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Auraiya News: पांडु नदी उफनाई, 200 से अधिक बीघा फसलों में भरा पानी

Wed, 02 Sep 2026 12:09 AM IST
कानपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, औरैया
संवाद न्यूज एजेंसी, औरैया Updated Wed, 02 Sep 2026 12:09 AM IST
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Pandu River overflows; water inundates crops across more than 200 bighas.
राजेश कुमार
औरैया। पिछले एक सप्ताह से रुक-रुककर हो रही बारिश ने नदियों का जलस्तर बढ़ाना शुरू कर दिया है। इस समय पांडु नदी उफान पर है। करीब नौ इंच जलस्तर बढ़ गया है। ऐसे में 200 बीघा के करीब फसलें डूब गई हैं। मंगलवार को करीब पांच मिमी बारिश हुई। वहीं, अगले 24 घंटे में 6.8 मिमी बारिश की संभावना मौसम विभाग ने जताई है।
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शहर के बताशा बाजार में मंगलवार दोपहर सड़क पर जलभराव की स्थिति बन गई। उधर, कृषि विभाग ने भी फसलों के नुकसान को लेकर टोल फ्री नंबर 14447 पर सूचना देने को कहा है। इसके अलावा ऋणी किसानों के लिए फसल बीमा कराने की तिथि को भी बढ़ा कर 10 सितंबर कर दिया गया है।
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बेला क्षेत्र से निकली पांडु नदी का रौद्र रूप देखने को मिल रहा है। यहां बेला में सोमवार शाम से मंगलवार दोपहर तक लगातार हो रही बारिश की वजह से पांडु नदी का पानी करीब नौ इंच बढ़ गया। किसानों का कहना है कि दो महीने से खेतों में जलभराव के कारण फसल पूरी तरह नष्ट हो चुकी है। अधिकारी मुआवजे का आश्वासन दे गए थे, लेकिन अब मुआवजा भी मिलता नहीं दिख रहा है। अयाना गांव के बाहर स्थित किसानों के करीब 100 बीघा खेत बारिश का पानी भरा है।
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किसान आशु, मुकेश, ने बताया कि नाला बंद होने की वजह से करीब 100 बीघा खेत डूबे हैं। 80 बीघा खेतों में बोआई नहीं हो सकी है। जबकि 20 बीघा में खड़ी बाजरे की फसल से यदि जल्द पानी नहीं निकाला गया तो फसल पूरी तरह से नष्ट हो जाएगी। किसानों का आरोप है कि अयाना-बीझलपुर मार्ग के निर्माण के दौरान ठेकेदार ने पहले से बनी पुलिया के स्थान पर नई पुलिया नहीं बनाई। जल निकासी की उचित व्यवस्था न होने से हर साल बरसात में करीब 100 बीघा कृषि भूमि में पानी भर जाता है।

उधर, लगातार हो रही बारिश के चलते अजीतमल तहसील क्षेत्र से होकर गुजरने वाली यमुना नदी का जलस्तर एक बार फिर बढ़ने लगा है। सोमवार को यमुना का जलस्तर करीब 105 मीटर दर्ज किया गया था, जबकि मंगलवार को जलस्तर बढ़कर 105.6 मीटर के ऊपर पहुंच गया। वहीं, खतरे का निशान 113 मीटर पर निर्धारित है। अजीतमल तहसील के एसडीएम निखिल राजपूत ने बताया कि यमुना में पानी कुछ बढ़ा है, लेकिन अभी खतरे जैसी कोई स्थिति नहीं है।

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प्रशासन को जल्द मुआवजा देना चाहिए

किराए पर 10 बीघा खेत लेकर इस बार धान की फसल की थी। लेकिन फसल पूरी तरह से जलमग्न है। अब फसल पूरी तरह से नष्ट हो चुकी है। बड़ा नुकसान हुआ है। प्रशासन को मुआवजा देना चाहिए।-राजेश कुमार, बेला बस्ती

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पांडु नदी किनारे नौ बीघा खेत है। दो बीघा में धान की फसल और सात बीघा में सिंघाड़े की खेत है। धान में ऊपर तक पानी भरा हुआ है। ऐसे में नुकसान हो गया है।-रामनरेश, बेला बस्ती

वर्जन---

मौसम में फिलहाल बारिश की स्थिति लगातार बनी हुई है। बुधवार को भी 6.8 मिमी बारिश होने की संभावना है। बारिश को देखते हुए जरूरी सावधानी बरतनी होगी।-डॉ. रामपलट सिंह, मौसम वैज्ञानिक


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डूबी फसलों का राजस्व टीम के साथ कृषि विभाग के कर्मचारी सर्वे कर रहे हैं। इसकी रिपोर्ट आने के बाद डीएम को भेजी जाएगी। ऋणी किसानों के लिए फसल बीमा कराने की तिथि 10 सितंबर कर दी गई है। किसान चाहे तो टोल फ्री नंबर 14447 पर सूचना दे सकते हैं, ताकि बीमा का लाभ दिया जा सके।

-दुर्गेश सिंह चौहान, जिला कृषि अधिकारी

राजेश कुमार

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