फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Auraiya News ›   ... magroor ho gai to hukoomat chaligai

...मगरूर हो गए तो हुकूमत चली गई

Sun, 22 Feb 2015 11:36 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, औरैया
ब्यूरो/अमर उजाला, औरैया Updated Sun, 22 Feb 2015 11:36 PM IST
विज्ञापन
... magroor ho gai to hukoomat chaligai

नगर पालिका परिषद् द्वारा शरदोत्सव प्रदर्शनी में शनिवार को कुल हिंद मुशायरे का आयोजन किया गया। इसमें शायरों ने अपने कलाम से श्रोताओं को बांधे रखा। मुशायरे का आगाज प्रो. हशमत उल्ला खां व अध्यक्ष प्रतिनिधि लालजी शुक्ला ने संयुक्त रुप सेे शमं रोशन कर किया। आयोजकों ने शायरों इस्तकबाल किया। संचालक युवा कवि अजय शुक्ला ने किया।

विज्ञापन


कार्यक्रम की शुरुआत मीसंम गोपालपुरी ने नाते पाक से की। उनका शेर इतना बेजान हूं अहसास के मारों की तरह, फूल चुभते जिस्म में छालों की तरह काफी पसंद किया गया। अयाज अहमद की गजल अपने अमल से अपनी सदाकत चली गई, मगरूर हो गए तो हुकूमत चली गई, जिन लोगों ने मां-बाप की इज्जत को न समझा, हाथाें से उनके दोस्ताें जन्नत चली गई,  सुनाकर खूब वाहवाही लूटी। मशहूर शायर मुनव्वर राना ने सियासत नफरतों का जख्म भरने नहीं देती गजल सुनाई।
विज्ञापन


उनकी गजल मोहब्बत करने वालों में यह झगड़ा डाल देती है, सियासत दोस्ती की जड़ों में मट्ठा डाल देती है सुनाई। इलियास जलालाबादी ने मुझे प्यार जब से तुम्हारा मिला, मेरी जिंदगी को सहारा मिला। माजिद देवबंदी ने यह शेर पढ़ा, जरा सी बात क्या कह दी खफा से होकर रह गए, खुदा ने नूर क्या दिया खुदा हो गए। वहीं कानपुर से आई तरन्नुम कानपुरी ने बुझाने वाले चिरागे वफा बुझाते हैं, रस्ते मैं जानती हूं खतरा जरूर है, मंजिल पर फिर भी मुझे जाना जरूर है, अब रास्तों में कोई जलाता नहीं चिराग, तस्लीम सबको है कि अंधेरा जरूर है गजल सुनाई। मुशायरे में अरशद जिया मुजफ्फराबादी ने अपना कलाम गरज वाले मुसीबत वाले सिसकता छोड़ देते हैं, परिंदे सूखती झीलों को तन्हा छोड़ देते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


लखनऊ से आई नूरी परवीन ने प्यार का तकाजा है, मैं न वापस आऊंगी, उम्र भर तू रूठेगा, उम्र भर मनाऊंगी शायरी सुनाई। वहीं कुलहिंद मुशायरा में मजाहिया शायर पपलू लखनवी, जियो बांदवी, उत्तराखंड के सज्जाद झंझट ने अपनी शायरी के माध्यम से लोगों को खूद गुदगुदाया।  दूर दूर से शरदोत्सव प्रदर्शनी में शिरकत करने आए शायरों एवं गजलकारों ने औरैया शहर की जनता से खूब वाह वाही लूटने का काम किया। इससे पहले कार्यक्रम संयोजक जैनुल आबदीन, मोहम्मद इदरीश, हरीओम शर्मा, राजवीर पाल, नरेंद्र तोमर, राजेश बाजपेई, कमरुल निशा, ओमकार अग्निहोत्री, रहीस खां, अयाज अहमद अयाज ने कार्यक्रम में आए शायरों को माल्यार्पण व शाल पहनाकर सम्मानित किया।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed