकेट से संपर्क है। एसपी ग्रामीण नरेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि सुभाष के जरिए गिरोह के विषय में कोई जानकारी नहीं हो सकी। ऐसे में उसके मोबाइल का रिकार्ड खंगाला जा रहा।
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