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Auraiya News: बीहड़ के 20 स्कूलों में गूंजेंगे स्मार्ट शिक्षा के बोल
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संवाद न्यूज एजेंसी
अयाना। आधुनिक शिक्षा की होड़ में पिछड़े बीहड़ क्षेत्र के बच्चों को संवारने के लिए खनन विभाग के राजस्व से 38 लाख 68 हजार रुपये से 20 परिषदीय विद्यालयों में स्मार्ट क्लास बनाने का काम चल रहा है।
गुरुवार को जिलाधिकारी नेहा प्रकाश ने पूर्व माध्यमिक विद्यालय बीझलपुर में इसका शिलान्यास किया। जिलाधिकारी नेहा प्रकाश ने कहा कि आधुनिक शिक्षा के दौर में संसाधन न होने की वजह से बीहड़ पट्टी के गांवों के बच्चों में शिक्षा हाईटेक नहीं हो पा रही थी। इन स्मार्ट क्लासों के जरिए बीहड़ के बच्चे भी कंपोजिट विद्यालयों के बच्चों से पीछे नहीं रहेंगे।
इसका मुख्य उद्देश्य बच्चों को रटने की आदत से दूर कर कान्सेप्ट समझकर तैयारी करवाकर शिक्षा को आसान बनाना है। स्मार्ट क्लास में पढ़ाने के लिए शिक्षकों को भी विशेष रूप से ट्रेनिंग दी जाएगी। शिलान्यास के दौरान ग्रामीणों ने खुशी जाहिर करते हुए जिलाधिकारी से कहा कि साहब पहले यहां डाकुओं की गोलियों की गूंज सुनाई देती थी।
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समय के साथ डाकुओं का तो अंत हो गया, लेकिन शिक्षा के स्तर में अधिक सुधार नहीं हो पाया। बीहड़ के स्कूलों में स्मार्ट क्लास की कक्षाओं की गूंज उनके बच्चों के शैक्षिक स्तर में सुधार करेगी। इस दौरान एडीएम महेंद्र पाल सिंह, बीएसए अनिल कुमार, एसडीएम अजीतमल रामौतार वर्मा, खनन अधिकारी देशराज सिंह, राज्यसभा सदस्या गीता शाक्य के प्रतिनिधि ऋषि त्रिपाठी, थाना प्रभारी जयप्रकाश पाल आदि मौजूद रहे।
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अयाना। आधुनिक शिक्षा की होड़ में पिछड़े बीहड़ क्षेत्र के बच्चों को संवारने के लिए खनन विभाग के राजस्व से 38 लाख 68 हजार रुपये से 20 परिषदीय विद्यालयों में स्मार्ट क्लास बनाने का काम चल रहा है।
गुरुवार को जिलाधिकारी नेहा प्रकाश ने पूर्व माध्यमिक विद्यालय बीझलपुर में इसका शिलान्यास किया। जिलाधिकारी नेहा प्रकाश ने कहा कि आधुनिक शिक्षा के दौर में संसाधन न होने की वजह से बीहड़ पट्टी के गांवों के बच्चों में शिक्षा हाईटेक नहीं हो पा रही थी। इन स्मार्ट क्लासों के जरिए बीहड़ के बच्चे भी कंपोजिट विद्यालयों के बच्चों से पीछे नहीं रहेंगे।
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इसका मुख्य उद्देश्य बच्चों को रटने की आदत से दूर कर कान्सेप्ट समझकर तैयारी करवाकर शिक्षा को आसान बनाना है। स्मार्ट क्लास में पढ़ाने के लिए शिक्षकों को भी विशेष रूप से ट्रेनिंग दी जाएगी। शिलान्यास के दौरान ग्रामीणों ने खुशी जाहिर करते हुए जिलाधिकारी से कहा कि साहब पहले यहां डाकुओं की गोलियों की गूंज सुनाई देती थी।
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समय के साथ डाकुओं का तो अंत हो गया, लेकिन शिक्षा के स्तर में अधिक सुधार नहीं हो पाया। बीहड़ के स्कूलों में स्मार्ट क्लास की कक्षाओं की गूंज उनके बच्चों के शैक्षिक स्तर में सुधार करेगी। इस दौरान एडीएम महेंद्र पाल सिंह, बीएसए अनिल कुमार, एसडीएम अजीतमल रामौतार वर्मा, खनन अधिकारी देशराज सिंह, राज्यसभा सदस्या गीता शाक्य के प्रतिनिधि ऋषि त्रिपाठी, थाना प्रभारी जयप्रकाश पाल आदि मौजूद रहे।