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धमकी से भयभीत अधेड़ की मौत

Sun, 18 Mar 2018 11:35 PM IST
Updated Sun, 18 Mar 2018 11:35 PM IST
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धमकी से भयभीत अधेड़ की मौत
अमिलो। मुबारकपुर थाना क्षेत्र के गोंछा गांव में जमीन से जबरन चकरोड निकालने की बार-बार धमकी से भयभीत अधेड़ की मौत के मामले में पुलिस को तहरीर दी गई है। घर वालों ने गांव के प्रधान और लेखपाल को मौत का जिम्मेदार मानते हुए तहरीर दी। पुलिस पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का कारण स्पष्ट होने के बाद कार्रवाई की बात कह रही है। वहीं, प्रधान का कहना है कि 15 मार्च को ही खड़जा बनाने का कार्य रोक दिया गया था। आरोप निराधार है। सरकारी जमीन पर कब्जा किया गया है, जिससे उच्चाधिकारियों को अवगत करा दिया गया है। गोंछा गांव निवासी बांके गोड़ (58) पुत्र सहदेव ने गांव में वर्षों पहले 69 कड़ी जमीन का बैनामा लेकर मकान बनाया था। इसमें वह रह रहा था। मकान के चारों तरफ चहारदीवारी भी बनाया था। गांव की सड़क से होकर आबादी की तरफ सरकारी खर्च से चकरोड और खड़जे का निर्माण हो रहा है। प्रधान और लेखपाल चकरोड बांके की जमीन से होकर निकलने की बात कह रहे थे। बांके और उसका पूरा परिवार अपनी जमीन से किसी भी कीमत पर खड़ंजा नहीं लगने की जिद पर अड़ा था। चकरोड का निर्माण करते हुए बांके की चहारदीवारी से सटा दिया गया है। अब अगला जो भी निर्माण होगा वह बांके की दीवार तोड़ने के बाद ही होगा। इस बात को लेकर बांके और उसका परिवार काफी चिंतित था। परिजनों का आरोप है कि इसी चिंता के कारण शनिवार की शाम बांके की तबियत खराब हुई। अस्पताल में इलाज के दौरान रविवार को उसकी मौत हो गई। इसे लेकर गांव के लोग बांके का शव प्रमुख मार्ग पर रखकर जाम लगाने जा रहे थे। तभी प्रभारी निरीक्षक मुबारकपुर अनुप शुक्ला पहुंच गए। परिवार के लोगों से लेखपाल और प्रधान के विरुद्ध तहरीर लेकर पुलिस ने बांके की लाश को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। सीओ सदर मो. अकमल खां ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत की जो भी वजह होगी, उसके तहत कार्रवाई की जाएगी। वहीं, प्रधान शंकर राम का कहना है कि 15 मार्च को ही खड़ंजा बनाने का कार्य रोक दिया गया था। चकमार्ग 50 साल पुराना है। इसके बारे में उच्चाधिकारियों को भी अवगत करा दिया गया है। सारे आरोप निराधार है। बांकेलाल कई वर्षों से बीमार चल रहे थे। मुझे फंसाने की साजिश की जा रही है। एसडीएम सदर, प्रशांत कुमार ने बताया कि मामला संज्ञान में नहीं है। ऐसा हुआ है तो जांच कर कार्रवाई की जाएगी।
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