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95 लाख के गबन में दी गई तहरीर
Updated Wed, 01 Nov 2017 11:46 PM IST
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आजमगढ़। भू-माफियाओं की ओर से विभागीय कर्मचारियों के साथ साठगांठ कर 30 साल से लापता व्यक्ति के जमीन के नाम पर मुआवजे के 95 लाख रुपये हड़पने के मामले में विभाग की ओर से एक को नामजद करते हुए तहरीर दे दी गई है। सूत्रों की माने तो मामले में राजस्व विभाग और तहसील के कर्मचारियों का भी फंसना तय है। क्योंकि विभागीय कर्मचारियों की मिलीभगत से भी फर्जी आदमी को सुग्रीव राम बनाकर हर जगह खड़ा किया गया था। साथ ही खाता खुलवाने के लिए उसके नाम से फर्जी आधार कार्ड भी बनवाया गया। अभी कार्रवाई की जद में कई और लोग आएंगे।
सील के भीलमपुर छपरा निवासी सुग्रीव राम पुत्र धनई 30 साल से लापता है। उसके हिस्से की कुछ जमीन थी जो आजमगढ़-लखनऊ हाईवे में आई थी। भू-माफियाओं ने राजस्व और तहसील कर्मचारियों की मिलीभगत से फर्जी सुग्रीव नाम के आदमी को खड़ा कर दिया। उसका फर्जी आधार कार्ड बनवाकर एक प्राइवेट बैंक में खाता खुलवाया गया। जिस दि न विभाग की ओर से मुआवजे की धनराशि 95 लाख रुपये खाते में ट्रांसफर हुई उसी दिन खाते से 18 लाख कैश निकाल लिए गए, 40 लाख के सोने की खरीदारी की और शेष रुपया दूसरे खातों में किया ट्रांसफर कर दिया। मामले की शिकायत मिलने पर सीआरओ आलोक वर्मा ने खाते को सील करने के साथ तसीलदार से मामले की रिपोर्ट मांगी थी। बुधवार को मामला सुर्खियां बनने पर जिलाधिकारी ने गंभीरता को देखतए हुए खुद सीआरओं को मामले की जांच करने के निर्देश दिए। साथ ही विशेष भूमि अध्याप्ति कार्यालय के बाबू योगेंद्र सिंह की ओर से फर्जी सुग्रीव राम को नामजद करते हुए मामले की तहरीर दी गई। सूत्रों की माने तो मामले में राजस्व विभाग और तहसील के कर्मचारियों का भी फंसना तय है।उनके ऊपर भी कार्रवाई की तलवार लटक रही है। इसके साथ ही फर्जी आधार और पैन कार्ड बनाने वाले भी कार्रवाई की जद में हैं।
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सील के भीलमपुर छपरा निवासी सुग्रीव राम पुत्र धनई 30 साल से लापता है। उसके हिस्से की कुछ जमीन थी जो आजमगढ़-लखनऊ हाईवे में आई थी। भू-माफियाओं ने राजस्व और तहसील कर्मचारियों की मिलीभगत से फर्जी सुग्रीव नाम के आदमी को खड़ा कर दिया। उसका फर्जी आधार कार्ड बनवाकर एक प्राइवेट बैंक में खाता खुलवाया गया। जिस दि न विभाग की ओर से मुआवजे की धनराशि 95 लाख रुपये खाते में ट्रांसफर हुई उसी दिन खाते से 18 लाख कैश निकाल लिए गए, 40 लाख के सोने की खरीदारी की और शेष रुपया दूसरे खातों में किया ट्रांसफर कर दिया। मामले की शिकायत मिलने पर सीआरओ आलोक वर्मा ने खाते को सील करने के साथ तसीलदार से मामले की रिपोर्ट मांगी थी। बुधवार को मामला सुर्खियां बनने पर जिलाधिकारी ने गंभीरता को देखतए हुए खुद सीआरओं को मामले की जांच करने के निर्देश दिए। साथ ही विशेष भूमि अध्याप्ति कार्यालय के बाबू योगेंद्र सिंह की ओर से फर्जी सुग्रीव राम को नामजद करते हुए मामले की तहरीर दी गई। सूत्रों की माने तो मामले में राजस्व विभाग और तहसील के कर्मचारियों का भी फंसना तय है।उनके ऊपर भी कार्रवाई की तलवार लटक रही है। इसके साथ ही फर्जी आधार और पैन कार्ड बनाने वाले भी कार्रवाई की जद में हैं।
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