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गर्मी के प्रकोप से अस्पताल के बेड मरीजों से फुल
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ओपीडी में मरीज देखते डॉ. फिरोज खान। संवाद
- फोटो : AURAIYA
औरैया। मौसम बदलने से भीषण गर्मी में लोग बीमारियों की चपेट में आ रहे हैं। 50 शैया संयुक्त जिला चिकित्सालय के वार्ड इन दिनों डायरिया, डिहाईड्रेशन, लू, पेट व सिर दर्द समेत अन्य मौसमी बीमारियों से ग्रसित मरीजों से फुल हैं। डॉक्टर सभी को गर्मी से बचाव व खानपान में सावधानी बरतने की सलाह दे रहे हैं।
मौसम के तल्ख होते तेवर से बढ़ रही तपिश व गर्मी से अस्पतालों में हीट स्ट्रोक व उल्टी-दस्त के मरीजों की संख्या में इजाफा हो रहा है। शनिवार के दिन 50 शैया संयुक्त जिला चिकित्सालय में 350 से अधिक मरीज इलाज कराने के लिए पहुंचे। इसमें डायरिया, लू, डिहाइड्रेशन, पेट व सिर दर्द, पेशाब में जलन, घबराहट, शरीर में कमजोरी समेत अन्य मर्ज के मरीज शामिल रहे।
ओपीडी में मौजूद बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. पंकज कुमार ने बताया कि प्रतिदिन 50 से अधिक मरीज डायरिया की चपेट में आ रहे हैं, इनमें बच्चे भी शामिल हैं। शनिवार को भी 50 से अधिक मरीज डायरिया की चपेट में आए। इनमें से पांच से छह मरीजों को अस्पताल के वार्ड में भर्ती करना पड़ा।
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इन दिनों अस्पताल के बेड मौसमी बीमारियों से ग्रसित मरीजों से भरे पड़े हैं। साथ ही बच्चों में लाल-लाल दाने व चकत्ते पड़ने की भी समस्या हो रही है। ओपीडी कक्ष में मौजूद डॉ. फिरोज खान ने बताया कि गर्मी की वजह से लोगों में पेशाब में जलन की समस्या हो रही है।
सलाह दी कि गर्मी के मौसम में पानी अधिक से अधिक पीना चाहिए। ओआरएस घोल, ग्लूकोज, इलेक्ट्राल पाउडर व एनर्जल का सेवन भी इन दिनों ज्यादा से ज्यादा करना चाहिए ताकि शरीर से पसीना निकलने की वजह से आयोडीन की कमी न हो। नींबू पानी जरूर पीएं। खासकर गर्मी से बचाव करते हुए खानपान पर विशेष ध्यान देना चाहिए।
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मौसम के तल्ख होते तेवर से बढ़ रही तपिश व गर्मी से अस्पतालों में हीट स्ट्रोक व उल्टी-दस्त के मरीजों की संख्या में इजाफा हो रहा है। शनिवार के दिन 50 शैया संयुक्त जिला चिकित्सालय में 350 से अधिक मरीज इलाज कराने के लिए पहुंचे। इसमें डायरिया, लू, डिहाइड्रेशन, पेट व सिर दर्द, पेशाब में जलन, घबराहट, शरीर में कमजोरी समेत अन्य मर्ज के मरीज शामिल रहे।
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ओपीडी में मौजूद बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. पंकज कुमार ने बताया कि प्रतिदिन 50 से अधिक मरीज डायरिया की चपेट में आ रहे हैं, इनमें बच्चे भी शामिल हैं। शनिवार को भी 50 से अधिक मरीज डायरिया की चपेट में आए। इनमें से पांच से छह मरीजों को अस्पताल के वार्ड में भर्ती करना पड़ा।
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इन दिनों अस्पताल के बेड मौसमी बीमारियों से ग्रसित मरीजों से भरे पड़े हैं। साथ ही बच्चों में लाल-लाल दाने व चकत्ते पड़ने की भी समस्या हो रही है। ओपीडी कक्ष में मौजूद डॉ. फिरोज खान ने बताया कि गर्मी की वजह से लोगों में पेशाब में जलन की समस्या हो रही है।
सलाह दी कि गर्मी के मौसम में पानी अधिक से अधिक पीना चाहिए। ओआरएस घोल, ग्लूकोज, इलेक्ट्राल पाउडर व एनर्जल का सेवन भी इन दिनों ज्यादा से ज्यादा करना चाहिए ताकि शरीर से पसीना निकलने की वजह से आयोडीन की कमी न हो। नींबू पानी जरूर पीएं। खासकर गर्मी से बचाव करते हुए खानपान पर विशेष ध्यान देना चाहिए।

बच्चे के शरीर में लाल दाने की समस्या होने पर दवाई लिखते डॉ. पंकज कुमार। संवाद- फोटो : AURAIYA

50 शैया संयुक्त जिला चिकित्सालय के बेड मरीजों से फुल। संवाद- फोटो : AURAIYA