विश्व एड्स दिवसः आजमगढ़ में 7398 एड्स मरीज, छह महीने में 14 मरीजों की गई जान
आजमगढ़ में जागरूकता कार्यक्रम से तीन वर्षों में एड्स मरीजों की संख्या घटी है। जिले में नौ इंटीग्रेटेड काउंसलिंग ट्रीटमेंट सेंटर बनाए गए हैं, जहां इन मरीजों की जांच होती है।
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जानलेवा बीमारी एड्स के प्रति चलाए जा रहे जागरूकता कार्यक्रम से आजमगढ़ में एड्स मरीजों की संख्या में कमी आ रही है। वर्तमान में जिले में 7395 एड्स मरीज हैं। विभाग द्वारा लोगों को इस बीमारी से बचाने के लिए समय-समय पर गोष्ठयों और रैलियों का आयोजन कर जागरूक किया जा रहा है।
इसी का परिणाम है कि पिछले तीन वर्षों से लगातार एड्स मरीजों की संख्या में कमी हो रही है। एक अप्रैल 2019 से 31 मार्च 2020 तक कुल संक्रमित मरीजों की संख्या 706 थी, जिसमें 72 की मौत हो गई। एक अप्रैल 2020 से 31 मार्च 2021 तक यह संख्या कम होकर 384 रह गई, इसमें से 14 की मौत हुई।
जबकि एक अप्रैल 2021 से 31 अक्टूबर 2021 तक यह संख्या 238 है, इसमें 14 की मौत हो गई है। जिले में नौ इंटीग्रेटेड काउंसलिंग ट्रीटमेंट सेंटर बनाए गए हैं, जहां इन मरीजों की जांच होती है। इसके अलावा जिले में गोष्ठियां, जागरूकता रैलियों के माध्यम से लोगों को इस बीमारी के बारे में जागरूक किया जाता है, जिससे संक्रमण से बचाव हो सके।
21 सितंबर 2011 से 31 मार्च 2018 की स्थिति
2011 से 2012 627 64 164
2012 से 2013 934 129 114
2013 से 2014 526 111 80
2014 से 2015 759 113 55
2015 से 2016 604 94 51
2017 से 2018 892 33 36
2018 से 2019 533 15 12
दो और इंटीग्रेटेड काउंसलिंग ट्रीटमेंट सेंटर प्रस्तावित
जिले में नौ इंटीग्रेटेड काउंसलिंग ट्रीटमेंट सेंटर बनाए गए हैं, जहां इन मरीजों की जांच होती है। जिले में दो और सेंटर प्रस्तावित है जिसका निर्माण बहुत जल्द हो जाएगा। ऐसे में यह संख्या बढ़कर 11 हो जाएगी। इसके साथ ही जिले में गोष्ठियां, जागरूकता रैलियों के माध्यम से लोगों को इस बीमारी के बारे में जागरूक किया जाता है, जिससे संक्रमण से बचाव हो सके। -डा. परवजे अख्तर, प्रभारी सीएमओ