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‘खून’ में खेल प्राथमिकी दर्ज
ब्यूरो, अमर उजाला, आजमगढ़
Updated Sun, 15 Feb 2015 12:00 AM IST
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ब्लड बैंक के आसपास मंडराते दलाल मरीज के लिए खून लेने आए तीमारदारों को फांसकर निम्न गुणवत्ता का खून महंगे दाम पर बेच रहे हैं।
मरीजों को भरोसा दिलाने के लिए ब्लड बैंक के फर्जी कागजात भी बना दिए जा रहे हैं। ऐसे ही एक मामले का खुलासा होने पर सीएमओ ने शहर कोतवाली में प्राथमिकी दर्ज कराई है।
नगर के सिधारी मुहल्ला स्थित सरोज नर्सिंग होम में लालचंद नामक एक मरीज भर्ती है। उसके शरीर में रक्त की मात्रा कम होने पर 8 फरवरी को इलाज कर रहे डाक्टर पंकज जायसवाल ने शहर के जिला अस्पताल स्थित ब्लड बैंक से लाया गया खून चढ़ाया था।
शनिवार को मरीज को पुन: खून की जरूरत पड़ी तो लालचंद के घरवालों से एक यूनिट खून और लाने को कहा। परिवारवाले खून लेकर आए।
चढ़ाने से पहले डाक्टर ने ब्लड से संबंधित कागजात देखे तो उन्हें गड़बड़ी का शक हुआ। उन्होंने ब्लड बैंक फोन किया तो पता चला कि इस खून का कोई रिकार्ड वहां नहीं था।
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डाक्टर ने तत्काल इस मामले की जानकारी सीएमओ को दी। मौके पर पहुंचे सीएमओ ने खून की जांच कराई तो उसमें हीमोग्लोबिन की मात्रा काफी कम मिली।
ब्लड बैंक के कागजात भी फर्जी मिले। इसके बाद सीएमओ ने शहर कोतवाली में अज्ञात के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज कराई। बता दें कि जिले में सिर्फ एक ही पंजीकृत ब्लड बैंक है जो जिला अस्पताल में है।
शहर कोतवाल सारंगधर द्विवेदी ने बताया कि तहरीर मिलने के बाद अज्ञात के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज कर दी गई है। पुलिस मामले की जांच पड़ताल में जुटी है।
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मरीजों को भरोसा दिलाने के लिए ब्लड बैंक के फर्जी कागजात भी बना दिए जा रहे हैं। ऐसे ही एक मामले का खुलासा होने पर सीएमओ ने शहर कोतवाली में प्राथमिकी दर्ज कराई है।
नगर के सिधारी मुहल्ला स्थित सरोज नर्सिंग होम में लालचंद नामक एक मरीज भर्ती है। उसके शरीर में रक्त की मात्रा कम होने पर 8 फरवरी को इलाज कर रहे डाक्टर पंकज जायसवाल ने शहर के जिला अस्पताल स्थित ब्लड बैंक से लाया गया खून चढ़ाया था।
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शनिवार को मरीज को पुन: खून की जरूरत पड़ी तो लालचंद के घरवालों से एक यूनिट खून और लाने को कहा। परिवारवाले खून लेकर आए।
चढ़ाने से पहले डाक्टर ने ब्लड से संबंधित कागजात देखे तो उन्हें गड़बड़ी का शक हुआ। उन्होंने ब्लड बैंक फोन किया तो पता चला कि इस खून का कोई रिकार्ड वहां नहीं था।
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डाक्टर ने तत्काल इस मामले की जानकारी सीएमओ को दी। मौके पर पहुंचे सीएमओ ने खून की जांच कराई तो उसमें हीमोग्लोबिन की मात्रा काफी कम मिली।
ब्लड बैंक के कागजात भी फर्जी मिले। इसके बाद सीएमओ ने शहर कोतवाली में अज्ञात के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज कराई। बता दें कि जिले में सिर्फ एक ही पंजीकृत ब्लड बैंक है जो जिला अस्पताल में है।
शहर कोतवाल सारंगधर द्विवेदी ने बताया कि तहरीर मिलने के बाद अज्ञात के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज कर दी गई है। पुलिस मामले की जांच पड़ताल में जुटी है।