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बच्चों में शिक्षा की अलख जगाएंगे ॐप्रेरणा सारक्षीॐ
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औरैया। सब पढ़ें, सब बढ़ें को बढ़ावा देने के लिए सरकारी प्राइमरी व जूनियर स्कूलों में चलने वाली ई-पाठशाला के चौथे चरण में प्रेरणा सारथी शिक्षा की अलख जगाएंगे। विभाग ज्यादा से ज्यादा बच्चों को जोड़ने के लिए वालंटियर्स अनबोर्डिंग ड्राइव शुरू कर रहा है। इसके तहत वालंटियर्स रखे जाएंगे। जिन्हें प्रेरणा सारथी के नाम से जाना जाएगा। कम से कम 10 प्रेरणा साथियों को हर स्कूल से जोड़ा जाएगा। वहीं साप्ताहिक प्रश्नोत्तरी की शुरुआत भी इस चरण में की जाएगी।
सर्व शिक्षा अभियान के राज्य परियोजना निदेशक विजय किरन आनंद ने इसका आदेश जारी कर दिया है। प्रेरणा सारथी के पास स्मार्ट फोन होना चाहिए और उनको स्कूल से दी जाने वाले सामग्री को बच्चों तक पहुंचाना होगा। ये प्रेरणा साथी बच्चे के रिश्तेदार, पड़ोसी या गांव के हो सकते हैं। ये यह भी सुनिश्चित करेंगे कि विद्यार्थी कम से कम 20 मिनट रोज प्रेरणा लक्ष्य एप का इस्तेमाल करें। शनिवार को होने वाले प्रश्नोत्तरी में ज्यादा से ज्यादा बच्चों को भाग लेने के लिए प्रेरित करेंगे। हर शिक्षक के साथ एक या दो वालंटियर को जोड़ा जाएगा। बीएसए चंदना राम इकबाल ने बताया कि प्रेरणा सारथी ऐसे बच्चों के लिए मददगार साबित होंगे, जिनके पास स्मार्ट फोन और इंटरनेट की व्यवस्था नहीं है। इनके माध्यम से हर बच्चेे को बेहतर शिक्षा दिलाने का प्रयास रहेगा।
पहचान और कार्य
प्रधानाध्यापकों को विद्यालय समुदाय के आधार पर 10 प्रेरणा सारथी का चयन करना होगा। इनसे प्रेरणा लक्ष्य एप, रीड एलांग एप, दीक्षा एप लोड करवाकर बच्चों की पढ़ाई में सहयोग लिया जाएगा। इनके पास स्मार्ट फोन और इंटरनेट की व्यवस्था होना आवश्यक है। विभाग से उपलब्ध कराई जाने वाली शिक्षण सामग्री के माध्यम से बच्चों को पढ़ाएंगे।
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अफसर बढ़ाएंगे मनोबल
प्राचार्य डायट, बीएसए, के साथ ही एआरजी, एआरपी व डायट मेंटर ई-मेंटरिंग के माध्यम से कोविड काउंसलिंग कर शिक्षकों और प्रेरणा सारथी का मनोबल बढ़ाएंगे। अफसर प्रत्येक दिन पांच विद्यालयों की मॉनीटरिंग करेंगे।
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सर्व शिक्षा अभियान के राज्य परियोजना निदेशक विजय किरन आनंद ने इसका आदेश जारी कर दिया है। प्रेरणा सारथी के पास स्मार्ट फोन होना चाहिए और उनको स्कूल से दी जाने वाले सामग्री को बच्चों तक पहुंचाना होगा। ये प्रेरणा साथी बच्चे के रिश्तेदार, पड़ोसी या गांव के हो सकते हैं। ये यह भी सुनिश्चित करेंगे कि विद्यार्थी कम से कम 20 मिनट रोज प्रेरणा लक्ष्य एप का इस्तेमाल करें। शनिवार को होने वाले प्रश्नोत्तरी में ज्यादा से ज्यादा बच्चों को भाग लेने के लिए प्रेरित करेंगे। हर शिक्षक के साथ एक या दो वालंटियर को जोड़ा जाएगा। बीएसए चंदना राम इकबाल ने बताया कि प्रेरणा सारथी ऐसे बच्चों के लिए मददगार साबित होंगे, जिनके पास स्मार्ट फोन और इंटरनेट की व्यवस्था नहीं है। इनके माध्यम से हर बच्चेे को बेहतर शिक्षा दिलाने का प्रयास रहेगा।
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पहचान और कार्य
प्रधानाध्यापकों को विद्यालय समुदाय के आधार पर 10 प्रेरणा सारथी का चयन करना होगा। इनसे प्रेरणा लक्ष्य एप, रीड एलांग एप, दीक्षा एप लोड करवाकर बच्चों की पढ़ाई में सहयोग लिया जाएगा। इनके पास स्मार्ट फोन और इंटरनेट की व्यवस्था होना आवश्यक है। विभाग से उपलब्ध कराई जाने वाली शिक्षण सामग्री के माध्यम से बच्चों को पढ़ाएंगे।
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अफसर बढ़ाएंगे मनोबल
प्राचार्य डायट, बीएसए, के साथ ही एआरजी, एआरपी व डायट मेंटर ई-मेंटरिंग के माध्यम से कोविड काउंसलिंग कर शिक्षकों और प्रेरणा सारथी का मनोबल बढ़ाएंगे। अफसर प्रत्येक दिन पांच विद्यालयों की मॉनीटरिंग करेंगे।