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गांव ओडिएफ तभी मानेंगे कुपोषणमुक्त
Updated Sat, 30 Jun 2018 12:56 AM IST
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आजमगढ़। डीएम शिवाकान्त द्विवेदी की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में जिला पोषण समिति की बैठक शुक्रवार को हुई। डीएम ने राज्य पोषण मिशन के तहत गांव गोद लिए गए समस्त जनपदीय अधिकारियों और नोडल अधिकारियों को निर्देश दिया कि गांव में जाकर जांच करें कि शौचालय बना है कि नहीं। यह भी देखें कि बेसलाइन सर्वे में कितने लोग शौचालय के लिए पात्र हैं। बेस लाइन सर्वे के अलावा कितने लोग ऐसे हैं जो पात्र हैं, लेकिन उनके पास शौचालय नहीं है। इसकी सूची बनाकर उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें। सप्ताह में एक बार गोद लिए गांव में अवश्य जाएं। जिलाधिकारी ने कहा कि गांव को कुपोषण मुक्त करने के लिए सबसे पहले ओडीएफ कराना और शौचालय का उपयोग करना सिखाना, सामूहिक कूड़ेदान की व्यवस्था कराना, पानी के निकलने की व्यवस्था कराना, सुरक्षित पेयजल, बोरिंग के साथ-साथ लिक्विड एवं सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट की व्यवस्था कराना सुनिश्चित करें। तभी गांव को कुपोषण मुक्त माना जाएगा। पांच वर्ष से कम आयु के अतिकुपोषित बच्चों के परिवारों का आंगनबाड़ी कार्यकत्री हर माह कम में कम एक भ्रमण कर रजिस्ट्रेशन और मासिक प्रसव जांच करने के लिए स्वास्थ्य विभाग के संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया। इस मौके पर जिला कार्यक्रम अधिकारी इफ्तेखार अहमद, सीवीओ डॉ. वीके सिंह, डीपीआरओ आनन्द प्रकाश श्रीवास्तव, डॉ. वाईके राय, डॉ. परवेज अख्तर, जिला उद्यान अधिकारी बाल कुष्ण वर्मा, बीएसए देवेन्द्र कुमार पांडेय, डीआईओएस सहित उपस्थित रहे।
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