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बिजली का बिल भी जमा करेंगे कोटेदार
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औरैया। विद्युत उपभोक्ताओं को बिजली का बिल जमा करने में शासन ने एक ओर सहुलियत दी है। अब उपकेंद्र व उपखंड अधिकारियों के यहां जाकर लाइन नहीं लगानी पड़ेगी। सरकारी राशन के कोटेदारों के पास बिजली का बिल जमा हो जाएगा। जनवरी माह से जिले में यह व्यवस्था शुरू कराने की तैयारी है। इसके लिए दिसंबर माह में कोटेदारों को प्रशिक्षण दिया जाएगा।
गौरतलब है कि शहरी क्षेत्र के कोटेदारों को प्रत्येक बिल में 12 रुपये, ग्रामीण क्षेत्र के कोटेदारों को बिल का 0.40 प्रतिशत कमीशन मिलेगा। अपर खाद्य सुरक्षा आयुक्त सुनील वर्मा की ओर से जारी आदेश जिले में पिछले दिनों आ चुका है। राशन की दुकानों में बिजली बिल जमा कराए जाएंगे। जिला पूर्ति विभाग दिसंबर माह में कोटेदारों को इसका विधिवत प्रशिक्षण देगा। जनवरी में बिजली बिल के उपभोक्ता कोटेदारों के यहां अपने महीने के बिल को जमा कर सकेंगे। जिले में शहरी और ग्रामीण क्षेत्र में कुल 720 कोटेदार हैं, जो अपने गांव व शहर में बिजली का बिल जमा कराएंगे। कोटेदारों को ई-पॉस मशीन से ऑनलाइन भुगतान करना होगा।
इस पॉस मशीन से क्रेडिट कार्ड या फिर डेबिट कार्ड लगाकर उपभोक्ता अपने बिल संख्या और धनराशि को डालने के बाद विभाग को रुपये सीधे भुगतान कर सकेंगे। उपभोक्ता के खाते से उतनी धनराशि कट जाएगी। उन्हें रसीद भी मिलेगी। जितना बिजली का बिल उपभोक्ता जमा करेगा। उतना बिजली विभाग के खाते में पहुंच जाएगा। हालांकि इसके लिए कोटेदार को अपना ई-पॉस रिचार्ज कराना होगा। उपभोक्ता यदि विद्युत बिल जमा करने के लिए नगद देते हैं तो ई-पॉस से रसीद काटकर कोटेदार उपभोक्ता को तत्काल थमा देगा। उपभोक्ताओं का मशीन में अंगूठा भी लगेगा, ताकि उपभोक्ता या कोटेदार भविष्य में झूठ न बोल सकें। इसके बाद कोटेदार अपने खाते से उतनी ही रकम विभाग को जमा कर देगा।
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ई-पॉस से उपभोक्ताओं का बिजली बिल जमा करने पर कोटेदारों को भी लाभ होगा। दस हजार रुपये तक बिजली का बिल अपने ई-पॉस जमा करता है तो उन्हें 12 रुपये कमीशन मिलेगा। इससे अधिक का बिल जमा करने पर कमीशन बढ़ जाएगा। प्रत्येक बिल पर कोटेदार का कमीशन तय कर दिया गया है। दिसंबर में कोटेदारों को प्रशिक्षण दिया जाएगा।
अशोक कुमार सिंह, ंजिला पूर्ति अधिकारी
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गौरतलब है कि शहरी क्षेत्र के कोटेदारों को प्रत्येक बिल में 12 रुपये, ग्रामीण क्षेत्र के कोटेदारों को बिल का 0.40 प्रतिशत कमीशन मिलेगा। अपर खाद्य सुरक्षा आयुक्त सुनील वर्मा की ओर से जारी आदेश जिले में पिछले दिनों आ चुका है। राशन की दुकानों में बिजली बिल जमा कराए जाएंगे। जिला पूर्ति विभाग दिसंबर माह में कोटेदारों को इसका विधिवत प्रशिक्षण देगा। जनवरी में बिजली बिल के उपभोक्ता कोटेदारों के यहां अपने महीने के बिल को जमा कर सकेंगे। जिले में शहरी और ग्रामीण क्षेत्र में कुल 720 कोटेदार हैं, जो अपने गांव व शहर में बिजली का बिल जमा कराएंगे। कोटेदारों को ई-पॉस मशीन से ऑनलाइन भुगतान करना होगा।
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इस पॉस मशीन से क्रेडिट कार्ड या फिर डेबिट कार्ड लगाकर उपभोक्ता अपने बिल संख्या और धनराशि को डालने के बाद विभाग को रुपये सीधे भुगतान कर सकेंगे। उपभोक्ता के खाते से उतनी धनराशि कट जाएगी। उन्हें रसीद भी मिलेगी। जितना बिजली का बिल उपभोक्ता जमा करेगा। उतना बिजली विभाग के खाते में पहुंच जाएगा। हालांकि इसके लिए कोटेदार को अपना ई-पॉस रिचार्ज कराना होगा। उपभोक्ता यदि विद्युत बिल जमा करने के लिए नगद देते हैं तो ई-पॉस से रसीद काटकर कोटेदार उपभोक्ता को तत्काल थमा देगा। उपभोक्ताओं का मशीन में अंगूठा भी लगेगा, ताकि उपभोक्ता या कोटेदार भविष्य में झूठ न बोल सकें। इसके बाद कोटेदार अपने खाते से उतनी ही रकम विभाग को जमा कर देगा।
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ई-पॉस से उपभोक्ताओं का बिजली बिल जमा करने पर कोटेदारों को भी लाभ होगा। दस हजार रुपये तक बिजली का बिल अपने ई-पॉस जमा करता है तो उन्हें 12 रुपये कमीशन मिलेगा। इससे अधिक का बिल जमा करने पर कमीशन बढ़ जाएगा। प्रत्येक बिल पर कोटेदार का कमीशन तय कर दिया गया है। दिसंबर में कोटेदारों को प्रशिक्षण दिया जाएगा।
अशोक कुमार सिंह, ंजिला पूर्ति अधिकारी