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Auraiya News: एमबीबीएस की काउंसलिंग शुरू, कॉलेज की मान्यता को लेकर संघर्ष जारी
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औरैया। चिचौली मेडिकल कॉलेज में इसी सत्र से एमबीबीएस कक्षा संचालन को लेकर उम्मीद टूटती नजर आ रही है।
एक ओर जहां एमबीबीएस छात्र-छात्राओं के दाखिले को लेकर समूचे देश में काउंसलिंग का दौर शुरू हो गया है, वहीं दूसरी ओर मेडिकल कॉलेज प्रशासन स्वास्थ्य मंत्रालय से लेकर एनएमसी से संपर्क करते हुए मान्यता पाने की जद्दोजहद कर रहा है। अंतिम दौर के इस संघर्ष में कक्षा संचालन की उम्मीद टूटती नजर आ रही है। हालांकि, प्रयास जारी है।
मेडिकल कॉलेज चिचौली में मरीजों के लिए ओपीडी से लेकर ऑपरेशन व अन्य तरह की स्वास्थ्य सेवाएं देने का काम बेहतर होता जा रहा है। इस सब के बीच इसी सत्र से एमबीबीएस की कक्षा संचालन को लेकर चिकित्सा शिक्षकों की मानक के अनुरूप संख्या जुटाने का क्रम भी जारी रहा। फिलहाल 40 के करीब चिकित्सा शिक्षक जुट गए हैं। तैनाती भी हो गई है। कॉलेज के 23 विभागों के अनुरूप काफी कुछ इंतजाम पूरे कर लिए गए हैं।
पहली बार एनएमसी से मान्यता को लेकर मनाही होने के बाद दोबारा से मेडिकल कॉलेज प्रशासन की ओर से अपील की गई, लेकिन अभी तक कुछ खास प्रगति देखने को नहीं मिली। मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. धर्मेंद्र कुमार एक दिन पहले दिल्ली में स्वास्थ्य मंत्रालय पहुंचे। जहां मान्यता का प्रयास जारी रहा।
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एबीबीएस की पढ़ाई को लेकर मान्यता के प्रयास किए जा रहे हैं। पूरा प्रयास है कि इसी सत्र से कक्षा संचालन शुरू हो। काउंसलिंग में मेडिकल कॉलेज भी शामिल हो। -डॉ. धर्मेंद्र कुमार, प्राचार्य मेडिकल कॉलेज, चिचौली
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एक ओर जहां एमबीबीएस छात्र-छात्राओं के दाखिले को लेकर समूचे देश में काउंसलिंग का दौर शुरू हो गया है, वहीं दूसरी ओर मेडिकल कॉलेज प्रशासन स्वास्थ्य मंत्रालय से लेकर एनएमसी से संपर्क करते हुए मान्यता पाने की जद्दोजहद कर रहा है। अंतिम दौर के इस संघर्ष में कक्षा संचालन की उम्मीद टूटती नजर आ रही है। हालांकि, प्रयास जारी है।
मेडिकल कॉलेज चिचौली में मरीजों के लिए ओपीडी से लेकर ऑपरेशन व अन्य तरह की स्वास्थ्य सेवाएं देने का काम बेहतर होता जा रहा है। इस सब के बीच इसी सत्र से एमबीबीएस की कक्षा संचालन को लेकर चिकित्सा शिक्षकों की मानक के अनुरूप संख्या जुटाने का क्रम भी जारी रहा। फिलहाल 40 के करीब चिकित्सा शिक्षक जुट गए हैं। तैनाती भी हो गई है। कॉलेज के 23 विभागों के अनुरूप काफी कुछ इंतजाम पूरे कर लिए गए हैं।
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पहली बार एनएमसी से मान्यता को लेकर मनाही होने के बाद दोबारा से मेडिकल कॉलेज प्रशासन की ओर से अपील की गई, लेकिन अभी तक कुछ खास प्रगति देखने को नहीं मिली। मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. धर्मेंद्र कुमार एक दिन पहले दिल्ली में स्वास्थ्य मंत्रालय पहुंचे। जहां मान्यता का प्रयास जारी रहा।
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एबीबीएस की पढ़ाई को लेकर मान्यता के प्रयास किए जा रहे हैं। पूरा प्रयास है कि इसी सत्र से कक्षा संचालन शुरू हो। काउंसलिंग में मेडिकल कॉलेज भी शामिल हो। -डॉ. धर्मेंद्र कुमार, प्राचार्य मेडिकल कॉलेज, चिचौली