{"_id":"5ae36a5f4f1c1b87098b6ac8","slug":"131524853343-azamgarh-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"वक्फ संपति का मुआवजा हड़पने की शिकायत, खाता सीज","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
वक्फ संपति का मुआवजा हड़पने की शिकायत, खाता सीज
Updated Sat, 28 Apr 2018 12:04 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
आजमगढ़। मेंहनगर तहसील के मुजफ्परपुर गांव में हाईवे में आई वक्फ संपत्ति का भुगतान गलत तरीके से लेने की शिकायत पर मुख्य राजस्व अधिकारी ने खाते को सीज कर दिया है। मुआवजे के रूप में जारी किए गए 32 लाख रुपये की रिकवरी की जाएगी। जमीन कुल लगभग दो करोड़ रुपये मुआवजा हड़पने की तैयारी थी।
कोटिला गांव के प्रधान सुहैल अहमद ने बताया कि उनके पिता ने मेंहनगर तहसील के मुजफ्फरनगर स्थित वक्फ संपत्ति में डीड की थी कि संपत्ति के मुतवल्ली उनके सभी पुत्र होंगे। वो सात भाई हैं। इस बीच सुन्नी सेंट्रल बोर्ड से तथ्य छिपाकर उनका भाई अली कदर मुतवल्ली बन गए। मामले की जानकारी हुई तो मुकदमा चला और इस पर स्टे हो गया। इस बीच जमीन हाईवे में आ गई। लगभग दो करोड़ मुआवजा तय हुआ। सीआरओ कोर्ट से फैसला हुआ कि मुआवजे की धनराशि हजरत वारीताला (अल्लाह) के नाम से खोले गए खाते में होगा। लेकिन अली कदर ने अपने नाम से खाता खोल लिया। कर्मचारियों की मिलीभगत से उसे 32 लाख का भुगतान भी हो गया। इसमें उसने तीस लाख रुपये दूसरे खातों में ट्रांसफर भी कर लिए। मामले की जानकारी सुहैल अहमद को हुई तो उन्हों ने शिकायत मुख्य राजस्व अधिकारी आलोक वर्मा से की। जानकारी होने पर खाते का सीज कर दिया गया है। इसके साथ ही रिकवरी की भी प्रक्रिया शुरू का जा रही है। वक्फ संपत्ति के नाम पर फर्जीवाड़े की जानकारी मिलने पर आसपास अन्य जमीनों की भी जांच की गई। इसमें दो और जमीनों में फर्जीवोड़ की बात सामने आई है। इनके खाते भी सीज कर रिकवरी की कार्रवाई की जा रही है।
000000000000ा
वक्फ संपत्ति के नाम पर फर्जी तरीके से भुगतान लेने का मामला सामने आया है। खाते को सीज कर दिया गया है। रिकवरी की भी कार्रवाई की जा रही है। दो अन्य मामले भी सामने आए हैं, जिसमें रिकवरी की जा रही है।
विज्ञापन
आलोक वर्मा, सीआरओ
विज्ञापन
कोटिला गांव के प्रधान सुहैल अहमद ने बताया कि उनके पिता ने मेंहनगर तहसील के मुजफ्फरनगर स्थित वक्फ संपत्ति में डीड की थी कि संपत्ति के मुतवल्ली उनके सभी पुत्र होंगे। वो सात भाई हैं। इस बीच सुन्नी सेंट्रल बोर्ड से तथ्य छिपाकर उनका भाई अली कदर मुतवल्ली बन गए। मामले की जानकारी हुई तो मुकदमा चला और इस पर स्टे हो गया। इस बीच जमीन हाईवे में आ गई। लगभग दो करोड़ मुआवजा तय हुआ। सीआरओ कोर्ट से फैसला हुआ कि मुआवजे की धनराशि हजरत वारीताला (अल्लाह) के नाम से खोले गए खाते में होगा। लेकिन अली कदर ने अपने नाम से खाता खोल लिया। कर्मचारियों की मिलीभगत से उसे 32 लाख का भुगतान भी हो गया। इसमें उसने तीस लाख रुपये दूसरे खातों में ट्रांसफर भी कर लिए। मामले की जानकारी सुहैल अहमद को हुई तो उन्हों ने शिकायत मुख्य राजस्व अधिकारी आलोक वर्मा से की। जानकारी होने पर खाते का सीज कर दिया गया है। इसके साथ ही रिकवरी की भी प्रक्रिया शुरू का जा रही है। वक्फ संपत्ति के नाम पर फर्जीवाड़े की जानकारी मिलने पर आसपास अन्य जमीनों की भी जांच की गई। इसमें दो और जमीनों में फर्जीवोड़ की बात सामने आई है। इनके खाते भी सीज कर रिकवरी की कार्रवाई की जा रही है।
विज्ञापन
000000000000ा
वक्फ संपत्ति के नाम पर फर्जी तरीके से भुगतान लेने का मामला सामने आया है। खाते को सीज कर दिया गया है। रिकवरी की भी कार्रवाई की जा रही है। दो अन्य मामले भी सामने आए हैं, जिसमें रिकवरी की जा रही है।
विज्ञापन
आलोक वर्मा, सीआरओ