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अग्निवीर भर्ती : फर्जी दस्तावेज लगाकर तीन युवक बने अग्निवीर, कूटरचना का खुलासा होने पर रिपोर्ट दर्ज
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ललितपुर। अग्निवीर भर्ती में फर्जी दस्तावेजों का उपयोग करके तीन युवक अग्निवीर में चयनित हो गए और ट्रेनिंग करने लगे। ट्रेनिंग सेंटर से अभिलेखों का कराए गए सत्यापन की जांच में धोखाधड़ी का खुलासा हुआ। पुलिस ने तीनों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर जांच प्रारंभ कर दी है।
पुलिस के अनुसार, जिला मजिस्ट्रेट के द्वारा निर्गत लड़ाकू रंगरुट यशवंत लोधी पुत्र प्रमोद लोधी निवासी ग्राम विघा महावत के चरित्र एवं सत्यापन के संबंध में जांच आख्या मांगी गई। इसमें यशवंत लोधी का अग्निवीर के रूप में चयन हुआ था और उसका नामांकन रोल नंबर IAF-1152 के तहत हुआ था। अग्निवीर नंबर ए280069एच रैंक अग्निवीर जोकि गोरखा ट्रेनिंग सेंटर हैप्पी वैली शिलांग जनपद ईस्ट खासी हिल मेघालय द्वारा दिए गए प्रपत्रों में यशवंत लोधी है। उसकी जन्मतिथि 15 मई 2006 है। इसमें पूर्व में निर्गत चरित्र प्रमाण पत्र लगा है जोकि तहसील सदर से निर्गत किया था। इसमें लोधी जाति दर्शाई गई है और निवास प्रमाण पत्र है, जिसमें विद्यामहावत पोस्ट नदनवारा का दर्शाया गया है। जब कोतवाली पुलिस ने अभिलेखों का वैरीफिकेशन को स्थानीय पते पर जाकर किया तो उक्त नाम का व्यक्ति गांव का निवासी पाया। लेकिन दस्तावेजों पर जो फोटो लगी थी, वह किसी अन्य व्यक्ति की थी। इसकी जब पुलिस ने गहनता से जांच की तो पाया गया कि उक्त दस्तावेजों पर लगी फोटो यशवंत के मित्र कन्हैया पुत्र आशाराम निवासी बिरारी की है। कन्हैयालाल की जन्मतिथि 18 जुलाई 2002 है और वह जाति से कुशवाहा है। जांच से यह स्पष्ट हुआ कि कन्हैयालाल द्वारा फर्जी दस्तावेज तैयार कर यशवंत लोधी निवासी बीघामहावत के साथ मिलकर फर्जी तरीके से अग्निवीर चयन प्रक्रिया में शामिल होकर चयनित होकर धोखाधडी से नौकरी हासिल की। जांच में यह भी पाया गया कि रामचरन पुत्र कैलाश निवासी गेंचवारा थाना जखौरा के दस्तावेजों का प्रयोग कर आकाश पुत्र मुन्नालाल निवासी बीघाखेत महर्रा और रामकुमार पुत्र मेहरबान निवासी बीघामहावत के दस्तावेजों का प्रयोग कर वीरेंद्र पुत्र कृष्णपाल लोधी निवासी बीघामहावत द्वारा फर्जी दस्तावेजों को लगाकर अनुचित तरीके से अग्निवीर की चयन प्रक्रिया में शामिल होकर फर्जी तरीके से अग्निवीर के रूप में नौकरी हासिल की। इसके साथ सरकारी धन का दुरुपयोग किया गया। आरोपी कन्हैया, आकाश और वीरेंद्र ने धोखाधडी, कूटरचित दस्तावेज तैयार करके सही के रूप में प्रस्तुत कर अग्निवीर के रूप में भर्ती होकर अनुचित तरीके से सरकारी धन प्राप्त किया गया। इस मामले में साइबर क्राइम थाना प्रभारी निरीक्षक शावेज खान की तहरीर पर तीनों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर जांच प्रारंभ की गई।
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तीन महीने पूर्व भर्ती प्रक्रिया में चयनित होकर कर रहे ट्रेनिंग
फर्जी तरीके से अग्निवीर भर्ती प्रक्रिया में शामिल होकर अग्निवीर के रूप में तीनों आरोपी करीब तीन माह पूर्व भर्ती हुए थे। पुलिस के मुताबिक आरोपी कन्हैया करीब तीन माह से यशवंत बनकर मेघालय में लड़ाकू रंगरूट के रूप में ट्रेनिंग ले रहा था। जबकि अन्य दो आरोपी असम और हैदराबाद में ट्रेनिंग ले रहे हैं।
