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बसपा नेता के अंतिम संस्कार में उमड़ा सैलाब
Updated Sat, 10 Mar 2018 11:32 PM IST
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बूढनपुर/अतरौलिया। विकास खंड कोयलसा के बाजिदपुर गांव निवासी पूर्व जिला पंचायत सदस्य विनोद कुमार सिंह के अंतिम संस्कार के लिए शनिवार जन सैलाब उमड़ पड़ा। बसपा नेता को श्रद्धांजलि देने के लिए हर दल के लोग पहुंचे थे। गांव के लोग विनोद के पार्थिव शरीर को फूल मालाओं से लाद दिया था। विनोद के समर्थक उनके घर से से दुर्वासा धाम तक करीब पैदल 30 किलोमीटर की दूरी पैदल चलकर तय किया। इस दौरान समर्थक उनकी लाश को गाड़ी में रखने के बजाय अपने कंधे पर उठाकर श्मशान तक ले गए।
भीड़ के चलते दुर्वासा धाम पर खड़ा होने के लिए कोई स्थान नही बचा था। लोगों का कहना था कि ऐसा प्रतिभावान व्यक्ति सदियों में पैदा होता है। जो सभी के दुखसुख में लोगों के साथ रहा हो। इनकी लोकप्रियता दिनों दिन बढ़ रही थी। गरीबों की मदद करना इनके संस्कार में था। विनोद के पिता हीरा सिंह किसान थे बड़ी मेहनत से इनकी शिक्षा पूरी कराए थे। इनके साहस का लोग लोहा मानते थे। पिछले एक वर्षों से विनोद अस्वस्थ चल रहे थे। उसके बाद भी लोगो का आना-जाना लगा रहता था। विनोद के मिलनसार स्वभाव के चलते ही उनकी पत्नी गांव की प्रधानी का चुनाव जीत गई। जो वर्तमान में ग्राम प्रधान हैं। वह अपने पीछे तीन बेटी और एक बेटा छोड़ गए। अंतिम संस्कार के समय वहां मौजूद लोगों में शायद ही कोई बचा हो। जिसकी आंखें नणम न हो गई है। इस मौके पर बसपा नेता पूर्व सांसद डा0 बलिराम, पपलू सिंह, वीरभद्र प्रताप सिंह, रमेश सिंह, टुनटुन सिंह, फूलचंद यादव, राणाप्रताप सिंह एडोकेट, प्रवीण सिंह, प्रेमसागर पांडेय, हिमांशू पाण्डेय, सतीश सिंह, जुगानी चौबे, भगवान दूबे आदि मौजूद रहे।
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भीड़ के चलते दुर्वासा धाम पर खड़ा होने के लिए कोई स्थान नही बचा था। लोगों का कहना था कि ऐसा प्रतिभावान व्यक्ति सदियों में पैदा होता है। जो सभी के दुखसुख में लोगों के साथ रहा हो। इनकी लोकप्रियता दिनों दिन बढ़ रही थी। गरीबों की मदद करना इनके संस्कार में था। विनोद के पिता हीरा सिंह किसान थे बड़ी मेहनत से इनकी शिक्षा पूरी कराए थे। इनके साहस का लोग लोहा मानते थे। पिछले एक वर्षों से विनोद अस्वस्थ चल रहे थे। उसके बाद भी लोगो का आना-जाना लगा रहता था। विनोद के मिलनसार स्वभाव के चलते ही उनकी पत्नी गांव की प्रधानी का चुनाव जीत गई। जो वर्तमान में ग्राम प्रधान हैं। वह अपने पीछे तीन बेटी और एक बेटा छोड़ गए। अंतिम संस्कार के समय वहां मौजूद लोगों में शायद ही कोई बचा हो। जिसकी आंखें नणम न हो गई है। इस मौके पर बसपा नेता पूर्व सांसद डा0 बलिराम, पपलू सिंह, वीरभद्र प्रताप सिंह, रमेश सिंह, टुनटुन सिंह, फूलचंद यादव, राणाप्रताप सिंह एडोकेट, प्रवीण सिंह, प्रेमसागर पांडेय, हिमांशू पाण्डेय, सतीश सिंह, जुगानी चौबे, भगवान दूबे आदि मौजूद रहे।
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