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पहले दिन विद्यार्थी कम, अव्यवस्थाएं रहीं ज्यादा
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प्राथमिक विद्यालय पढ़ीन दरवाजा में बच्चों को पढ़ाती शिक्षामित्र। संवाद
- फोटो : AURAIYA
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औरैया। जिले के 1265 परिषदीय विद्यालयों में सोमवार से पढ़ाई शुरू हो गई। पहले दिन स्कूलों में विद्यार्थियों की संख्या ना के बराबर रही। शहर क्षेत्र के परिषदीय स्कूलों में अव्यवस्थाएं देखने को मिली।
स्कूूलों में बाउंड्रीवाल न होने के कारण शौचालयों के बाहर लगीं टोंटी अराजकतत्व उखाड़ ले गए। कुछ स्कूलों के बाहर गंदगी के ढेर लगे मिले। करीब दो माह बाद स्कूल खुलने से नौनिहालों में खुशी दिखाई दी। वहीं, अभिभावकों ने भी पढ़ाई शुरू होने से राहत की सांस ली।
हालांकि किसी भी स्कूल में कोविड गाइडलाइन का पालन होता नहीं दिखा। विद्यार्थी और शिक्षक बिना मास्क नजर आए। जबकि प्राइवेट स्कूलों में व्यवस्थाएं दुरुस्त रहीं।
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शहर के पढ़ीन दरवाजा स्थित प्राथमिक विद्यालय शिक्षामित्र के भरोसे चलता मिला। विद्यालय में 85 बच्चे पंजीकृत हैं। पहले दिन 85 में मात्र 18 बच्चे उपस्थित रहे। पिछले दो वर्ष से विद्यालय शिक्षामित्र के भरोसे ही चल रहा है। इससे यहां पढ़ाई बाधित हो रही है। अभिभावक भी कई बार शिक्षकों की नियुक्ति की मांग कर चुके हैं।
सदर ब्लॉक के उच्च प्राथमिक विद्यालय दयालगंज में लंच टाइम में स्कूूल परिसर में बच्चे खेलते मिले। प्रधानाध्यापक राजीव उपाध्याय ने बताया कि पहले दिन कुुल पंजीकृत 72 में 22 बच्चे उपस्थित रहे। पहला दिन होने के कारण बच्चों की संख्या कम है। अभिभावकों से संपर्क करके छात्र संख्या बढ़ाने का प्रयास किया जाएगा।
शहर के कांशीराम कालोनी स्थित प्राथमिक विद्यालय गुरुहाई के चारों तरफ गंदगी के ढेर लगे हुए हैं। विद्यालय में पहले दिन पंजीकृत 67 बच्चों में 16 उपस्थित रहे। प्रधानाध्यापक कल्पना अवस्थी ने बताया कि बाउंड्रीवाल न होने से विद्यालयों के सामने गंदगी के ढेर लगे हैं। अराजकतत्व शौचालय की टोंटी निकाल ले गए हैं।
कांशीराम कालोनी स्थित बघाटकरा में पहले दिन 65 विद्यार्थियों में 20 उपस्थित रहे। प्रधानाध्यापक ऊषा रानी चौहान ने बताया कि बाउंड्रीवाल न होने से हर समय अराजकतत्वों का जमावड़ा लगा रहता है। यहां शौचालय की टोंटी तक निकाल ले गए हैं। परिसर में साफ सफाई के लिए नगर पालिका को कई बार पत्र लिख चुकी हैं।
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स्कूूलों में बाउंड्रीवाल न होने के कारण शौचालयों के बाहर लगीं टोंटी अराजकतत्व उखाड़ ले गए। कुछ स्कूलों के बाहर गंदगी के ढेर लगे मिले। करीब दो माह बाद स्कूल खुलने से नौनिहालों में खुशी दिखाई दी। वहीं, अभिभावकों ने भी पढ़ाई शुरू होने से राहत की सांस ली।
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हालांकि किसी भी स्कूल में कोविड गाइडलाइन का पालन होता नहीं दिखा। विद्यार्थी और शिक्षक बिना मास्क नजर आए। जबकि प्राइवेट स्कूलों में व्यवस्थाएं दुरुस्त रहीं।
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शहर के पढ़ीन दरवाजा स्थित प्राथमिक विद्यालय शिक्षामित्र के भरोसे चलता मिला। विद्यालय में 85 बच्चे पंजीकृत हैं। पहले दिन 85 में मात्र 18 बच्चे उपस्थित रहे। पिछले दो वर्ष से विद्यालय शिक्षामित्र के भरोसे ही चल रहा है। इससे यहां पढ़ाई बाधित हो रही है। अभिभावक भी कई बार शिक्षकों की नियुक्ति की मांग कर चुके हैं।
सदर ब्लॉक के उच्च प्राथमिक विद्यालय दयालगंज में लंच टाइम में स्कूूल परिसर में बच्चे खेलते मिले। प्रधानाध्यापक राजीव उपाध्याय ने बताया कि पहले दिन कुुल पंजीकृत 72 में 22 बच्चे उपस्थित रहे। पहला दिन होने के कारण बच्चों की संख्या कम है। अभिभावकों से संपर्क करके छात्र संख्या बढ़ाने का प्रयास किया जाएगा।
शहर के कांशीराम कालोनी स्थित प्राथमिक विद्यालय गुरुहाई के चारों तरफ गंदगी के ढेर लगे हुए हैं। विद्यालय में पहले दिन पंजीकृत 67 बच्चों में 16 उपस्थित रहे। प्रधानाध्यापक कल्पना अवस्थी ने बताया कि बाउंड्रीवाल न होने से विद्यालयों के सामने गंदगी के ढेर लगे हैं। अराजकतत्व शौचालय की टोंटी निकाल ले गए हैं।
कांशीराम कालोनी स्थित बघाटकरा में पहले दिन 65 विद्यार्थियों में 20 उपस्थित रहे। प्रधानाध्यापक ऊषा रानी चौहान ने बताया कि बाउंड्रीवाल न होने से हर समय अराजकतत्वों का जमावड़ा लगा रहता है। यहां शौचालय की टोंटी तक निकाल ले गए हैं। परिसर में साफ सफाई के लिए नगर पालिका को कई बार पत्र लिख चुकी हैं।