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जिले की पुलिस ने अपनी रिपोर्ट भेजी भर्ती संस्था को
अग्निवीर भर्ती प्रक्रिया में कूटरचित दस्तावेज लगाकर अग्निवीर में चयनित होने के तीन मामले जिले में जांच के दौरान सामने आने के बाद जनपद पुलिस ने इसकी रिपोर्ट भर्ती संस्था के साथ साथ ट्रेनिंग सेंटर पर भी प्रेषित कर दी है। पुलिस के मुताबिक उक्त उक्त तीनों आरोपियों को सेना से बर्खास्त कर दिया गया है और आगे की कार्रवाई शुरू की गई है।
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धोखाधड़ी के इस केस की गहनता से जांच में जुटी पुलिस
पुलिस की जांच में सामने आया कि आरोपियों ने फर्जी दस्तावेज तैयार कर उनका सही रूप में इस्तेमाल करते हुए अग्निवीर के रूप में चयन हासिल किया और सरकारी धन का लाभ हासिल किया। मामले में तीनों आरोपियों कन्हैयालाल, आकाश और वीरेंद्र के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करने के बाद पुलिस अब इस केस की गहनता से जांच करने में जुट गई है। इसमें वह फोटो और भर्ती प्रक्रिया से जुड़े अभिलेखों की जांच कर रही है। साथ ही भी जांच कर रही है कि फर्जी दस्तावेज तैयार करने और भर्ती में उपयोग कराने में इनके साथ और कौन लोग शामिल रहे।
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अग्निवीर में चयनित हुए तीन युवकों के अभिलेखों का सत्यापन करने पर पाया गया कि तीनों ही युवकों ने दूसरे युवकों के कागजातों का उपयोग कर स्वयं की फोटो लगाकर अग्निवीर बने। तीनों ही युवक अधिक उम्र के थे और कम उम्र दर्शाने के लिए दूसरे के अभिलेखों का उपयोग किया। आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। मामले की गहनता से जांच कर आगे की कार्रवाई की जा रही है।
कालू सिंह, अपर पुलिस अधीक्षक
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पुलिस के अनुसार, जिला मजिस्ट्रेट के द्वारा निर्गत लड़ाकू रंगरुट यशवंत लोधी पुत्र प्रमोद लोधी निवासी ग्राम विघा महावत के चरित्र एवं सत्यापन के संबंध में जांच आख्या मांगी गई। इसमें यशवंत लोधी का अग्निवीर के रूप में चयन हुआ था और उसका नामांकन रोल नंबर IAF-1152 के तहत हुआ था। अग्निवीर नंबर ए280069एच रैंक अग्निवीर जोकि गोरखा ट्रेनिंग सेंटर हैप्पी वैली शिलांग जनपद ईस्ट खासी हिल मेघालय द्वारा दिए गए प्रपत्रों में यशवंत लोधी है। उसकी जन्मतिथि 15 मई 2006 है। इसमें पूर्व में निर्गत चरित्र प्रमाण पत्र लगा है जोकि तहसील सदर से निर्गत किया था। इसमें लोधी जाति दर्शाई गई है और निवास प्रमाण पत्र है, जिसमें विद्यामहावत पोस्ट नदनवारा का दर्शाया गया है। जब कोतवाली पुलिस ने अभिलेखों का वैरीफिकेशन को स्थानीय पते पर जाकर किया तो उक्त नाम का व्यक्ति गांव का निवासी पाया। लेकिन दस्तावेजों पर जो फोटो लगी थी, वह किसी अन्य व्यक्ति की थी। इसकी जब पुलिस ने गहनता से जांच की तो पाया गया कि उक्त दस्तावेजों पर लगी फोटो यशवंत के मित्र कन्हैया पुत्र आशाराम निवासी बिरारी की है। कन्हैयालाल की जन्मतिथि 18 जुलाई 2002 है और वह जाति से कुशवाहा है। जांच से यह स्पष्ट हुआ कि