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शिक्षा की मुख्य धारा से जुड़ेंगे 345 दिव्यांग बच्चे

Sat, 27 Mar 2021 11:28 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Sat, 27 Mar 2021 11:28 PM IST
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345 differently-abled children will join the mainstream of education
आजमगढ़। दिव्यांगता का दंश झेल रहे बच्चों को शिक्षा से महरूम नहीं होना पड़ेगा। बेसिक शिक्षा विभाग गांव के दिव्यांग बच्चों को शिक्षा की मुख्य धारा से जोड़ने के लिए होम बेस्ड एजूकेशन कार्यक्रम चला रहा है। 345 बच्चों को चिन्हित किया गया है जो सेरेब्रल पाल्सी, बहु दिव्यांग, गंभीर अस्थि रोग आदि से पीड़ित हैं। उक्त बच्चों को बेहतर शिक्षा देने के लिए 10.35 लाख रुपये का बजट जारी किया गया है। प्रति बच्चों को 3000 रुपये की दर से दिए जाएंगे। जिससे वह लर्निंग मैटेरियल एवं अन्य स्टेशनरी सामग्री खरीद सकेंगे।
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गंभीर रूप से बहु दिव्यांग आउट ऑफ स्कूल बच्चे जो गंभीर दिव्यांगता के कारण विद्यालय आने में असमर्थ हैं, उनके लिए होम बेस्ड स्कूलिंग की व्यवस्था की जाएगी। इस कार्यक्रम के अंतर्गत जनपदों में कार्यरत स्पेशल एजूकेटर्स व फिजियोथेरेपिस्ट द्वारा गंभीर रूप से बहु दिव्यांग बच्चों को ग्रह भ्रमण करते हुए शिक्षण-प्रशिक्षण प्रदान किया जाना है। भारत सरकार के प्रोजेक्ट अप्रूवल बोर्ड द्वारा समेकित शिक्षा के अंतर्गत ‘होम बेस्ड एजूकेशन’ मद में गंभीर रूप से बहु दिव्यांग बच्चों को होम बेस्ड एजूकेशन प्रदान करने के लिए शासन ने धनराशि जारी कर दी है। गंभीर रूप से बहुदिव्यांग बच्चों को लर्निंग मैटेरियल एवं अन्य स्टेशनरी सामग्री उपलब्ध कराए जाने के लिए प्रत्येक बालक व बालिका को 3000 की दर से कुल 10.35 लाख रुपये पीएफएमएस प्रणाली द्वारा भेजी जाएगी।
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स्पेशल एजूकेटर्स उपलब्ध कराएंगे सूची
आजमगढ़। स्पेशल एजूकेटर्स द्वारा होम बेस्ड एजूकेशन प्रदान किए जाने के लिए गंभीर रूप से बहु-दिव्यांग बच्चों की आवश्यकतानुसार लर्निंग मैटेरियल एवं स्टेशनरी की सूची तैयार कर जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी को उपलब्ध कराई जाएगी। स्पेशल एजूकेटर्स से प्राप्त सूची एवं मांग के अनुसार बीएसए द्वारा लर्निंग मैटेरियल एवं स्टेशनरी सामग्री क्रय कर स्पेशल एजूकेटर्स को उपलब्ध कराया जाएगा। बहु-दिव्यांग बच्चों को लर्निंग मैटेरियल एवं स्टेशनरी सामग्री, दिव्यांग बच्चों के लिए नामित नोडल टीचर्स की उपस्थिति में वितरित की जाएगी। लर्निंग मैटेरियल एवं स्टेशनरी का प्रयोग बच्चों के शिक्षण-प्रशिक्षण में किया जाएगा। लर्निंग मैटेरियल एवं स्टेशनरी सामग्री का क्रय प्राथमिकता के आधार पर जेम पोर्टल के माध्यम से किया जाएगा।
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मिलेगा यह लर्निंग मैटेरियल एवं स्टेशनरी
विभिन्न प्रकार के मॉडल्स यथा अल्फाबेटिक (हिंदी व अंग्रेजी) वुडेन, नंबर, शेप पजल्स, साइज म्यूजिकल इक्विपमेंट, शरीर के अंग (माडल लकड़ी का) किचनसेट, डॉक्टरसेट, फल, सब्जियां, यातायात के साधन, सेंगुइन फार्म बोर्ड विभिन्न प्रकार के पेग बोर्ड आदि मिलेंगे।

होम बेस्ड एजूकेशन के लिए बंभीर रूप से बहु-दिव्यांग बच्चों को लर्निंग मैटेरियल एवं अन्य स्टेशनरी सामग्री उपलब्ध कराया जाना है। बजट जारी कर दिया गया है। जल्द ही लर्निंग मैटेरियल एवं अन्य स्टेशनरी सामग्री उपलब्ध कराई जाएगी।
अम्बरीष कुमार, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, आजमगढ़।
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