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गांवों में पानी के एवज में प्रत्येक घर प्रतिमाह देना होगा 50 रुपये का टैक्स
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औरैया। हर घर नल से जल योजना के तहत ग्रामीणांचलों में पेयजलापूर्ति के लिए पानी की टंकियां बनाने का काम किया जा रहा है। टंकियों से आपूर्ति शुरू होते ही गांव के प्रत्येक घर से प्रतिमाह 50 रुपये जलकर वसूला जाएगा। इसके लिए लोगों को जागरूक करने के लिए गठित टीम घर-घर जाएंगी। इस पर 55 लाख रुपये का खर्च किया जाएगा।
केंद्रीय जल आयोग की ओर से लागू की गई हर घर नल से जल योजना के तहत प्रत्येक घर को जलापूर्ति के लिए 2019 से जोरशोर से काम जारी है। इस दिशा में पहले चरण में प्रत्येक घर में टोंटियां व कनेक्शन देने का काम किया गया था। अगले चरण में गांवों में पानी की टंकियां बनवाने के काम को गति दी जा रही है। गांवों में जलापूर्ति के लिए प्रत्येक घर से 50 रुपये का टैक्स लिया जाएगा।
विभागीय अधिकारियों के मुताबिक पानी की टंकियों को बनाने वाली कार्यदायी संस्था ह्यूम पाइप एजेंसी मुंबई के साथ ग्रामीणों को जागरूक करने के लिए लखनऊ की एजेंसी कृषि शैक्षणिक प्रबंधन संस्थान भी काम करेगी। इनका प्रमुख काम घर-घर जाकर लोगों को पानी की बर्बादी को रोकने के लिए जागरूक करना है। शुरुआती दौर में चिह्नित 40 गांवों में यह एजेंसी जागरुकता अभियान चलाएगी।
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लखनऊ की एजेंसी कृषि शैक्षणिक प्रबंधन संस्थान ग्रामीण क्षेत्रों में जाकर गांव वालों को पानी की बर्बादी न करने, खुली टोंटियां बंद करने, जरूरत के मुताबिक पानी का उपयोग करने के संबंध में जागरूक करेगी। वहीं कार्यदायी संस्था की ओर से बनाई जाने वाली पानी की टंकियों की देखभाल के लिए 10 साल तक मेंटीनेंस की जिम्मेदारी होगी।- विवेक कुमार, जेई, जल निगम
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केंद्रीय जल आयोग की ओर से लागू की गई हर घर नल से जल योजना के तहत प्रत्येक घर को जलापूर्ति के लिए 2019 से जोरशोर से काम जारी है। इस दिशा में पहले चरण में प्रत्येक घर में टोंटियां व कनेक्शन देने का काम किया गया था। अगले चरण में गांवों में पानी की टंकियां बनवाने के काम को गति दी जा रही है। गांवों में जलापूर्ति के लिए प्रत्येक घर से 50 रुपये का टैक्स लिया जाएगा।
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विभागीय अधिकारियों के मुताबिक पानी की टंकियों को बनाने वाली कार्यदायी संस्था ह्यूम पाइप एजेंसी मुंबई के साथ ग्रामीणों को जागरूक करने के लिए लखनऊ की एजेंसी कृषि शैक्षणिक प्रबंधन संस्थान भी काम करेगी। इनका प्रमुख काम घर-घर जाकर लोगों को पानी की बर्बादी को रोकने के लिए जागरूक करना है। शुरुआती दौर में चिह्नित 40 गांवों में यह एजेंसी जागरुकता अभियान चलाएगी।
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लखनऊ की एजेंसी कृषि शैक्षणिक प्रबंधन संस्थान ग्रामीण क्षेत्रों में जाकर गांव वालों को पानी की बर्बादी न करने, खुली टोंटियां बंद करने, जरूरत के मुताबिक पानी का उपयोग करने के संबंध में जागरूक करेगी। वहीं कार्यदायी संस्था की ओर से बनाई जाने वाली पानी की टंकियों की देखभाल के लिए 10 साल तक मेंटीनेंस की जिम्मेदारी होगी।- विवेक कुमार, जेई, जल निगम