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Auraiya News: नई बिल्डिंग में नहीं स्टाफ, 100 मीटर दूर सीटी स्कैन कराने जा रहे मरीज
Mon, 18 Aug 2025 12:01 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, औरैया
संवाद न्यूज एजेंसी, औरैया
Updated Mon, 18 Aug 2025 12:01 AM IST
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फोटो-17एयूआरपी 05- मेडिकल कॉलेज कैंपस की ऊबड़खाबड़ सड़क। संवाद
- फोटो : परियर क्षेत्र में नाव से आवागमन करते लोग। संवाद
औरैया। मेडिकल कॉलेज की सभी सेवाएं पुरानी बिल्डिंग से नई बिल्डिंग में पहुंच चुकी है, लेकिन सीटी स्कैन के लिए अभी भी मरीजों को पुरानी बिल्डिंग जाना पड़ रहा है।
जर्जर सड़क पर गंभीर मरीजों को स्ट्रेचर पर 100 मीटर दूर आना पड़ रहा है। इससे मरीजों और तीमारदारों को परेशानी हो रही है। वहीं नई बिल्डिंग में अभी तक स्टाफ नहीं है।
जनपद को दो साल पहले मेडिकल कॉलेज की सौगात मिली थी। 100 शैया जिला अस्पताल की सुविधाओं को मेडिकल कॉलेज में मर्ज कर दिया गया। ऐसे में पुरानी बिल्डिंग से कई सुविधाओं को नई बिल्डिंग में शिफ्ट किया गया, लेकिन सीटी स्कैन की सुविधा अभी तक पुरानी बिल्डिंग में ही चल रही है।
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यहां दोनों बिल्डिंगों की दूरी 100 मीटर से ज्यादा है। आवागमन के लिए पक्का रास्ता भी ऊबड़-खाबड़ हो चुका है। ऐसे में नई बिल्डिंग की ओपीडी व इमरजेंसी में भर्ती मरीजों को सीटी स्कैन के लिए पुरानी बिल्डिंग जाना पड़ रहा है।
तीमारदारों का कहना है कि गंभीर मरीजों को स्ट्रेचर पर लिटाकर सीटी स्कैन के लिए ले जाना पड़ता है। ऐसे में 100 मीटर का यह सफर मरीजों के लिए दुखदायी होता है। ऊबड़-खाबड़ सड़क पर स्ट्रेचर ले जाने पर अक्सर मरीजों को काफी दिक्कत होती है।
ऐसा नहीं है कि नई बिल्डिंग में सीटी स्कैन की मशीन नहीं है। नई बिल्डिंग में भी मशीन है, लेकिन स्वास्थ्य कर्मियों के अभाव में नई बिल्डिंग में सीटी स्कैन की सुविधा शुरू नहीं हो पा रही है।
मेडिकल कॉलेज कैंपस की खराब सड़क को दुरुस्त कराने के लिए जिला प्रशासन से वार्ता की गई है। वहीं नई बिल्डिंग में ही सीटी स्कैन की सुविधा देने के लिए प्रयास किया जा रहा है। जल्द ही यह सहूलियत दी जाएगी।
-प्रोफेसर डॉ. पवन कुमार, सीएमएस मेडिकल कॉलेज
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जर्जर सड़क पर गंभीर मरीजों को स्ट्रेचर पर 100 मीटर दूर आना पड़ रहा है। इससे मरीजों और तीमारदारों को परेशानी हो रही है। वहीं नई बिल्डिंग में अभी तक स्टाफ नहीं है।
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जनपद को दो साल पहले मेडिकल कॉलेज की सौगात मिली थी। 100 शैया जिला अस्पताल की सुविधाओं को मेडिकल कॉलेज में मर्ज कर दिया गया। ऐसे में पुरानी बिल्डिंग से कई सुविधाओं को नई बिल्डिंग में शिफ्ट किया गया, लेकिन सीटी स्कैन की सुविधा अभी तक पुरानी बिल्डिंग में ही चल रही है।
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यहां दोनों बिल्डिंगों की दूरी 100 मीटर से ज्यादा है। आवागमन के लिए पक्का रास्ता भी ऊबड़-खाबड़ हो चुका है। ऐसे में नई बिल्डिंग की ओपीडी व इमरजेंसी में भर्ती मरीजों को सीटी स्कैन के लिए पुरानी बिल्डिंग जाना पड़ रहा है।
तीमारदारों का कहना है कि गंभीर मरीजों को स्ट्रेचर पर लिटाकर सीटी स्कैन के लिए ले जाना पड़ता है। ऐसे में 100 मीटर का यह सफर मरीजों के लिए दुखदायी होता है। ऊबड़-खाबड़ सड़क पर स्ट्रेचर ले जाने पर अक्सर मरीजों को काफी दिक्कत होती है।
ऐसा नहीं है कि नई बिल्डिंग में सीटी स्कैन की मशीन नहीं है। नई बिल्डिंग में भी मशीन है, लेकिन स्वास्थ्य कर्मियों के अभाव में नई बिल्डिंग में सीटी स्कैन की सुविधा शुरू नहीं हो पा रही है।
मेडिकल कॉलेज कैंपस की खराब सड़क को दुरुस्त कराने के लिए जिला प्रशासन से वार्ता की गई है। वहीं नई बिल्डिंग में ही सीटी स्कैन की सुविधा देने के लिए प्रयास किया जा रहा है। जल्द ही यह सहूलियत दी जाएगी।
-प्रोफेसर डॉ. पवन कुमार, सीएमएस मेडिकल कॉलेज