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15 लाख खर्च, फिर भी 16 सालों से पीने के पानी को तरस रहे ग्रामीण

Mon, 22 Jun 2020 10:42 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Mon, 22 Jun 2020 10:42 PM IST
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Even after spending 15 lakhs, the residents of five villages are thirsty
ग्राम पंचायत बेला में मंडी रोड पर स्वच्छ पेयजल योजना के तहत जल निगम ने 16 वर्ष पहले 15 लाख की लागत से पानी की टंकी का निर्माण कराया गया था। इस टंकी से बेला समेत पांच गांवों को जलापूर्ति कराई जानी थी।
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टंकी निर्माण के कुछ ही समय बाद पाइप लाइनों के क्षतिग्रस्त हो जाने से ग्रामीणों का इसका लाभ नहीं मिल सका।
लोगों के सामने आज भी पीने के पानी की समस्या बनी हुई है। ग्रामीणों का कहना है कि इस बारे में संबंधित विभाग के बड़े अफसरों को कई मर्तबा अवगत कराया जा चुका है, लेकिन आज तक नतीजा सिफर ही रहा है।
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स्वच्छ पेयजल योजना के तहत 16 वर्ष पहले पानी की टंकी का निर्माण कार्य पूरा होने पर जल निगम ने तत्कालीन प्रधान नौबत सिंह यादव को टंकी हस्तांतरित की थी।
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इस टंकी से बेला के अलावा मजरा बेला बस्ती, फतेहपुर, मनुआपुरवा, भवानीपुरवा, के लोगों को भी पानी दिया जाना था। इसके लिए पाइप लाइनें बिछाईं गईं थीं।
गांव वालों का कहना है कि टंकी निर्माण के बाद कुछ दिन तक तो टंकी के आसपास के क्षेत्रों में पानी की आपूर्ति हुई, लेकिन दूर के लोगों को पानी नहीं मिला। कुछ दिन बाद पाइप लाइन फटने से जलापूर्ति बंद कर दी गई।
तब से आज तक पानी की टंकी शो पीस बनकर खड़ी है। ग्रामीण राजेंद्र बाबू मिश्रा, विमल दुबे, शीलू कुशवाहा, जेपी त्रिवेदी, आशाराम द्विवेदी, गेंदालाल शाक्य व शशांक सैनी ने बताया कि कई वर्षों से पानी न आने से सबमर्सिबल भी खराब हो गया है।

समस्या से निजात के लिए जिले के बड़े अधिकारियों के साथ-साथ मुख्यमंत्री तक फरियाद कर चुके हैं, लेकिन अभी तक सुनवाई नहीं हुई।
वहीं, ग्राम पंचायत सचिव राघवेंद्र चौहान का इस बाबत कहना है कि एक महीने पहले ही उन्हें इस क्षेत्र की जिम्मेदारी मिली है।
उन्हें इस संबंध में कोई जानकारी नहीं हैं। वहीं, ग्राम प्रधान संतोष कुमारी चौहान ने बताया कि टंकी का सबमर्सिबल पंप सही है। पाइप लाइन लीकेज है। इसी वजह से घरों में पानी नहीं पहुंच रहा है।
उन्होंने बताया कि ग्राम पंचायत के खाते में शासन की ओर से टंकी के लिए कोई पैसा नहीं आया है।
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