फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Azamgarh News ›   सिपाही, हेड मुहर्रिर, जेल कर्मियों से हो रही पूछताछ

सिपाही, हेड मुहर्रिर, जेल कर्मियों से हो रही पूछताछ

Thu, 21 Dec 2017 11:25 PM IST
Updated Thu, 21 Dec 2017 11:25 PM IST
विज्ञापन
सिपाही, हेड मुहर्रिर, जेल कर्मियों से हो रही पूछताछ
आजमगढ़। दीवानी न्यायालय में पेशी के दौरान 18 दिसंबर को पुलिस अभिरक्षा से फरार हुए सजायाफ्ता मोहन पासी का तीसरे दिन गुरुवार को भी कोई सुराग नहीं लग सका। मोहन की तलाश में गठित पुलिस की छह टीमें जहां गोरखपुर, गाजीपुर, अंबेडकर नगर आदि जिलों की खाक छान रही हैं। वहीं सुराग लगाने के लिए सिपाही, लाकअप के हेड मुहर्रिर और जेल के बंदी रक्षकों से भी पूछताछ की जा रही है। अभी तक पुलिस को इस संबंध में कोई ठोस सुराग हाथ नहीं लग सका है।
विज्ञापन

जहानागंज थाना क्षेत्र के शमशुद्दीनपुर गांव निवासी मोहन पासी जेल में बंद श्यामबाबू पासी गिरोह का सदस्य है। वर्ष 2008 में जहानागंज थाना क्षेत्र मेें हुए डीह गांव के प्रधान राकेश सिंह पप्पू सहित तीन लोगों की हत्या के मामले में मोहन को आजीवन कारावास की सजा हुई है। तभी से वह जेल में है। मोहन के विरुद्ध निजामाबाद थाना क्षेत्र में गोली मारकर की गई लूट की घटना के मामले में 18 दिसंबर को न्यायालय में पेशी पर लाया गया था। यहीं से वह पुलिस को चकमा देकर फरार हो गया। मोहन का पता लगाने के लिए सिपाही रामाश्रय, लाकअप के हेडमुहर्रिर उदयनरायण तिवारी के अलावा जेल के कई बंदी रक्षकों से पुलिस पूछताछ कर रही है। जबकि कईयों के गतिविधियों पर सख्त नजर रखी जा रही है। उधर मोहन पासी को पकडने के लिए एसपी अजय कुमार साहनी की तरफ से लगाई गई पुलिस की छह टीमें अलग-अलग तरीके से गोरखपुर, गाजीपुर, अंबेडकर नगर आदि जिलों की खाक छान रही हैं। हालांकि अभी तक कोई सफलता नहीं मिली है। एसपी सिटी सुभाष चंद्र गंगवार ने बताया कि मोहन की तलाश में पुलिस दिन रात एक कर दिया है। पुलिस सुराग लगानेे के लिए कुछ लोगों से पूछताछ भी कर रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed