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कांशीराम और लाखन होते थे कभी अच्छे मित्र
ब्यूरो अमर उजाला, औरैया
Updated Mon, 04 Jan 2016 11:32 PM IST
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सोमवार को गांव जनेतपुर में लाखन पाल की दिनदहाड़े की गई के हत्या पीछे बदले की भावना स्पष्ट हुई है। जब सोमवार को राजकुमार ने लाखन पाल की हत्या की तो वर्षों पुराना इतिहास खुलकर सामने आ गया। गांव के बुजुर्गों ने बताया कि मृतक लाखन व आरोपी राजकुमार उर्फ मानू के पिता में पक्की दोस्ती थी। सन 1950 से कांशीराम व लाखन एक साथ रहते थे।
दोनों का एक-दूसरे के घरों में भी आना-जाना था, कांशीराम व लाखन ने एक साथ कई वारदातों को भी अंजाम दिया। सन 1974 में कांशीराम और लाखन के बीच किसी बात को लेकर विवाद हो गया। इसको लेकर कांशीराम और लाखन में दुश्मनी हो गई।
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दोनों का एक-दूसरे के घरों में भी आना-जाना था, कांशीराम व लाखन ने एक साथ कई वारदातों को भी अंजाम दिया। सन 1974 में कांशीराम और लाखन के बीच किसी बात को लेकर विवाद हो गया। इसको लेकर कांशीराम और लाखन में दुश्मनी हो गई।
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