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पूर्व ब्लाक प्रमुख सहित तेरह के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज
Azamgarh
Updated Mon, 13 May 2013 05:30 AM IST
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बोंगरिया/मेहनगर। तरवंा थाना क्षेत्र के नरायनपुर गांव में हुई ट्रांसपोर्टर धनराज की हत्या के मामले में उसके बड़े भाई ने तरवां के पूर्व ब्लाक प्रमुख अखंड प्रताप सिंह सहित तेरह लोगों के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज कराई। इसमें चार अज्ञात हैं। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए तीन आरोपियों को मय असलहा गिरफ्तार कर लिया है। मुख्य आरोपी पूर्व ब्लाक प्रमुख की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की छापेमारी जारी है। आरोपी के न मिलने पर पुलिस उसकी गाड़ी, बाइक आदि को थाने उठा लाई। शनिवार की रात घटना को अंजाम देने के लिए बदमाशों की तरफ से चलाई गई गोलियों की तड़तड़ाहट से गांव के लोग अभी भी सहमें हुए हैं।
अपराधियों की गोली का शिकार हुए धनराज यादव (35) मेहनगर थाना क्षेत्र के टोढ़रपुर गांव निवासी सत्यदेव यादव का पुत्र था। वह तीन भाईयों में सबसे छोटा था। उसके बड़े भाई बच्चेलाल यादव सीआरपी का सेवानिवृत्त जवान है। जबकि दूसरे नंबर का भाई रमाशंकर उर्फ पप्पू धनराज के साथ वाराणसी में रहकर ट्रांसपोर्ट का काम देखता था। धनराज बहुत कम समय में अपने ट्रांसपोर्ट के कारोबार को बुलंदियों पर पहुुंचाया था। वाराणसी के लहरतारा में सत्या ट्रांसपोर्ट के नाम से उसकी फर्म है। धनराज परिवार के साथ वाराणसी में ही रहता था। तरवां थाने के रासेपुर बाजार से वाराणसी तक उसकी बस चलवाने की योजना थी। दो दिन पूर्व उसने बस भी खरीद लिया था। शनिवार की शाम को तरवंा थाने के नरायनपुर गांव निवासी अपने रिश्तेदार किसुनदेव यादव से मिलने उसके घर चला गया। रिश्तेदार से मिलकर जैसे ही सड़क पर पहुंचे कि बदमाशों ने घेर हत्या कर दी। उसे कुल पांच गोलियंा मारी गई थी। धनराज के साथ गाड़ी में उसका बड़ा भाई बच्चेलाल, गाजीपुर जिले के सैदपुर थाना क्षेत्र के कऊड़ा गांव निवासी मित्र संतोष और वाहन चालक हरेंद्र यादव मौजूद थे। बड़े भाई ने थाने में पूर्व ब्लाक प्रमुख अखंड प्रताप सिंह के अलावा जियापुर गांव निवासी रमेश सिंह यादव, सुनील सिंह, नरायनपुर गांव निवासी कामता यादव, कामता के पुत्र, टोडरपुर गांव निवासी दयाशंकर, अमित सिंह, सुनील सिंह, चंदन सिंह को नामजद किया है। सीओ लालगंज आतिश कुमार सिंह ने बताया कि नामजद सुनील सिंह, कामता और उसके बेटे को गिरफ्तार किया गया है।
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अपराधियों की गोली का शिकार हुए धनराज यादव (35) मेहनगर थाना क्षेत्र के टोढ़रपुर गांव निवासी सत्यदेव यादव का पुत्र था। वह तीन भाईयों में सबसे छोटा था। उसके बड़े भाई बच्चेलाल यादव सीआरपी का सेवानिवृत्त जवान है। जबकि दूसरे नंबर का भाई रमाशंकर उर्फ पप्पू धनराज के साथ वाराणसी में रहकर ट्रांसपोर्ट का काम देखता था। धनराज बहुत कम समय में अपने ट्रांसपोर्ट के कारोबार को बुलंदियों पर पहुुंचाया था। वाराणसी के लहरतारा में सत्या ट्रांसपोर्ट के नाम से उसकी फर्म है। धनराज परिवार के साथ वाराणसी में ही रहता था। तरवां थाने के रासेपुर बाजार से वाराणसी तक उसकी बस चलवाने की योजना थी। दो दिन पूर्व उसने बस भी खरीद लिया था। शनिवार की शाम को तरवंा थाने के नरायनपुर गांव निवासी अपने रिश्तेदार किसुनदेव यादव से मिलने उसके घर चला गया। रिश्तेदार से मिलकर जैसे ही सड़क पर पहुंचे कि बदमाशों ने घेर हत्या कर दी। उसे कुल पांच गोलियंा मारी गई थी। धनराज के साथ गाड़ी में उसका बड़ा भाई बच्चेलाल, गाजीपुर जिले के सैदपुर थाना क्षेत्र के कऊड़ा गांव निवासी मित्र संतोष और वाहन चालक हरेंद्र यादव मौजूद थे। बड़े भाई ने थाने में पूर्व ब्लाक प्रमुख अखंड प्रताप सिंह के अलावा जियापुर गांव निवासी रमेश सिंह यादव, सुनील सिंह, नरायनपुर गांव निवासी कामता यादव, कामता के पुत्र, टोडरपुर गांव निवासी दयाशंकर, अमित सिंह, सुनील सिंह, चंदन सिंह को नामजद किया है। सीओ लालगंज आतिश कुमार सिंह ने बताया कि नामजद सुनील सिंह, कामता और उसके बेटे को गिरफ्तार किया गया है।
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