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Auraiya News: जच्चा-बच्चा की मौत पर हंगामा, जाम लगाने की कोशिश, अस्पताल सील
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फोटो-39- आइसा। फाइल फोटो
बिधूना (औरेया)। प्रसव के दौरान नवजात की मौत के महज दूसरे दिन प्रसूता की भी सांसें थम गईं। आक्रोशित परिजन ने अस्पताल के बाहर शव रखकर सड़क जाम लगाने की कोशिश कर हंगामा किया। सूचना पाकर कोतवाली पुलिस के साथ आसपास के थानों की पुलिस फोर्स मौके पर पहुंची और परिजन को समझाकर शांत कराने का प्रयास किया, लेकिन पीड़ित परिवार अस्पताल संचालकों और कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग पर देर शाम तक अड़ा रहा। देर शाम स्वास्थ्य विभाग की टीम ने नोडल अधिकारी देव नारायण और सीएचसी अधीक्षक डॉ. वीपी शाक्य की मौजूदगी में अस्पताल सील कर संचालक समेत चार के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई।
भटौली गांव निवासी सुरजीत उर्फ बबलू ने बताया कि उसकी 24 वर्षीय पत्नी आइसा को प्रसव पीड़ा होने पर परिजन पहले सीएचसी एरवाकटरा ले गए थे। वहां चिकित्सकों ने हालत गंभीर बताते हुए और बच्चे की धड़कन न मिलने का हवाला देकर सैफई मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया था। आरोप है कि इसी दौरान कुछ परिचितों के कारण वे लोग सात अक्तूबर की रात 1:30 बजे भरथना रोड स्थित एक निजी अस्पताल में पहुंच गए, जहां गर्भवती को भर्ती करा दिया गया। पीड़ित पति का आरोप है कि आठ अक्तूबर की सुबह करीब आठ बजे उसकी पत्नी ने एक बच्चे को जन्म दिया, लेकिन डॉक्टर की लापरवाही के कारण नवजात की मौत हो गई। इसके बावजूद अस्पताल के के कर्मचारियों ने परिजन जानकारी नहीं दी और महिला को वहीं भर्ती रखा।
परिजन के अनुसार, रात में महिला को खून की एक बोतल चढ़ाई गई, जिसके बाद नौ अक्तूबर से उसकी हालत बिगड़ने लगी। जब पोल खुलने लगी, तो अस्पताल के कर्मचारी महिला को जबरन अपनी निजी गाड़ी में लादकर कानपुर के किसी निजी अस्पताल ले जाने लगे। पति का आरोप है कि बिधूना अस्पताल में ही महिला की मौत हो चुकी थी, लेकिन अस्पताल कर्मी कानपुर में एक अस्पताल के बाहर प्रसूता को छोड़कर भाग निकले। वहां, डॉक्टर ने महिला को मृत घोषित कर दिया। विरोध करने पर अस्पताल के तीन कर्मचारियों ने कानपुर ले जाने के दौरान पीड़ित और उसके परिजन के साथ हाथापाई भी की गई और अंगूठा लगवाए गए,गुस्साए परिजन शव लेकर शनिवार को कस्बा के भरथना रोड स्थित अस्पताल के बाहर पहुंचे। सड़क पर शव रखकर कार्रवाई की मांग करते हुए सड़क जाम लगाने की कोशिश की। जानकारी पर आसपास थानों की फोर्स मौके पर पहुंची। परिजन व ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन वह नहीं माने। सीओ पी. पुनीत मिश्रा ने बताया पुलिस ने पति की तहरीर पर अस्पताल संचालक शिवा यादव, अभि यादव, प्रशांत और चमन शर्मा के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर ली।
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वर्जन
मामला संज्ञान में आते ही जांच के लिए एक टीम गठित कर दी गई है। जांच रिपोर्ट आने के बाद दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। अस्पताल को सील कर दिया गया है। -डॉ. संत कुमार, प्रभारी सीएमओ
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भटौली गांव निवासी सुरजीत उर्फ बबलू ने बताया कि उसकी 24 वर्षीय पत्नी आइसा को प्रसव पीड़ा होने पर परिजन पहले सीएचसी एरवाकटरा ले गए थे। वहां चिकित्सकों ने हालत गंभीर बताते हुए और बच्चे की धड़कन न मिलने का हवाला देकर सैफई मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया था। आरोप है कि इसी दौरान कुछ परिचितों के कारण वे लोग सात अक्तूबर की रात 1:30 बजे भरथना रोड स्थित एक निजी अस्पताल में पहुंच गए, जहां गर्भवती को भर्ती करा दिया गया। पीड़ित पति का आरोप है कि आठ अक्तूबर की सुबह करीब आठ बजे उसकी पत्नी ने एक बच्चे को जन्म दिया, लेकिन डॉक्टर की लापरवाही के कारण नवजात की मौत हो गई। इसके बावजूद अस्पताल के के कर्मचारियों ने परिजन जानकारी नहीं दी और महिला को वहीं भर्ती रखा।
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परिजन के अनुसार, रात में महिला को खून की एक बोतल चढ़ाई गई, जिसके बाद नौ अक्तूबर से उसकी हालत बिगड़ने लगी। जब पोल खुलने लगी, तो अस्पताल के कर्मचारी महिला को जबरन अपनी निजी गाड़ी में लादकर कानपुर के किसी निजी अस्पताल ले जाने लगे। पति का आरोप है कि बिधूना अस्पताल में ही महिला की मौत हो चुकी थी, लेकिन अस्पताल कर्मी कानपुर में एक अस्पताल के बाहर प्रसूता को छोड़कर भाग निकले। वहां, डॉक्टर ने महिला को मृत घोषित कर दिया। विरोध करने पर अस्पताल के तीन कर्मचारियों ने कानपुर ले जाने के दौरान पीड़ित और उसके परिजन के साथ हाथापाई भी की गई और अंगूठा लगवाए गए,गुस्साए परिजन शव लेकर शनिवार को कस्बा के भरथना रोड स्थित अस्पताल के बाहर पहुंचे। सड़क पर शव रखकर कार्रवाई की मांग करते हुए सड़क जाम लगाने की कोशिश की। जानकारी पर आसपास थानों की फोर्स मौके पर पहुंची। परिजन व ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन वह नहीं माने। सीओ पी. पुनीत मिश्रा ने बताया पुलिस ने पति की तहरीर पर अस्पताल संचालक शिवा यादव, अभि यादव, प्रशांत और चमन शर्मा के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर ली।
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मामला संज्ञान में आते ही जांच के लिए एक टीम गठित कर दी गई है। जांच रिपोर्ट आने के बाद दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। अस्पताल को सील कर दिया गया है। -डॉ. संत कुमार, प्रभारी सीएमओ

फोटो-39- आइसा। फाइल फोटो

फोटो-39- आइसा। फाइल फोटो