कन्हैयालाल द्वारा फर्जी दस्तावेज तैयार कर यशवंत लोधी निवासी बीघामहावत के साथ मिलकर फर्जी तरीके से अग्निवीर चयन प्रक्रिया में शामिल होकर चयनित होकर धोखाधडी से नौकरी हासिल की। जांच में यह भी पाया गया कि रामचरन पुत्र कैलाश निवासी गेंचवारा थाना जखौरा के दस्तावेजों का प्रयोग कर आकाश पुत्र मुन्नालाल निवासी बीघाखेत महर्रा और रामकुमार पुत्र मेहरबान निवासी बीघामहावत के दस्तावेजों का प्रयोग कर वीरेंद्र पुत्र कृष्णपाल लोधी निवासी बीघामहावत द्वारा फर्जी दस्तावेजों को लगाकर अनुचित तरीके से अग्निवीर की चयन प्रक्रिया में शामिल होकर फर्जी तरीके से अग्निवीर के रूप में नौकरी हासिल की। इसके साथ सरकारी धन का दुरुपयोग किया गया। आरोपी कन्हैया, आकाश और वीरेंद्र ने धोखाधडी, कूटरचित दस्तावेज तैयार करके सही के रूप में प्रस्तुत कर अग्निवीर के रूप में भर्ती होकर अनुचित तरीके से सरकारी धन प्राप्त किया गया। इस मामले में साइबर क्राइम थाना प्रभारी निरीक्षक शावेज खान की तहरीर पर तीनों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर जांच प्रारंभ की गई।
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तीन महीने पूर्व भर्ती प्रक्रिया में चयनित होकर कर रहे ट्रेनिंग
फर्जी तरीके से अग्निवीर भर्ती प्रक्रिया में शामिल होकर अग्निवीर के रूप में तीनों आरोपी करीब तीन माह पूर्व भर्ती हुए थे। पुलिस के मुताबिक आरोपी कन्हैया करीब तीन माह से यशवंत बनकर मेघालय में लड़ाकू रंगरूट के रूप में ट्रेनिंग ले रहा था। जबकि अन्य दो आरोपी असम और हैदराबाद में ट्रेनिंग ले रहे हैं।
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जिले की पुलिस ने अपनी रिपोर्ट भेजी भर्ती संस्था को
अग्निवीर भर्ती प्रक्रिया में कूटरचित दस्तावेज लगाकर अग्निवीर में चयनित होने के तीन मामले जिले में जांच के दौरान सामने आने के बाद जनपद पुलिस ने इसकी रिपोर्ट भर्ती संस्था के साथ साथ ट्रेनिंग सेंटर पर भी प्रेषित कर दी है। पुलिस के मुताबिक उक्त उक्त तीनों आरोपियों को सेना से बर्खास्त कर दिया गया है और आगे की कार्रवाई शुरू की गई है।
धोखाधड़ी के इस केस की गहनता से जांच में जुटी पुलिस
पुलिस की जांच में सामने आया कि आरोपियों ने फर्जी दस्तावेज तैयार कर उनका सही रूप में इस्तेमाल करते हुए अग्निवीर के रूप में चयन हासिल किया और सरकारी धन का लाभ हासिल किया। मामले में तीनों आरोपियों कन्हैयालाल, आकाश और वीरेंद्र के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करने के बाद पुलिस अब इस केस की गहनता से जांच करने में जुट गई है। इसमें वह फोटो और भर्ती प्रक्रिया से जुड़े अभिलेखों की जांच कर रही है। साथ ही भी जांच कर रही है कि फर्जी दस्तावेज तैयार करने और भर्ती में उपयोग कराने में इनके साथ और कौन लोग शामिल रहे।
अग्निवीर में चयनित हुए तीन युवकों के अभिलेखों का सत्यापन करने पर पाया गया कि तीनों ही युवकों ने दूसरे युवकों के कागजातों का उपयोग कर स्वयं की फोटो लगाकर अग्निवीर बने। तीनों ही युवक अधिक उम्र के थे और कम उम्र दर्शाने के लिए दूसरे के अभिलेखों का उपयोग किया। आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। मामले की गहनता से जांच कर आगे की कार्रवाई की जा रही है।
कालू सिंह, अपर पुलिस अधीक्षक